Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीइब्रानियों 5:12 बाइबल पद की व्याख्या
इब्रानियों 5:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
समय के विचार से तो तुम्हें गुरु हो जाना चाहिए था, तो भी यह आवश्यक है, कि कोई तुम्हें परमेश्वर के वचनों की आदि शिक्षा फिर से सिखाए? तुम तो ऐसे हो गए हो, कि तुम्हें अन्न के बदले अब तक दूध ही चाहिए।
इब्रानियों 5:12 पद-दर-पद बाइबल टीका
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इब्रानियों 5:12 समानांतर पद और संबंधित वचन
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इब्रानियों 6:1 (HINIRV) »
इसलिए आओ मसीह की शिक्षा की आरम्भ की बातों को छोड़कर, हम सिद्धता की ओर बढ़ते जाएँ, और मरे हुए कामों से मन फिराने, और परमेश्वर पर विश्वास करने,

1 कुरिन्थियों 3:1 (HINIRV) »
हे भाइयों, मैं तुम से इस रीति से बातें न कर सका, जैसे आत्मिक लोगों से परन्तु जैसे शारीरिक लोगों से, और उनसे जो मसीह में बालक हैं।

1 पतरस 2:2 (HINIRV) »
नये जन्मे हुए बच्चों के समान निर्मल आत्मिक दूध की लालसा करो*, ताकि उसके द्वारा उद्धार पाने के लिये बढ़ते जाओ,
इब्रानियों 5:12 पर टिप्पणी — हिंदी विश्लेषण
यह वचन एक प्रेरणादायक सत्य को उद्घाटित करता है: विश्वासयोग्यों की उम्र बढ़ने के साथ उनकी धारणा और शिक्षा के स्तर भी बढ़ना चाहिए, ताकि वे परमेश्वर के वचनों की गहरी समझ और धार्मिक अनुशासन में स्थिर रह सकें। लेखक यहाँ पुरानी स्थिति का स्मरण कराता है कि शुरुआती समय में उन्होंने जिन्हें दूध कहा गया—यानी सरल उपदेश जो शुरुआती विश्वास के लिए पर्याप्त थे—अब उन्हें शरीरों की गहराई और व्यावहारिक अनुप्रयोग के साथ अन्न, उच्च स्तर के शिक्षण की आवश्यकता है।
पद का परिचय chapter के संदर्भ में
इब्रानियों का संदेश उन ख्रीस्तीयों के लिए है जो ईश्वर के प्रति विश्वास में स्थिर होना चाहते हैं; यह पाठ उन छात्रों के लिए चेतावनी है जो धार्मिक शिक्षा के प्रारम्भिक चरण से नहीं उबर पाते। इस 위치 पर लेखक कहता है कि समय के हिसाब से उन्हें गुरु हो जाना चाहिए था; परन्तु अब भी उन्हें परमेश्वर के वचनों की आदि शिक्षा—यानी मौलिक, आधारभूत शिक्षाओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
मुख्य आध्यात्मिक शिक्षा
अनुकरणीय संदर्भ (Cross-references)
इन पंक्तियों के साथ कुछ अन्य अनुभाग मिलकर यह विचार बनाते हैं कि ईमानदार जीने के लिए निरंतर आध्यात्मिक भोजन आवश्यक है:
इन संदर्भों से एक सामान्य धारा निकलती है: विश्वास का विकास शिक्षण, अनुप्रयोग और स्थिरता पर निर्भर है।
पूर्व-वाक्यों से पाठक के लिए अनुप्रयोग
हर ईमानदार व्यक्ति को यह पूछना चाहिए: क्या मैं वास्तविक गहराई में ईश्वरीय वचन को समझने हेतु आगे बढ़ रहा हूँ? यदि आप अभी भी “दुध” पर टिके हैं, तो यह समय है कि आप शिक्षण की गहराई को शामिल करें: धारणा, विवेक, और नैतिक अनुप्रयोग।
व्यावहारिक कदम:
संक्षेपण
इस वचन में संदेश स्पष्ट है: आध्यात्मिक विकास के लिए गम्भीर शिक्षा, निरंतर अभ्यास और जीवन-परिवर्तन की आवश्यकता है। दूध से अन्न की ओर बढ़ना संभव है यदि श्रद्धालु अपने आप को शिक्षा के लिए खुला रखें और परमेश्वर के वचन को अपनी दैनिक जिंदगी में केंद्र बनाएँ।
मौलिक टिप्पणी से संक्षेपण उद्धरण (महान जनों से): "समय के अनुसार तुम्हें गुरु हो जाना चाहिए था"—यह निष्कर्ष Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के परीक्षित विचारों में एक सामान्य धारा है: शिक्षा में स्थिरता और मिष्ठ शिक्षण का महत्त्व।