Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीइब्रानियों 5:5 बाइबल पद की व्याख्या
इब्रानियों 5:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
वैसे ही मसीह ने भी महायाजक बनने की महिमा अपने आप से नहीं ली, पर उसको उसी ने दी, जिस ने उससे कहा था, “तू मेरा पुत्र है, आज मैं ही ने तुझे जन्माया है।” (भज. 2:7)
इब्रानियों 5:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
इब्रानियों 5:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

भजन संहिता 2:7 (HINIRV) »
मैं उस वचन का प्रचार करूँगा: जो यहोवा ने मुझसे कहा, “तू मेरा पुत्र है; आज मैं ही ने तुझे जन्माया है।” (मत्ती 3:17, मत्ती 17:5, मर. 1:11, मर. 9:7, लूका 3:22, लूका 9:35, यूह. 1:49, प्रेरि. 13:33, इब्रा. 1:5, इब्रा. 5:5, 2 पत. 1:17)

यूहन्ना 7:18 (HINIRV) »
जो अपनी ओर से कुछ कहता है, वह अपनी ही बढ़ाई चाहता है; परन्तु जो अपने भेजनेवाले की बड़ाई चाहता है वही सच्चा है, और उसमें अधर्म नहीं।

यूहन्ना 8:54 (HINIRV) »
यीशु ने उत्तर दिया, “यदि मैं आप अपनी महिमा करूँ, तो मेरी महिमा कुछ नहीं, परन्तु मेरी महिमा करनेवाला मेरा पिता है, जिसे तुम कहते हो, कि वह हमारा परमेश्वर है।
मुख्य बिंदु
इब्रानियों 5:5 स्पष्ट करता है कि मसीह ने महायाजक का गौरव स्वयं नहीं ले लिया, बल्कि उसे पिता ने दिया—एक स्वीकृति जो पवित्र संबंध और श्रेष्ठ सेवा की पुष्टि करती है। यह पद हमें यीशु की दायित्वपूर्ण नियुक्ति और पितृत्व के उद्घोष के बीच का अंतर्निहित संबंध बताता है।
साहित्यिक संदर्भ
इब्रानियों का लेखक यह दिखाने का प्रयत्न कर रहा है कि यीशु पुराने नियम के याजकों से श्रेष्ठ है। अंश में लेखक याजक-सेवा की योग्यता और नियुक्ति पर ध्यान देता है: इब्रानियों 5:1–4 याजक की मानव कमजोरी और दैवीय बुलावे पर प्रकाश डालते हैं। 5:5 में लिखित उद्धरण (भजन संहिता 2:7) के माध्यम से लेखक यह प्रमाणित करता है कि परम पिता ने मसीह के महायाजकत्व को आधिकारिक स्वीकृति दी—यह मानव चयन नहीं, परें तर्कसंगत दिव्य नियुक्ति है।
धार्मिक और सैद्धान्तिक महत्व
यह पद तीन प्रमुख सिद्धांत उठाता है:
पवित्र शास्त्र के साथ संबंध
कुछ प्रमुख सम्बंध:
परम्परागत टिप्पणी से उपयोगी उद्धरण
मैथ्यू हेनरी का संक्षिप्त विचार सहायक है: "यही वह तरीका है जिससे परमेश्वर ने मसीह को महायाजक के रूप में प्रतिष्ठित किया।" (संक्षेप में उद्धृत — Matthew Henry)।
अल्बर्ट बार्न्स का संक्षिप्त अवलोकन कहता है कि यह पद मसीह की नियुक्ति को मानवीय नहीं, पर दैवीय घोषित करता है। (संक्षेप उद्धरण — Albert Barnes)।
चिंतन के लिए प्रश्न
संक्षेप
इब्रानियों 5:5 बताता है कि यीशु की महायाजकता एक दैवीय नियुक्ति है—पिता का उद्घोष उसे पुत्र और सौंपे गए कर्तव्यों दोनों का अधिकार देता है। यह पद मसीह की मध्यस्थता, सहानुभूति और परमेश्वर द्वारा मान्यता को जोड़कर उसके सेवा-स्वभाव की वैधानिकता पर प्रकाश डालता है। परंपरागत व्याख्याएँ इस बात पर सहमत हैं कि यह उद्घोष मसीह की विशिष्टता और उसकी पवित्र सेवा की अनुमति की निर्णायक पुष्टि है।