Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 तीमुथियुस 3:14 बाइबल पद की व्याख्या
1 तीमुथियुस 3:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
मैं तेरे पास जल्द आने की आशा रखने पर भी ये बातें तुझे इसलिए लिखता हूँ,
1 तीमुथियुस 3:14 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 तीमुथियुस 3:14 समानांतर पद और संबंधित वचन
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फिलिप्पियों 1:22 (HINIRV) »
पर यदि शरीर में जीवित रहना ही मेरे काम के लिये लाभदायक है तो मैं नहीं जानता कि किसको चुनूँ।

1 कुरिन्थियों 11:34 (HINIRV) »
यदि कोई भूखा हो, तो अपने घर में खा ले जिससे तुम्हारा इकट्ठा होना दण्ड का कारण न हो। और शेष बातों को मैं आकर ठीक कर दूँगा।

1 कुरिन्थियों 16:5 (HINIRV) »
और मैं मकिदुनिया होकर तुम्हारे पास आऊँगा, क्योंकि मुझे मकिदुनिया होकर जाना ही है।
1 तीमुथियुस 3:14 — तुरंत आने की आशा के साथ यह लेखन
इस पवित्र पत्र के सिलसिले में यह वाक्य उन बातों को स्पष्ट करता है जिन्हें पौलुस क्रमबद्ध तरीके से लिखना चाहता है ताकि तीमुथियुस दृढ़ रहे और चर्च के काम में निरंतर प्रेरित रहे। पूर्वकथित संदेशन में वह बताता है कि जो बातें लिखी गई हैं वे तात्कालिक सुरक्षा की आकांक्षा नहीं, बल्कि मार्गदर्शक उद्देश्य से हैं ताकि पुश्तैनी विश्वासी ज्योति में खड़े रहें, चाहे समय कैसे भी बदले।
पद का तात्पर्य: ईश्वर और विश्वास के प्रति स्पष्ट बात
यह वाक्य संकेत करता है कि ईश्वर के साथ सम्बद्ध विश्वास और आस्था के बारे में जो बातें लिखी गई हैं, वे केवल त्वरित भविष्यसूचना नहीं हैं, बल्कि सतत मार्गदर्शन हैं जो तीमुथियुस को, और समस्त विश्वासी समुदाय को, भरोसा बनाए रखने और सचेत रहने के लिए दी गई हैं। यदि किसी समय में मिलने वाली कठिनाइयाँ आएँ या चर्च नया संघर्ष भी देखे, तब भी ये शिक्षकियाँ उठती रहती हैं—ताकि विश्वास निर्बलों का शिखर बनकर काम दे और सिंहावलोकन कभी न टूटे।
मुख्य शब्दों का स्पष्टीकरण
सम्बद्ध बाइबिले संदर्भ और उनके विचार
इन विचारों को समझने के लिए नीचे तीन संदर्भ दिए जा रहे हैं, जो इस शिक्षात्मक धारा से प्रेरित हैं:
आज के युग में व्यवहारिक अनुप्रयोग
1 तीमुथियुस 3:14 का सीधा संकेत है कि विश्वास-यात्रा में स्थिर रहना आवश्यक है। विचलन या तात्कालिक कठिनाइयों में भी, ईश्वर के प्रति हमारे विश्वास को बनाए रखना, समुदाय के बीच शांति और अनुशासन को मजबूत कर देता है। प्रस्तुत लेखन हमें ये सिखाता है कि भरोसा और दायित्व का संयोजन कैसे चर्च को स्थिर रखे, अध्ययनों और पवित्र जीवन शैली से पाठशाला बनाकर।
फैक्ट-आउट: सम्पूर्ण सार
पौलुस कह रहे हैं कि वे तीमुथियुस के लिए जल्द मिलने की आशा रखते हैं, परन्तु यह आशा तब तक है जब तक शब्दों के भीतर शिष्यत्व और सेवकाई की शिक्षा सुरक्षित रहे। इस वाक्य के पीछे का उद्देश्य न केवल सूचना है, बल्कि साधनों के साथ मजबूत विश्वास की गारंटी भी है।
साउंड-इनसाइट्स के अनुसार (summary): यह पाठ हमें याद दिलाता है कि आस्था के लिए स्थिरता और मार्गदर्शन अत्यावश्यक है; आशा के साथ लिखा गया यह पाठ एक संरचनात्मक मार्गदर्शक है ताकि विश्वासी अपनी रेखा पर खड़े रहें और चर्च एकजुट रहे।