Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 तीमुथियुस 3:9 बाइबल पद की व्याख्या
1 तीमुथियुस 3:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
पर विश्वास के भेद को शुद्ध विवेक से सुरक्षित रखें।
1 तीमुथियुस 3:9 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 तीमुथियुस 3:9 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 तीमुथियुस 1:19 (HINIRV) »
और विश्वास और उस अच्छे विवेक को थामे रह जिसे दूर करने के कारण कितनों का विश्वास रूपी जहाज डूब गया।

1 तीमुथियुस 1:5 (HINIRV) »
आज्ञा का सारांश यह है कि शुद्ध मन और अच्छे विवेक, और निष्कपट विश्वास से प्रेम उत्पन्न हो।

2 यूहन्ना 1:9 (HINIRV) »
जो कोई आगे बढ़ जाता है, और मसीह की शिक्षा में बना नहीं रहता, उसके पास परमेश्वर नहीं*। जो कोई उसकी शिक्षा में स्थिर रहता है, उसके पास पिता भी है, और पुत्र भी।
1 तीमुथियुस 3:9 — शुद्ध विवेक के साथ विश्वास के भेद को सुरक्षा
इस पद में प्रेरित पौलुस उन सदस्यों की बात कर रहे हैं जिन्हें प्रतिष्ठित भूमिका के लिए चुना गया है, ताकि वे विश्वास और धार्मिक व्यवहार के भेद को मजबूती से संजोए रखें। शुद्ध विवेक से सुरक्षा रखने का आशय है: सत्य के साथ कट्टर जुड़ाव, deceitful शिक्षाओं से दूर, और ईमानदारी से पवित्र गोपनीयताओं को संभालना।
साहित्यिक संदर्भ
तीन प्रकार के निर्देशों में यह वाक्य साफ-साफ यह बताता है कि विश्वास के विकास और सुरक्षित रहने के लिए विवेक एक निर्णायक ढाल है। प्रायः इस प्रकार के विवेक को धर्मशास्त्र से जुड़े उन भेदों के प्रतीक के रूप में देखा गया है जो असत्य और भ्रम से उभरकर आता है। प्रेरित पौलुस यह नहीं चाहते कि साधारण ज्ञान पर निर्भर रहकर हम असत्य को आकर्षित करें, बल्कि चित्त को साफ और सत्य के अनुसार बनाए रखें।
केवल-प्रचलन के कारण और theologicalSignificance
शुद्ध विवेक का अर्थ है सत्य-आधारित समझ, जो अनुभव से पुष्ट होती है और पवित्र आत्मा की दिशा में उन्मुख रहती है। यह भेद है, जिसे सुरक्षित रखने के लिए शब्द-युक्ति, कर्म और आलोचनात्मक आत्म-निरीक्षण आवश्यक है। यह न सिर्फ व्यक्तिगत विश्वास को मजबूत बनाता है, बल्कि समुदाय के बीच खतरे के संकेतों को पहचानने और उनके विरुद्ध साहस से प्रतिक्रिया करने में मदद करता है।
पवित्र दस्तावेजों के बीच सम्बद्ध संबंध
इन संदर्भों से स्पष्ट है कि भेद की सुरक्षा विवेक के निरीक्षण और परमेश्वर के मार्गदर्शन के साथ है, ताकि साधक सत्य के साथ जुड़े रहें और भ्रम से बचें।
ाम्नान-प्रश्न और आत्म-चिंतन
संक्षिप्त निष्कर्ष
Believers are called to guard the mystery of the faith with a pure conscience. शुद्ध विवेक वह मार्ग है जो विश्वास के भेद को प्रामाणिक बनाए रखता है, भ्रम और egwu से सुरक्षा देता है, और जीवन के हर कदम में सत्य के प्रकाश को बनाए रखता है। यह विवेक परमेश्वर के निर्देशों के अनुरूप जीवन जीने में मदद करता है और समुदाय को एक महान धुरी पर स्थिर रखता है।
शीर्ष उद्धरण (संदर्भित फायदे के लिए)
Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-उद्धरण से यदि उपयोग किया गया हो, तो नीचे उनकी संक्षिप्त निबंध-आधारित धारणाएँ हैं:
अनुमत उद्धरण: "Pure conscience, in faith's mysteries, keeps the great truth from being corrupted." (महत्वपूर्ण शब्द-विश्वास के भेद पर विवेक का सुरक्षा-कार्य)
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