Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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2 इतिहास 7:1 2 इतिहास 7:2 2 इतिहास 7:3 2 इतिहास 7:4 2 इतिहास 7:5 2 इतिहास 7:6 2 इतिहास 7:7 2 इतिहास 7:8 2 इतिहास 7:9 2 इतिहास 7:10 2 इतिहास 7:11 2 इतिहास 7:12 2 इतिहास 7:13 2 इतिहास 7:14 2 इतिहास 7:15 2 इतिहास 7:16 2 इतिहास 7:17 2 इतिहास 7:18 2 इतिहास 7:19 2 इतिहास 7:20 2 इतिहास 7:21 2 इतिहास 7:22



अर्थ का सीधे शब्दों में सार
2 इतिहास 7:18 में परमेश्वर ने वाचा के रूप में दाऊद के घर वाले राजघट को स्थिर रखने का वादा किया है: वह कहता है कि तेरे राज्य का अधिकार स्थिर रहेगा, जैसे मैंने दाऊद के साथ किया वाचा बाँधी थी कि तेरा वंश इस्राएल पर प्रभुता करेगा। यह वादा राज्य-स्थायित्व और परमेश्वर की कृपा के संगम को दर्शाता है, न कि बिना प्रयास के आस्तित्व का आश्वासन।
प्रसंग-लेख जो समझ को गहराते हैं
यह पंक्ति राजा सुलैमान के समय के नजदीकी संदर्भ के साथ जुड़ी है, जब परमेश्वर ने उन्हें यह कहकर आशीष दी कि उनका राजवंश स्थिर रहेगा, बशर्ते वे परमेश्वर के नियमों के अनुसार चलें। यह वाचा दाऊद के साथ किए गए समझौते की आत्मा को आगे बढ़ाती है, जिसमें राज्य-स्थायित्व और प्रभुता का अर्थ दैवीय उद्देश्य से जुड़ता है।
interpretive observations
छोटा विषयसूची (थीम)
अनुदेशीय Cross-References
व्याख्यात्मिक ज्वाला: ये संदर्भ दिखाते हैं कि परमेश्वर किस प्रकार कुटुम्ब-राज्य के साथ सामंजस्य बनाकर ईश्वर की स्थिर कृपा देता है, जब शासन सत्य और धर्मी नेतृत्व के अनुरूप चलता है।
प्रायोगिक निष्कर्ष
इस वचन से सीख मिलती है कि सत्ता की स्थिरता केवल सत्ता के लिए नहीं, बल्कि परमेश्वर के विश्वासयोग्य लोगों के साथ न्यायपूर्ण और धार्मिक शासन के परिणामस्वरूप आती है। व्यक्तिगत स्तर पर, आप यदि ईश्वर के नियमों के पालन में दृढ़ रहें, तो आपके जीवन में भी आशीष और मार्गदर्शन का स्थायित्व बन सकता है।
मूल संदर्भ से जुड़े टिप्पणीकारों के संक्षिप्त विचार
Matthew Henry के अनुसार यह वादा दाऊद के घर पर संकेत है कि परमेश्वर उनकी लगन, पवित्रता और राज-उत्तरदायित्व के कारण राज्य-स्थायित्व देगा, परन्तु यह भी स्पष्ट करता है कि चेतावनी के साथ उनका विश्वास और पालन आवश्यक है। Albert Barnes इस वाक्यांश को दाऊद के घर की निष्ठा और परमेश्वर की वाचा के बीच गहरे संबंध के रूप में देखते हैं। Adam Clarke इसे इतिहास-प्रसंग के साथ देखते हुए, परमेश्वर की कर्तव्य-निष्ठा के साथ राज्य-स्थायित्व के ऐतिहासिक-धार्मिक अर्थ को स्पष्ट करते हैं। (ऐतिहासिक commentary से गूढ़ पंक्तियाँ—संकेत: “स्थिर रखूँगा”—उसी वृतांत की गूढ़ता को उजागर करती हैं।)
इन विचारों के साथ, यह निष्कर्ष निकलता है कि परमेश्वर की योजना और वाचा तब तक सुदृढ़ रहती है जब राजा और देश ईश्वर के मार्ग का पालन करते हैं, और यह वचन आज भी विश्वासयोग्यों को आशीर्वाद और स्थायित्व का आश्वासन देता है, जब वे नीतिगत और नैतिक रूप से ईश्वर-केन्द्रित रहते हैं।