Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 कुरिन्थियों 12:1 2 कुरिन्थियों 12:2 2 कुरिन्थियों 12:3 2 कुरिन्थियों 12:4 2 कुरिन्थियों 12:5 2 कुरिन्थियों 12:6 2 कुरिन्थियों 12:7 2 कुरिन्थियों 12:8 2 कुरिन्थियों 12:9 2 कुरिन्थियों 12:10 2 कुरिन्थियों 12:11 2 कुरिन्थियों 12:12 2 कुरिन्थियों 12:13 2 कुरिन्थियों 12:14 2 कुरिन्थियों 12:15 2 कुरिन्थियों 12:16 2 कुरिन्थियों 12:17 2 कुरिन्थियों 12:18 2 कुरिन्थियों 12:19 2 कुरिन्थियों 12:20 2 कुरिन्थियों 12:21



सीधा अर्थ और मुख्य संदेश
कुल मिलाकर यहाँ कहा गया है कि परमेश्वर का अनुग्रह हमारे अभावों के बीच भी पर्याप्त है, और परमेश्वर की शक्ति तब ही प्रकट होती है जब हमारी निर्बलताएँ स्पष्ट हो जाती हैं। इसलिए नम्रता और विश्वास के साथ रिकॉर्ड किया गया प्रमुख पाठ यह है कि मेरे परीक्षणों में भी मसीह की शक्ति साथ है।
पृष्ठभूमि और प्रसंग
2 कुरिन्थियों 12 में पौलुस अपनी योग्यता-गणित से बचने के लिए एक अस्पष्ट “कठिन” अवस्था को पेश करता है। वह कथा यह बताती है कि वह अपने अनुसार भरी बुद्धि नहीं चाहता, बल्कि ईश्वर के अनुग्रह के भरोसे पर जीता है। उसी क्रम में इस वचन में मसीह की शक्ति निर्बलता में प्रभावी होती है—यह बताता है कि आधिकारिक ताकत से नहीं, बल्कि दिव्य कृपा से विश्वास बढ़ता है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
मुख्य विषय विचार
अनुशंसित क्रॉस-रेफरेंसेस और संक्षिप्त व्याख्या
यथार्थ समझ के लिए तीन संदर्भ जिनसे विचार गहराते हैं:
पश्चिमी टिप्पणियाँ से संक्षिप्त सयंत्र
मत्ती हेनरी, ऐल्बर्ट बर्न्स और एडम क्लार्क जैसी चर्चित पुरालेख टिप्पणियों में से सार यह है कि प्रभु का अनुग्रह कमजोरी के क्षणों में भी परम शक्ति को सक्षम बनाता है; यह स्वाभाविक नहीं, बल्कि दिव्य प्रेरणा है—जो हमें ईश्वर के कार्य के सामने निर्भय बनाती है।
संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष
सूचित उद्धरण (खास मौलिक संदर्भ)
यदि आप Matthew Henry, Albert Barnes, या Adam Clarke के शब्दों के छोटे-छोटे स्पष्ट उद्धरण चाहते हों, नीचे उनके अभिग्रहित विचारों के संकेत दिए जाते हैं; पूर्ण उद्धरण साइट-संदर्भ के अनुसार देखें:
नोट: नीचे केवल उनके चिंतन के अंश-चिह्नित संकेत दिए गए हैं, पूर्ण उद्धरण अभी मत-आवश्यक नहीं है:
इस पवित्र पाठ का केंद्र यह है कि परमेश्वर का अनुग्रह और शक्ति हमारी निर्बलताओं से ऊपर उठकर सही दिशा देता है, ताकि मसीह की प्रबलता हर स्थिति में दिखे।