Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 कुरिन्थियों 2:1 2 कुरिन्थियों 2:2 2 कुरिन्थियों 2:3 2 कुरिन्थियों 2:4 2 कुरिन्थियों 2:5 2 कुरिन्थियों 2:6 2 कुरिन्थियों 2:7 2 कुरिन्थियों 2:8 2 कुरिन्थियों 2:9 2 कुरिन्थियों 2:10 2 कुरिन्थियों 2:11 2 कुरिन्थियों 2:12 2 कुरिन्थियों 2:13 2 कुरिन्थियों 2:14 2 कुरिन्थियों 2:15 2 कुरिन्थियों 2:16 2 कुरिन्थियों 2:17



मुख्य व्याख्या बिंदु
2 कुरिन्थियों 2:5 में पौलुस संकेत दे रहे हैं कि अगर किसी ने भी उदास किया है, तो जिम्मेदारी केवल विरोद्ध नहीं है—बल्कि वह मूक पीड़ा भी जिसे समूह ने सहन किया है, एक प्रकार से सभी को काटकर चुभती है। न केवल व्यक्तिगत दर्द का समाधान चाहिए, बल्कि समुदाय के लिए उदार चुसाई हुई करुणा और क्षमा आवश्यक है ताकि गलती के कारण विश्वास-समुदाय वापस एक साथ आ सके।
साहित्यिक संदर्भ
इस पद के पीछे 2 कुरिन्थियों की पुस्तक के भीतर एक गहरे असंतोष और सुधार की प्रक्रिया बैठी है। पोवेल जूनियर समूह के भीतर हुए दुखद घटनाक्रमों के बाद भी, वह विनम्रता और परोपकार की राह खोलते हैं—कहा गया है कि अगर किसी ने उदास किया है, तो मुझे ही नहीं वरन् आप सब पर भी इसका प्रभाव पड़ा है।
धर्मशास्त्रीय महत्व
- क्षमा और संयम: समूह को यह याद दिलाता है कि दोष से निपटना केवल दंड नहीं, बल्कि क्षमा और पुनःस्थापन के मार्ग की जरूरत है।
- सामुदायिक एकता: उदासी के कारण पृथक्करण नहीं, बल्कि प्रेम के साथ पुनः जोड़ना है ताकि साहचर्य और विश्वास पुनर्जीवित हो सके।
पाठ-परिवेश (लिटरेरी संदर्भ)
पौलुस यहाँ उन विचारों से जुड़ते हैं जो पुराने टेस्टामेंट की सामुदायिक सुधार-व्यवस्था से भी मिलते हैं: दोषी के लिए संयम, परस्पर प्रेम, और विश्वासियों का परस्पर ख्याल रखना।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त संकेत)
विचार-प्रश्न
अनुमानित निष्कर्ष
यह पद मूलतः बताता है कि कठिन क्षणों में भी ईश्वर की करुणा और एकता बनी रहे, ताकि चर्च एक समान प्रेम से बाँधकर आगे बढ़ सके। सही लहजे में प्रेरणा वह है जो उदासी से पैदा हुए दबाव को कम करे, दोषी को क्षमा दे, और समुदाय को पुनः एकता के साथ अग्रसर करे।
संक्षिप्त संकेत: अन्य समान उद्धरण
मैथ्यू हेनरी, ऐल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के सार्वजनिक-डोमेन्ट उद्धरण के कारण—यदि उपलब्ध हों—इनमें से किसी एक का संक्षेप गई कथन जो पाठ के साथ संगत हो, उसे नीचे उद्धृत किया जाता है।
नीचे उद्धृत प्रत्यक्ष कथन (यदि उपलब्ध)
नोट: उपलब्ध होने पर ही पूर्ण वाक्य उद्धरण शामिल होंगे।
निष्कर्ष के लिए सार
2 कुरिन्थियों 2:5 का संदेश समुदाय की संवेदना, क्षमा और पुनःस्थापन की महत्ता को रेखांकित करता है। अगर किसी ने उदास किया है, तो यह न केवल उसका व्यक्तिगत कष्ट है बल्कि पूरे समूह के प्रेम-बंधन पर आ सकता है; इसलिए करुणा, नम्रता, और दयालुता से ही चोटों की मरम्मत संभव है।