Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 कुरिन्थियों 3:1 2 कुरिन्थियों 3:2 2 कुरिन्थियों 3:3 2 कुरिन्थियों 3:4 2 कुरिन्थियों 3:5 2 कुरिन्थियों 3:6 2 कुरिन्थियों 3:7 2 कुरिन्थियों 3:8 2 कुरिन्थियों 3:9 2 कुरिन्थियों 3:10 2 कुरिन्थियों 3:11 2 कुरिन्थियों 3:12 2 कुरिन्थियों 3:13 2 कुरिन्थियों 3:14 2 कुरिन्थियों 3:15 2 कुरिन्थियों 3:16 2 कुरिन्थियों 3:17 2 कुरिन्थियों 3:18



सीधे अर्थ की बात
पाने योग्य योग्यता हमारे अपने कारण से नहीं, पर परमेश्वर की कृपा और बुलाहट से है। यह निर्भरता मानव समर्थता पर नहीं, परमेश्वर के कार्य पर विश्वास रखने की प्रेरणा देती है।
संदर्भ-भूमिका
2 कुरिन्थियों 3 अध्याय में पौलुस अपनी योग्यता के स्रोत को स्पष्ट करते हैं। वे नए साक्ष्य के प्रकाश में परमेश्वर के विपुल कार्य को मानते हैं, और बताते हैं कि यह मंगल-प्रचार के लिए हमारी क्षमताओं के बजाय परमेश्वर की अगुवाई और दया पर निर्भर है। इस ciclo में प्रेरित अपने सहयोगियों के साथ विश्वास की सुरक्षा, और प्रतिज्ञाओं के नए परिवर्तन का वर्णन करते हैं।
व्याख्यात्मक निष्कर्ष
सूत्र-सारख्यान (क्यों यह महत्वपूर्ण है)
यथार्थ रूप से, यह पंक्ति हमें सिखाती है कि प्रेरक और सेवक बनने का आधार स्वयं की योग्यता नहीं, बल्कि परमेश्वर की बुलाहट, कृपा और शक्ति है। यदि परमेश्वर की ओर से है, तो असफलता भी प्रेरणा बन जाएगी—क्योंकि यह उसकी कृपा की सत्यता दिखाती है।
छोटे थीम-सूचियाँ
पवित्र ग्रंथ से सम्बन्धित विचार
अन्य स्थल जहाँ परमेश्वर की क्षमता पर बल दिया गया है: “परमेश्वर जो कुछ भी करता है, उसमें उसकी शक्तिहीनता नहीं रहती।” यह विचार इस पद के अनुरूप है कि हमारी योग्यता परमेश्वर के अनुग्रह से है, ना कि हमारे अपने प्रयास से।
पश्च-आख्यान और व्यावहारिक take-away
हम कौन हैं, यह तय नहीं कि हमारे पास कितनी बुद्धि या शक्ति है, बल्कि यह कि हम किस पर निर्भर हैं। प्रत्यक्ष चुनौती में भी, इस विश्वासी को यह स्मरण रहे कि परमेश्वर की ओर से मिलती प्रेरणा और शक्ति ही उसके कार्यों को सफल बनाती है।
संदर्भ-क्रॉसरेफरेंसेस
1) दूसरों के साथ उद्धार के संदर्भ में देखना: यह भी दर्शाता है कि हमारे प्रभाव का स्रोत कौन है। संकल्प वाक्यों से मिलता-जुलता मार्ग दिखाता है कि स्टेपिंग-स्टोन परमेश्वर का आत्मा है।
2) प्रेरित पादरियों के संदेश: मसीह के मंत्रीत्व में, हमारे कार्य परमेश्वर की कृपा से संचालित होते हैं, न कि अपने-अपने सामर्थ्य से।
3) पुराने नियम की दृष्टि: परमेश्वर की शक्ति मानव की कमजोरी पर भी श्रेष्ठ है, ताकि उसकी महिमा दिखे।