Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 कुरिन्थियों 4:1 2 कुरिन्थियों 4:2 2 कुरिन्थियों 4:3 2 कुरिन्थियों 4:4 2 कुरिन्थियों 4:5 2 कुरिन्थियों 4:6 2 कुरिन्थियों 4:7 2 कुरिन्थियों 4:8 2 कुरिन्थियों 4:9 2 कुरिन्थियों 4:10 2 कुरिन्थियों 4:11 2 कुरिन्थियों 4:12 2 कुरिन्थियों 4:13 2 कुरिन्थियों 4:14 2 कुरिन्थियों 4:15 2 कुरिन्थियों 4:16 2 कुरिन्थियों 4:17 2 कुरिन्थियों 4:18



अर्थ का स्पष्ट बयान
इस पद में यह कहा गया है कि हमारी मृत्यु से अनुदान का प्रभाव दूसरों पर न होकर स्वयं हमारे भीतर है, क्योंकि जीवन का सच हमारे भीतर से उजागर होकर बाहर प्रकट होता है। मरना और जीवित होना एक-दूसरे के साथ हमारे विश्वास की सांस लेते हैं: मौत हमारे लिए दबाव बनती है, पर जीवन परमेश्वर के काम के कारण दूसरों के लिए प्रकाश बनता है।
पार्श्वभूमि और संदर्भ
2 कुरिन्थियों 4 अध्याय प्रेरित पतरस के समय की कठिनाईयों के बीच लिखे गए हैं, जहाँ पौलुस ने अगुआई के साथ विश्वास की राह में होने वाले दर्द, प्रतिशोध और भ्रष्ट विधनों के बावजूद कृपा के माध्यम से जीवित रहने की गवाही दी है। इस अनुभाग में नश्वरता के विरुद्ध जीवन की शक्ति एक दूसरे के लिए उद्धार का माध्यम बनकर बहती है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
छोटे थीमैटिक बिंदु
अन्य प्रकरणों से संबंधित पंछ
इन संदर्भों पर नज़र रखें:
व्याख्या: ये पाठ दिखाते हैं कि मृत्यु का अनुभव शारीरिक क्षय के साथ भी है, पर ये हमारी आस्था के भीतर जीवन की पूरी क्रिया खोलते हैं और समुदाय में उद्धार का संदेश फैलाते हैं।
व्यावहारिक takeaway
कठिनाई चाहे कितनी भी भारी हो, हमारा विश्वास यह कहता है कि परमेश्वर की शक्ति से हमारा जीवन दूसरों तक पहुँचता है और वे उससे प्रेरित होते हैं। इसलिए संकल्प करें कि आप अपने दैनंदिन जीवन में कठिनाइयों से भी उसकी जीवित शक्ति को चमकने दें, ताकि जीवन दूसरों पर प्रभाव डाले।
पूर्वानुमानित उद्धरण (पुस्तक-गठन के भीतर)"
विषयगत टिप्पणी को सशक्त करने के लिए मथ्यू हेनरी, अल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क की सार्वजनिक-डायमंड टिप्पणी मान्य है; जहाँ आवश्यक शब्द-भिन्नता के साथ उनके विचार संजोए गए हैं।
टिप्पणी स्रोतों से पंक्ति-उद्धरण
यदि उपलब्ध हो, लेख में उनके विशिष्ट वाक्यांश सीधे उद्धृत किए जा सकते हैं; अन्यथा उनके विचारों का संक्षेप प्रस्तुतीकरण किया गया है।
नोट: यह commentary परंपरागत पंररा में है, परन्तु किसी भी denomination पर जोर नहीं देता और पाठ के मूलार्थ पर स्थिर रहता है।