Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 कुरिन्थियों 4:1 2 कुरिन्थियों 4:2 2 कुरिन्थियों 4:3 2 कुरिन्थियों 4:4 2 कुरिन्थियों 4:5 2 कुरिन्थियों 4:6 2 कुरिन्थियों 4:7 2 कुरिन्थियों 4:8 2 कुरिन्थियों 4:9 2 कुरिन्थियों 4:10 2 कुरिन्थियों 4:11 2 कुरिन्थियों 4:12 2 कुरिन्थियों 4:13 2 कुरिन्थियों 4:14 2 कुरिन्थियों 4:15 2 कुरिन्थियों 4:16 2 कुरिन्थियों 4:17 2 कुरिन्थियों 4:18



सीधे अर्थ का सार
2 कुरिन्थियों 4:14 में पवित्र आत्मा के प्रेरणादर्श से प्रेरित आशा है कि यह विश्वास हमें जगाने वाला है कि जिसने प्रभु यीशु को जिलाया, वही हमें भी यीशु में भागी जानकर जिलाएगा, और हमारे उद्धारकर्ता के सामने प्रस्तुत करेगा। अर्थात मृत्युपरांत पुनर्जीवन और अंतिम मिलन की आशा के साथ हमारे ईश्वर पर अटूट भरोसा है।
पृष्ठभूमि और प्रस्तुति
यह पत्र मरहूम पौलुस द्वारा कोरिंथ के विश्वासियों को लिखा गया एक प्रेरणात्मक संदेश है, जहाँ वे मुरझाए हुए परिवेशन और दबावों के बीच आत्म-विश्वास बनाए रखने की सीख पाते हैं। अध्याय 4 में पौलुस शारीरिक अनुभवों की कमी के बावजूद आत्मिक प्रकाश और मसीह के पुनर्जीवन के सिद्धांत से प्रेरित करते हैं। यहाँ कहा गया है कि ईश्वर ने यीशु को जिलाकर हमें भी जीवन के दृश्य से ऊपर उठाकर जीवन में भागीदारी दी, ताकि हम ईश्वर के व्यक्तित्व और उद्धार के उद्देश्य को धारण करें।
व्याख्यात्मक बातें
छोटे विषयगत बिंदु
अन्य संदर्भ और तात्पर्य
1) रोम 6:5 में कहा गया है कि यदि हम मसीह से मिलकर जीते हैं, तो उसी तरह हम भी उसकी ग़ौर-ओ-एहतियात के साथ जिलाए जाएँगे; यह युक्ति यहाँ के विचार को पुष्ट करती है कि मसीह के जीवन का साझा हमारी व्यक्तिगत पुनःजीवन की गवाही है।
2) 1 थिस्लि 4:14 में स्पष्ट होता है कि मसीह जिन्हें जी उठाने वाला है, वे अभी जीवित रहते हुए भी उनके साथ होंगे—यही विश्वास इस पंक्ति का सुदृढ़ आधार है।
3) फिलिप्पियों 3:20-21 में दर्शाया गया है कि हमारी नागरिकता स्वर्ग में है और प्रभु यीशु मसीह से हमारी परिवर्तनकारी परिवर्तनकारी क्रिया होगी; यह भक्त के लिए अंतिम प्रतिफल के स्वर को मजबूत करता है।
यथार्थ उपयोगी निष्कर्ष
- कठिन समय में भी विश्वास बनाए रखें; क्योंकि यीशु के resurrection life से हमारा जीवन नया होता है।
- उद्धार की यह भूमिका हमें सांसारिक दबावों के बीच भी धैर्य और आशा देती है।
सूक्ष्म cross-references के साथ स्पष्टीकरण
पौलुस के इस उद्धार-उद्धार संदेश से संबंधित विचार अन्य पुस्तकों में भी मिलते हैं: रोम 8:11—पवित्र आत्मा के कारण शरीर को जी उठाने की संभावना; 2 कुरिन्थ 5:17—नई सृजन की प्रतिज्ञा; फिलिप्पियों 1:6—ईश्वर की आराधना एवं पूर्णता की आशा।
एक संक्षिप्त उद्धरण-संदेश: कुछ सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के विचार इस प्रकार समाहित रहते हैं—“यही वह चमत्कारिक सत्य है, कि जिस ने प्रभु यीशु को जिलाया, वही हमें भी यीशु में भागी जानकर जिलाएगा।” (एंथोलॉजी टिप्पणियाँ में भावार्थ)