Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 राजाओं 14:1 2 राजाओं 14:2 2 राजाओं 14:3 2 राजाओं 14:4 2 राजाओं 14:5 2 राजाओं 14:6 2 राजाओं 14:7 2 राजाओं 14:8 2 राजाओं 14:9 2 राजाओं 14:10 2 राजाओं 14:11 2 राजाओं 14:12 2 राजाओं 14:13 2 राजाओं 14:14 2 राजाओं 14:15 2 राजाओं 14:16 2 राजाओं 14:17 2 राजाओं 14:18 2 राजाओं 14:19 2 राजाओं 14:20 2 राजाओं 14:21 2 राजाओं 14:22 2 राजाओं 14:23 2 राजाओं 14:24 2 राजाओं 14:25 2 राजाओं 14:26 2 राजाओं 14:27 2 राजाओं 14:28 2 राजाओं 14:29
2 राजाओं 14:2 पर एक स्पष्ट दृष्टिकोण
यह पाठ भविष्यसूचक नहीं, वरन राजसूय इतिहास का एक छोटा-सा लेकिन महत्वपूर्ण क्षण है जो यह दिखाता है कि राजा की.age क्या शासन-स्थिति बनाती है और माता का नाम कैसे राजपरिवार की पहचान बनाता है। उत्तर-पाठ में, 14:2 में आ रहा उल्लेख हमें यह समझाने में मदद करता है कि यरूशलेम में राज्य करने वाले व्यक्ति की पृष्ठभूमि और शिक्षा क्या हो सकती थी, और परमेश्वर के निर्णय में राजकुटुम्ब की भूमिका कैसी है।
पाठ का पवित्रस्थल में स्थिति
विवरण के अनुसार, राजा जब राज्यधारण पर बैठता है, उसकी आयु पच्चीस वर्ष बताई गई है और उसने यरूशलेम में अपने शासन का समय-काल नौवतीस वर्ष तक माना है। माता का नाम यहोअद्दान है—जो यरूशलेम की दिशा–प्रक्षेप पर एक परिचित पहचान बन जाती है। इस प्रकार verses 2–3 के समेकन से संकेत मिलता है कि राजसी सत्ता एक दीर्घकालिक इतिहास का हिस्सा है, जो परिवारिक परंपराओं और सामाजिक मान्यताओं से जुड़ा होता है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
मुख्य संदेश यह है कि परमेश्वर के चयनों एवं उनके समय-सारिणी में व्यक्ति के जन्म और परिवार की पंक्ति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। राजा की आयु और समय-निर्धारण से हम सीखते हैं कि परमेश्वर के उद्देश्य में मानव समय-सारिणी की सूक्ष्मता है। यह भी संकेत है कि सत्ता की जिम्मेदारी पिता-जनक और माता-जननी परिवार से आती है, और इसलिए विश्वासयोग्यता, धार्मिकता और न्याय-परकता जैसी गुणवत्ताएँ शासन की स्थिरता के लिए आवश्यक हैं।
अनुसंधान और तुलनात्मक संदर्भ
संकेतित लघु संकेत: यह verse सीधे परमेश्वर के चयन या काल क्या है—यह नहीं कहता कि राजा उत्तम था या नहीं, परन्तु यह जन्म-परिवार की भूमिका को स्पष्ट करता है।
आध्यात्मिक-पाठ का प्रयोग
जीवन में कठिनाइयों के समय यह विचार करिए कि हम किस पंक्ति से आते हैं, पर हमारे कर्म और ईमानदारी परमेश्वर के उद्देश्य के अनुरूप कितनी मार्गदर्शक बनती है। यदि हम युवा होते हुए भी प्रभु के मार्ग पर चलें, तो शासन–जीवन जैसी बड़े दायित्व भी संभावित बन जाते हैं। यह verse एक प्रार्थना-आह्वान देता है: हमें अपने शासकत्व में प्रभु की इच्छा के अनुरूप चलना चाहिए, न कि अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए।
छोटे-सी प्रेरक सूची
पवित्र-वचन के संयोग
संयोजन से तीन cross-references देखें: - एक स्थान जो सत्ता और परमेश्वर की योजना पर प्रकाश डालता है। - एक स्थान जो जन्म-परिवार के प्रभाव को दर्शाता है। - एक स्थान जो युवाओं के नेतृत्व के अवसर और दायित्व को समेटता है। संक्षेप में, ये संदर्भ verse 2 की प्रचलित भावना से मिलते-जुलते निष्कर्ष बनाते हैं—परमेश्वर अपने समय पर और अपनी इच्छा से सत्ता-संकलन करता है और परिवारिक पृष्ठभूमि भी उसकी योजना का अंग बनती है।
यह टिप्पणी Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke और एक अन्य सार्वजनिक-डोमिन टिप्पणियों के अनुसार संकलित है जहाँ उपयोग में आए छोटे उद्धरण केवल आवश्यक स्थानों पर सुरक्षित तौर पर उल्लेखित हैं।
सारांश: 2 राजाओं 14:2 यह कहता है कि राजा का जन्म और माता-पिता की पहचान शासन के पुरुषार्थ की पृष्ठभूमि बनाते हैं; हमारा लक्ष्य है कि हम प्रभु के मार्ग पर चलें और उनके समय-निर्णय के अनुसार कार्य करें, ताकि हमारे नेतृत्व में भी परमेश्वर की महिमा उजागर हो।