Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 राजाओं 10:1 2 राजाओं 10:2 2 राजाओं 10:3 2 राजाओं 10:4 2 राजाओं 10:5 2 राजाओं 10:6 2 राजाओं 10:7 2 राजाओं 10:8 2 राजाओं 10:9 2 राजाओं 10:10 2 राजाओं 10:11 2 राजाओं 10:12 2 राजाओं 10:13 2 राजाओं 10:14 2 राजाओं 10:15 2 राजाओं 10:16 2 राजाओं 10:17 2 राजाओं 10:18 2 राजाओं 10:19 2 राजाओं 10:20 2 राजाओं 10:21 2 राजाओं 10:22 2 राजाओं 10:23 2 राजाओं 10:24 2 राजाओं 10:25 2 राजाओं 10:26 2 राजाओं 10:27 2 राजाओं 10:28 2 राजाओं 10:29 2 राजाओं 10:30 2 राजाओं 10:31 2 राजाओं 10:32 2 राजाओं 10:33 2 राजाओं 10:34 2 राजाओं 10:35 2 राजाओं 10:36



सीधे कथन का अर्थ
2 राजाओं 10:1 बताते हैं कि अहाब के सत्तर पुत्र शोमरोन और उसके आस-पास रहते थे, और यह कि यहू ने उन पुरनियों एवं हवाले के कर्मचारियों के बीच पत्र भेजे ताकि उनके माध्यम से अहाब के बेटे-शासन के विरुद्ध कदम उठाए जाएं। आंशिक तौर पर यह verse सत्ता-परिवर्तन की साजिश का परिचय देता है, जिसमें यिज्रेल और शोमरोन की सत्ता-धारणा के भीतर ताकत निकलती है।
प्रसंग और पृष्ठभूमि
यहाँ स्पष्ट रूप से राजकीय तख्तापलट की योजना दिखाई देती है: अहाब का वंश, उसके बेटों और पालनेवालों के साथ, एक संगठित गुट के भीतर है, जिसे यहू ने पत्रों के माध्यम से उद्धत किया है। यहू एक ऐसे नेता के रूप में उभरता है जो सत्ता की भ्रांतियों और राजसी राजनीति के खेल में कुशल है। यह भाग यह भी संकेत देता है कि यिज्रेल में पुरनियों और हाकिमों की एक संस्था है जो सत्ता के निर्णयों को संचालित करते हैं और जिनके पास गुप्त चिट्ठी-योजना बनाकर निर्देश देने की क्षमता है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
संबद्ध विषय-वस्तु
अन्य प्रासंगिक पाठ
पहचान के लिए कुछ क्रॉस-रेफरेंसेस: - 2 राजाओं 9–10 के क्रम में यहू के राजनीतिक कदमों का संयोजन दिखता है, जहाँ सत्ता-परिवर्तन के लिए राजनीतिक रूप से चालाकी का प्रयोग होता है। - 1 राजा 16–19 के संदर्भों में यहू और शत्रुओं के साथ सत्ता-नीति का क्रम भी मिलता है। - दाऊद के समय के राजनीति-प्रथाओं की याद दिलाने वाले अंश भी हैं जो नेतृत्व के नैतिक दायित्वों के साथ सत्ता के संघर्ष को दर्शाते हैं।
नोट: उपरोक्त क्रॉस-रेफरेंसेस यदि उद्धृत हों, तो केवल संदर्भ के रूप में मूल्यांकन करें; पूर्ण पद नहीं दिए गए हैं।
व्यवहारिक निष्कर्ष
यह पाठ हमें सिखाता है कि सत्ता की राजनीति कभी-कभी रहस्यमय और गुप्त चिट्ठियों के माध्यम से संचालित होती है, परन्तु परमेश्वर की योजना के आगे मानवीय चाल केवल उसी रूप में आईने की तरह प्रभावित होती है जिसे वह मानता है। नेतृत्व के लिए स्थायित्व और विश्वास एक साथ चलते हैं—कठोर राजनीतिक चालों के बीच भी नैतिकता और धार्मिक दायित्व को बनाए रखना आवश्यक है।
प्रमुख उद्धरण (महत्वपूर्ण स्रोतों से)
यह भाग उन.PUBLIC-डोमेन टिप्पणीकारों के विचारों से प्रेरणा लेता है जिनकी पारिवारिक-शासकीय विश्लेषणात्मक टिप्पणियाँ उपलब्ध हैं. नीचे तीन प्रमुख टिप्पणीकारों के स्पष्ट वाक्यों के छोटे अंश उद्धृत किए जाते हैं; पूर्ण पाठ उपलब्ध नहीं है:
Matthew Henry: “...” उद्धरण का संक्षिप्त स्वरूप
Albert Barnes: “...” उद्धरण का संक्षिप्त स्वरूप
Adam Clarke: “...” उद्धरण का संक्षिप्त स्वरूप
नोट: यदि उपलब्ध हो तो ऊपर के लेखकगण के साथ जुड़े छोटे मौखिक उद्धरण शामिल किए जाएँगे; पूर्ण पद-पंक्तियाँ यहाँ नहीं दी जा रही हैं।