Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 राजाओं 10:1 2 राजाओं 10:2 2 राजाओं 10:3 2 राजाओं 10:4 2 राजाओं 10:5 2 राजाओं 10:6 2 राजाओं 10:7 2 राजाओं 10:8 2 राजाओं 10:9 2 राजाओं 10:10 2 राजाओं 10:11 2 राजाओं 10:12 2 राजाओं 10:13 2 राजाओं 10:14 2 राजाओं 10:15 2 राजाओं 10:16 2 राजाओं 10:17 2 राजाओं 10:18 2 राजाओं 10:19 2 राजाओं 10:20 2 राजाओं 10:21 2 राजाओं 10:22 2 राजाओं 10:23 2 राजाओं 10:24 2 राजाओं 10:25 2 राजाओं 10:26 2 राजाओं 10:27 2 राजाओं 10:28 2 राजाओं 10:29 2 राजाओं 10:30 2 राजाओं 10:31 2 राजाओं 10:32 2 राजाओं 10:33 2 राजाओं 10:34 2 राजाओं 10:35 2 राजाओं 10:36
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सीधे शब्दार्थ अर्थ: 2 राजाओं 10:12 में लिखा गया ہے कि राजा योआश ने शोमरोन से चलकर शोमरोन (जो कि इस्राइल की राजधानी था) पहुँचा, और मार्ग के बीच चरवाहों के ऊन कतरने के स्थान पर पहुँच ही गया।
पंगति-भूमिका और संदर्भ
यह भाग उन घटनाओं का हिस्सा है जब यहूदा के राजा योआश ने राजा नौबत-की जीत के बाद इस्राइल की राजधानी शोमरोन से मार्गक्रमण किया। यह दृश्य राजनीतिक-यात्रा का है, जो संकेत देता है कि योआश का नेतृत्व और दिशा एक भू-राजनीतिक गतिविधि में है। ऊन कतरने के स्थानों का उल्लेख मार्ग-यात्रा के दृश्यों को सचमुच के दैनिक कार्यों के साथ जोड़ता है, जिससे बतौर राजा उसकी यात्राएं सामाजिक-आर्थिक जीवन से जुड़ी होती हैं।
interpretive observations
एक संक्षिप्त थीमैटिक सूची
संबद्ध पद और व्याख्या (cross-references)
छोटा व्यावहारिक निष्कर्ष
राजाओं के मार्ग-यात्रा में भी जमीन से जुड़े कार्यों का महत्त्व दिखता है। नेता के लिए यह जरूरी है कि वह अपने लोगों के दैनिक जीवन के साथ जुड़कर स्थितियों को समझे और जिन्हें प्रभावित करते हैं, उन्हें लक्षित कदमों से शांति और व्यवस्था बनाए रखे।
अकादमिक-आउटपुट (उद्धृत पाठ्य-चिंतन से संकेत)
यहाँ हम Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के प्रकाशित टिप्पणियों से सीधे उद्धरण नहीं दे रहे हैं, पर उनकी सामान्य प्रवृत्ति यह है कि वे राजा के व्यवहार, मार्ग-यात्रा और शहर-राज्य के बीच के संबंधों को एक साथ देखते हैं, ताकि सत्ता-प्रबंधन में नैतिक और दार्शनिक संकेत मिलें।
निष्कर्ष
2 राजाओं 10:12 का यह क्षण राजसी गतिविधियों के साथ सामाजिक-आर्थिक जीवन के स्पर्श को दर्शाता है। शोमरोन तक की यात्रा और रास्ते में ऊन कतरने के क्षेत्र का उल्लेख एक बहुस्तरीय दृश्य देता है—यानी नेतृत्व, जनता और स्थानों के बीच क्रिया-प्रतिक्रिया।