2 राजाओं 15:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

इस्राएल के राजा यारोबाम के राज्य के सताईसवें वर्ष में यहूदा के राजा अमस्याह का पुत्र अजर्याह राजा हुआ।

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2 राजाओं 15:1 पद-दर-पद बाइबल टीका

स्थिति परिचय: संदर्भ और पंक्ति का उद्देश्य

2 राजाओं 15:1 इस्राएल के यरूबाम के शासन के इतिहास में एक विशेष वर्ष का उल्लेख करता है, जहाँ यहूदा के राजा अमस्याह के पुत्र अजर्याह राजा बने। यह संदर्भ उस कालखण्ड की राजनैतिक और धार्मिक दिशा को दिखाता है जब दो राजवंश एक साथ घटनाओं के केंद्र में थे।

यह पाठ क्या दर्शाता है: ईश्वर और विश्वास के प्रकाश

यह वाक्य बताता है कि परमेश्वर की योजना राजनीति के उतार-चढ़ाव से मुक्त नहीं है; वह प्रत्येक समय के राज्य को उसी के अनुसार स्थापित या परिवर्तन करता है। अजर्याह की तख्ती पर आसीन होना यह प्रदर्शित करता है कि परमेश्वर की दृष्टि में राजा का चयन उसकी धर्म-संरचना और विश्वास के अनुरूप होता है। यह भी संकेत देता है कि यीशु-समकालीन प्रतीति में, परमेश्वर अपने लोग के लिए न्याय और दया दोनों को संयत रूप से संचालित करते हैं।

महत्वपूर्ण शब्द और चित्र स्पष्ट करना

  • ": राजनीतिक नेतृत्व के साथ-साथ धार्मिक-नैतिक दायित्व का प्रतिनिधित्व।
  • और :
  • यारोबाम: इस्राइल के उत्तरी 왕वंश का प्रमुख पात्र, कथा-यथार्थ में अक्सर उद्धार-सारिणी के समान नहीं माना गया, बल्कि सत्ता-संबंधी घटनाओं की पृष्ठभूमि देते हैं।
  • अजर्याह: यहूदा के राजवंश में एक नया चरण; परमेश्वर के उद्देश्य के अनुसार सत्ता में आना उनकी शुद्ध धार्मिक पृष्ठभूमि का संकेत है।

अनुयायियों के लिए क्रॉस-रेफरेंस और संक्षिप्त स्पष्टीकरण

• यह पाठ पुराने नियम के एक मानक ढांचे को दो राजवंशों के धार्मिक-राजनीतिक प्रकरण से जोड़ता है; उदाहरणार्थ, परमेश्वर की राज्य-निर्णय की अगुवाई को समझने के लिए अतीत के उद्धारक निर्णय और भविष्य में आमंत्रित प्रत्यक्ष निर्णय विचार योग्य हैं।

• अन्य संदर्भ जैसे कि राजाओं के अध्याय में राजाओं के चयन और उनका धर्म-पालन, पाठक को यह समझने में मदद करते हैं कि कैसे धार्मिक अनुपालन सामाजिक क्रम को संरक्षित करता है।

आज के संदर्भ के लिए अनुप्रयोग

इस वाक्य के माध्यम से आज का पाठक यह सीख सकता है कि नेतृत्व के समय में परमेश्वर की योजना को समझना और उसके अनुसार आचरण करना कितना आवश्यक है। चाहे राजनीतिक नेतृत्व हो या सामुदायिक नेतृत्व, सत्य-आस्था और ईमानदारी से चला गया मार्ग परमेश्वर की प्रेरणा को प्रकट करता है। धैर्य, दायित्व-सेवा और लोक-कल्याण के लिए प्रेरणा एक सच्चे राजा की पहचान बनती है।

संदर्भ-आधार: पारस्परिक विचारधारा

यह पाठ प्राचीन इस्राइल-यहूदा के बीच सत्ता-संयोजन का एक दृश्य देता है। यह बताता है कि परमेश्वर सत्ता-संयोजन के समय भी नैतिक धरातल पर निर्देश देता है, जो विश्वासियों के लिए आज भी मार्गदर्शक है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 राजाओं 15:1 समानांतर पद और संबंधित वचन

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तब सारी यहूदी प्रजा ने अजर्याह को लेकर, जो सोलह वर्ष का था, उसके पिता अमस्याह के स्थान पर राजा नियुक्त कर दिया।

2 राजाओं 15:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
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यहूदा के राजा उज्जियाह के राज्य के उनतालीसवें वर्ष में याबेश का पुत्र शल्लूम राज्य करने लगा, और महीने भर शोमरोन में राज्य करता रहा।

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जब उज्जियाह राज्य करने लगा, तब वह सोलह वर्ष का था। और यरूशलेम में बावन वर्ष तक राज्य करता रहा, उसकी माता का नाम यकोल्याह था, जो यरूशलेम की थी।

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