2 राजाओं 15:37 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

उन दिनों में यहोवा अराम के राजा रसीन को, और रमल्याह के पुत्र पेकह को, यहूदा के विरुद्ध भेजने लगा।

पिछला पद
« 2 राजाओं 15:36
अगला पद
2 राजाओं 15:38 »

2 राजाओं 15:37 पद-दर-पद बाइबल टीका

2 राजे 15:37—सीधी समझ

यहोवा ने अराम के राजा रसीन और रमल्याह पुत्र पेकह को यहूदा के विरुद्ध भेजने की योजना बनाई। इसका साफ अर्थ यही है कि परमेश्वर ने पड़ोसी शक्तियों को यहूदा के विरुद्ध उठने दिया ताकि उसकी नीति-निर्देश और वचनों के परिणाम स्पष्ट हों और यहूदा अपने परमेश्वर के साथ सचेत पुनर्मिलन करे।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

2 राजे 15—यहूदा और इज़राइल के विभाजन के बाद का काल है, जब साम्राज्य में अराजकता और धार्मिक अस्थिरता अधिक थी। अयूब, शराबी, और अन्य राजा रहे, परन्तु इसशर और अन्य पड़ोसी साम्राज्यों के साथ राजनीतिक संघर्ष चलते रहे। इस verse में यहूदियों के विरुद्ध अराम के नेता रसीन और रमल्याह पुत्र पेकह को भेजने की बात बताई गई है, जो संकेत है कि फिर एक बार बाहरी दबाव और आघात से यहूदा पर दबाव बढ़ रहा था।

पारिभाषिक अवलोकन

• यहोवा का नियंत्रण: परमेश्वर अपने उद्देश्य के अनुसार देशों को उत्तेजित या शांत करता है—यह दिखाता है कि इतिहास उसे निर्देशित होता है, न कि अराजक.section

• विपक्षी शक्तियाँ: अराम के राजा रसीन और पेकह—इनके विरुद्ध यहूदियों की लड़ाई और अंततः उसका परिणाम यहूदियों की आस्था की परीक्षा बन गया।

• कर्तव्यगत आचरण: इस प्रत्यक्ष घटना से यहूदियों को सिख मिला कि परमेश्वर के वचनों के अनुरूप चलना कितना महत्वपूर्ण है, भले ही पड़ोसी शक्तियाँ ताक़तवर हो जाएँ।

interpretive observations

• निर्णय का कारण: जब परमेश्वर अपने लोगों की निष्ठा और धर्मी जीवन से मुठभेड़ करता है, वह बाहरी दबाव बनाकर उन्हें echten सुधार के लिए प्रेरित करता है।

• धर्म और राजनीति का संगम: यहूदा की राजनीति और धर्म—दोनों में असंतुलन के समय बाहरी दबाव आत्म-परिक्षण का अवसर बनता है।

1–2-वचन संबंधी स्वयंकरण

• प्रत्यक्ष संदर्भ: ईश्वर के द्वारा राष्ट्र-नीति का संचालन यह दर्शाता है कि इतिहास में बुराई पर प्रहार और सही के लिए मार्ग प्रशस्त होता है।

मूल विचारों का संक्षेप

  • परमेश्वर के नियंत्रण में देश-राजनीति: बाहरी आक्रमण परमेश्वर की योजना के अंग होते हैं।
  • आस्था की परीक्षा: कठिन समय में भी विश्वास प्रगट करना चाहिए।

क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेप) और उनके अर्थ

• क्रमबद्ध संकेत: अन्य राष्ट्रों के विरुद्ध धार्मिक-faithful आचरण की प्रेरणा मिलती है।

• प्रेरणा: कठिन समय में परमेश्वर पर निर्भर होकर सत्य के मार्ग पर चलना—यह संदेश बरकरार रहता है।

व्यावहारिक takeaway

जब exterior दबाव बढ़ता है, तब भी यहूदा जैसे विश्वासियों को अपने केंद्र में उद्देश्य पर टिके रहना चाहिए—यानी परमेश्वर के प्रति निष्ठा बनाए रखें, ताकि कठिनाइयों से उभरकर नीति और आचरण दोनों में सुधार हो।

महत्वपूर्ण उद्धरण-सम्बन्धी नोट: इस पंक्ति के लिए Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के स्पष्ट शब्दों से चयनित संकेतन उपलब्ध नहीं है, पर उनके सामान्य टिप्पणी-प्रणालियों का लय यहाँ संगत है—परिशुद्ध उद्धरण यदि उपलब्ध हों तो अंततः उद्धरण-संदेश में प्रकाशित हों।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 राजाओं 15:37 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

2 राजाओं 16:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 राजाओं 16:5 (HINIRV) »
तब अराम के राजा रसीन, और रमल्याह के पुत्र इस्राएल के राजा पेकह ने लड़ने के लिये यरूशलेम पर चढ़ाई की, और उन्होंने आहाज को घेर लिया, परन्तु युद्ध करके उनसे कुछ बन न पड़ा।

यशायाह 7:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 7:1 (HINIRV) »
यहूदा का राजा आहाज जो योताम का पुत्र और उज्जियाह का पोता था, उसके दिनों में आराम के राजा रसीन और इस्राएल के राजा रमल्याह के पुत्र पेकह ने यरूशलेम से लड़ने के लिये चढ़ाई की, परन्तु युद्ध करके उनसे कुछ न बन पड़ा।

व्यवस्थाविवरण 28:48 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 28:48 (HINIRV) »
इस कारण तुझको भूखा, प्यासा, नंगा, और सब पदार्थों से रहित होकर अपने उन शत्रुओं की सेवा करनी पड़ेगी जिन्हें यहोवा तेरे विरुद्ध भेजेगा; और जब तक तू नष्ट न हो जाए तब तक वह तेरी गर्दन पर लोहे का जूआ डाल रखेगा।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें