Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 राजाओं 9:1 2 राजाओं 9:2 2 राजाओं 9:3 2 राजाओं 9:4 2 राजाओं 9:5 2 राजाओं 9:6 2 राजाओं 9:7 2 राजाओं 9:8 2 राजाओं 9:9 2 राजाओं 9:10 2 राजाओं 9:11 2 राजाओं 9:12 2 राजाओं 9:13 2 राजाओं 9:14 2 राजाओं 9:15 2 राजाओं 9:16 2 राजाओं 9:17 2 राजाओं 9:18 2 राजाओं 9:19 2 राजाओं 9:20 2 राजाओं 9:21 2 राजाओं 9:22 2 राजाओं 9:23 2 राजाओं 9:24 2 राजाओं 9:25 2 राजाओं 9:26 2 राजाओं 9:27 2 राजाओं 9:28 2 राजाओं 9:29 2 राजाओं 9:30 2 राजाओं 9:31 2 राजाओं 9:32 2 राजाओं 9:33 2 राजाओं 9:34 2 राजाओं 9:35 2 राजाओं 9:36 2 राजाओं 9:37



2 राजाओं 9:3 — तत्काल संदर्भ और अभिषेक की घोषणा
इस व verses का दृश्य तत्कालीन समय की एक घड़ी है जब यहोवा का चयनित अभिषेक सामने आता है। तेल की कुप्पी लेकर एक नवीनीकृत पथ पर कदम रखने का निर्देश है: द्वार खोलकर भागना, विलम्ब न करना। यह संदेश राज्य के लिए नयी सत्ता के आधिकारिक औपचारिक आरंभ की घोषणा है, जिसमें यहोवा का नाम और दया-निर्णय दोनों जुड़े हैं।
पवित्रता और विश्वास के बारे में पाठ से मिलने वाले संकेत
इस पाठ में परमेश्वर अपनी योजना के अनुरूप अपने चुने हुए राजा के अभिषेक की पुष्टि करता है। यह एक ऐसी परमेश्वर-नियति की घटना है जिसे मानव प्रयास से नहीं, बल्कि परमेश্বর के चुनाव से संगत माना गया है। साथ ही, यह संदेश देता है कि प्रभु अपने मार्गदर्शनों के अनुसार अपने लोगों के इतिहास में हस्तक्षेप करते हैं, ताकि उनके उद्धार और व्यवस्था बने रहें।
शब्दों और दृश्य की स्पष्टता
अन्य प्रासंगिक बाइबिल संदर्भ
– अभिषेक और परमेश्वर की चुनाव-योजना के बारे में पढ़ना चाहिए: 1 समूing 16:12-13 (शंबर के बाद का अभिषेक, डेविड के लिए), अनु. 1 पेद.।
आज के दिन के लिए अनुप्रयोग
यह पाठ हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर अपने मनचाहे समय पर राजाओं और नेताओं को चुनकर शासन-कार्य में लाते हैं। हमारे लिए प्रमुख संकेत यह है कि हम प्रभु के चयन-कार्य में विश्वास रखें, आत्म-समर्पण करें, और प्रत्येक अवसर पर सत्यनिष्ठा से आगे बढ़ें। प्रेरित जीवन में भी ऐसे क्षण मिलते हैं जब हमें स्पष्ट कदम उठाने पड़ते हैं—तत्काल, बिना विलंब के—क्योंकि परमेश्वर के योजनाएं समयानुसार पूर्ण होती हैं।
संक्षिप्त सार
2 राजाओं 9:3 में तेल के अभिषेक और द्वार-खुलवाकर भागने की आज्ञा एक आधिकारिक and divine initiate है, जो यह बताता है कि ईश्वर अपने चयनित हथियार और मार्ग को बिना देरी के आगे बढ़ाते हैं।
महत्वपूर्ण उद्धरण (ऐतिहासिक टिप्पणीकारों से)
— मैथ्यू हेनरी के शब्दसार में अभिषेक का आधिकारिक पट्टा और परमेश्वर की योजना के अनुसार राजा का आना उल्लेखित है (उद्धरण के पंक्तियाँ उपलब्ध नहीं हैं, संदर्भ में brief सार)।
— अॅल्बर्ट बार्न्स के पश्चातवर्ती टिप्पणी में यह दर्शाया गया है कि परमेश्वर के चयन के साथ राजा का बनना उनके राजकीय कार्य को सत्यापित करता है।
— एडम क्लार्क के लेखन में अभिषेक की घटनाएं परमेश्वर की सत्ता-योजना को स्पष्ट करती हैं; वह बताते हैं कि चयन और अभिषेक मानव-योजना से ऊपर है।
क्रॉस-रेफरेंस
– 1 समूing 16:7-13: दाऊद के चयन के बारे में एक नज़रिया—यहोवा कैसे राजा चुनते हैं?
– रोम 13:1-2: नियम-समानता और सरकारों की God-ordained भूमिका पर संदर्भ; लेकिन यहाँ स्पष्ट है कि परमेश्वर की योजना के अनुसार अभिषेक होते हैं।
– प्रकाशित 4:11-13: प्रभु के राज-कार्य में सतर्कता और तत्परता आवश्यक है, देर नहीं करनी चाहिए।