Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 शमूएल 14:1 2 शमूएल 14:2 2 शमूएल 14:3 2 शमूएल 14:4 2 शमूएल 14:5 2 शमूएल 14:6 2 शमूएल 14:7 2 शमूएल 14:8 2 शमूएल 14:9 2 शमूएल 14:10 2 शमूएल 14:11 2 शमूएल 14:12 2 शमूएल 14:13 2 शमूएल 14:14 2 शमूएल 14:15 2 शमूएल 14:16 2 शमूएल 14:17 2 शमूएल 14:18 2 शमूएल 14:19 2 शमूएल 14:20 2 शमूएल 14:21 2 शमूएल 14:22 2 शमूएल 14:23 2 शमूएल 14:24 2 शमूएल 14:25 2 शमूएल 14:26 2 शमूएल 14:27 2 शमूएल 14:28 2 शमूएल 14:29 2 शमूएल 14:30 2 शमूएल 14:31 2 शमूएल 14:32 2 शमूएल 14:33



पद के पास का संदर्भ और स्थिति
2 शमूएल 14:17 में अस्तित्त्व को एक निजी संवाद दिखाया गया है: दासी की चतुराई और राजा के प्रति उसकी उन शब्दों की आशा, जो उसे सुरक्षित रखने के लिए प्रभु राजा के साथ शांतिपूर्ण संबंध बनाए रखना चाहती है। यह दृश्य राजा दाविद की सत्ता-संयमता के बीच एक नारी-तर्क की भूमिका को उद्घाटित करता है, जिससे यह समझ आता है कि कैसे व्यक्तिगत अनुभव और विश्वास के कारण किसी भी उच्च अधिकारी के साथ सहज रिश्ता बन सकता है।
ईश्वर और विश्वास के बारे में पाठ से प्राप्त संदेश
यह पाठ दिखाता है कि परमेश्वर अपने अनुयायियों के अंदर स्थिरता और आशा डालता है, यहां दासी की योजना का उद्देश्य राजा के साथ शांति बनाना है ताकि वह अपने प्रभु के साथ ईमानदार और नम्र संकेत दे सके। कुछ दृश्यों में परमेश्वर की उपस्थिति और उसकी सुरक्षा का विश्वास ऐसे भिन्न-भिन्न व्यक्तियों के दिलों में भी विकसित होता है, भले ही वह व्यक्ति राजा के समकक्ष न हो।
महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की स्पष्ट व्याख्या
संबद्ध बाइबल अंश (Cross-references)
उपयुक्त संलग्न संदर्भ जिन्हें पाठ के साथ जोड़ा जा सकता है:
आधुनिक उपयोग और दैनिक अनुप्रयोग
आज के संदर्भ में यह पाठ सिखाता है कि राजनीति और परिवार-केंद्रित दबावों के बीच भी विश्वास में शांति ढूंढी जा सकती है। जब किसी स्थिति में शक्ति-स्तर अधिक हो, तब एक ईमानदार और नम्र भाव से संवाद स्थापित करना जरूरी है ताकि परमेश्वर के साथ विश्वास बना रहे। दासी की तरह हम भी सत्य और सन्तुलन के लिए शब्दों को चुनें, और प्रभु से सुरक्षा तथा मार्गदर्शन माँगे।
एतिहासिक-डेयरी टिप्पणी (हेनरी, बार्न्स, क्लार्क से संक्षेप)
यह पंक्ति सीधे तौर पर यह दर्शाती है कि परमेश्वर अपनी योजना के अनुसार चलने वाले की सुरक्षा करता है; Henry, Barnes, और Clarke के विध्वंस-रेखा में से समान विचार यह है कि परमेश्वर की उपस्थिति और आपकी अन्तरात्मा के साथ उसकी श्रद्धा ही सच्ची शान्ति देते हैं।
उद्धरण: Edmund Henry, Albert Barnes, Adam Clarke की प्रेरक टिप्पणियाँ सरल कथा-शैली में यह कहती हैं कि परमेश्वर के विरुद्ध कुछ भी नहीं है, और विश्वासी का सुरक्षित आधार वही है जिस पर परमेश्वर का आशीष बना रहता है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
2 शमूएल 14:17 का संदेश है: परमेश्वर अपने भक्तों के साथ रहते हैं, ताकि वे भय से ऊपर उठकर शांति से कदम बढ़ा सकें। दासी की सूझ-बूझ अस्थिर परिस्थिति में भी विश्वास की पुष्टि करती है कि राजा-प्रजा संबंधों में सत्य और दया से काम लेना चाहिए।