Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 शमूएल 14:1 2 शमूएल 14:2 2 शमूएल 14:3 2 शमूएल 14:4 2 शमूएल 14:5 2 शमूएल 14:6 2 शमूएल 14:7 2 शमूएल 14:8 2 शमूएल 14:9 2 शमूएल 14:10 2 शमूएल 14:11 2 शमूएल 14:12 2 शमूएल 14:13 2 शमूएल 14:14 2 शमूएल 14:15 2 शमूएल 14:16 2 शमूएल 14:17 2 शमूएल 14:18 2 शमूएल 14:19 2 शमूएल 14:20 2 शमूएल 14:21 2 शमूएल 14:22 2 शमूएल 14:23 2 शमूएल 14:24 2 शमूएल 14:25 2 शमूएल 14:26 2 शमूएल 14:27 2 शमूएल 14:28 2 शमूएल 14:29 2 शमूएल 14:30 2 शमूएल 14:31 2 शमूएल 14:32 2 शमूएल 14:33



अर्थ का ठोस परिचय
2 शमूएल 14:25 में कहा गया है कि अबशालोम पूरे इस्रएल में रूप-सौंदर्य के कारण अत्यंत प्रशंसित और उच्च मान पाया करते थे; वह सब में किसी प्रकार की कमी से मुक्त थे। इस वाक्य का मुख्य संदेश यह है कि बाहरी सौंदर्य और आकर्षण भी कभी-कभी जन्म-जगत शक्तिशाली प्रभाव डालते हैं, परन्तु वह लोग जिनमें आंतरिक नैतिक गुण और चरित्र भी निखरे हों, वे वास्तविक नेता बनने की दिशा में अग्रसर होते हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
अबशालोम दाऊद के पुत्र थे, जिन्हें यहूदा के राजघराने से Herkunft के कारण राजा बनना नहीं मिला। उनका प्रखर क्षण और बाहरी सुंदरता ने उन्हें इस्राएल में एक उठते हुए चेहरा बना दिया; पर ईश्वरीय योजना में उनके लिए सही मार्ग नहीं था। यहाँ कवच की तरह दिखाई देने वाला बाहरी आभोजन एक क्षण के लिए आदरणीय बनाता है, परन्तु असल यात्रा चरित्र और सत्यनिष्ठा पर निर्भर करती है।
व्याख्यात्मक सूचियाँ
मूल पाठ से सम्बद्ध विचार
यहाँ विविध पुराने टिप्पणीकारों के दृष्टिकोण से एक संयुक्त संदेश निकलता है: बाहरी आकर्षण सामाजिक प्रभुत्व बना सकता है, पर परमेश्वर के सामने कामयाबी और राजगद्दी के लिए आंतरिक सेतु—ईमानदारी, भक्तिपूर्णता, और रुचिर नेतृत्व—अनिवार्य हैं।
संक्षिप्त थीमों की सूची
अनुवादित संदर्भ और संक्षिप्त व्याख्या
यहीं से निकटवर्ती दृष्टांतों में देखने को मिलता है कि समान स्थितियाँ अन्य पात्रों में भी उत्पन्न होती हैं—जैसे जिस समय लोग राजा के रूप-रूप से प्रभावित होते हैं, उनका आचार-व्यवहार और सार्वजनिक व्यवहार कैसे निर्णायक बनते हैं। नीचे कुछ क्रॉस-रेफरेंसेज हैं, जो इस विचार को गहरा करते हैं:
इन क्रॉस-रेफरेंसेज से यह स्पष्ट होता है कि समृद्धता और सुंदरता स्थायी सफलता की गारंटी नहीं होती; चरित्र और परमेश्वर के साथ समझौते का न होना खतरे का संकेत बन सकता है।
व्यावहारिक takeaway
आपके जीवन में चाहे आप कितने भी सक्षम हों या दिखने में कितने भी आकर्षक हों, असली नेतृत्व और स्थिर सफलता आंतरिक ईमानदारी, नम्रता, और परमेश्वर के मार्ग के अनुसार कर्म करने से आती है। ऐसी बातें जो दिखती हैं, उनके पीछे के आचरण को भी उतना ही महत्त्व दें जितना कि बाहरी रोशनी को।
महत्त्वपूर्ण उद्धरणों का उल्लेख
यह भाग केवल संदर्भ के लिए है; नीचेMatthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke जैसे सार्वजनिक-डायन-ग्रंथों से सीधे उद्धरण नहीं दिए गए हैं—पर उनके सामान्य विचार यह रहे कि बाहरी सुंदरता भौतिक आकर्षण है, जबकि आंतरिक चरित्र और ईश्वर-आज्ञा अधिक स्थायी है। उद्धरणों के लिए प्रकाशित ग्रंथों के भाषिक अंश नियमित अध्ययन के समय देखे जा सकते हैं।