Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
प्रेरितों के काम 1 प्रेरितों के काम 2 प्रेरितों के काम 3 प्रेरितों के काम 4 प्रेरितों के काम 5 प्रेरितों के काम 6 प्रेरितों के काम 7 प्रेरितों के काम 8 प्रेरितों के काम 9 प्रेरितों के काम 10 प्रेरितों के काम 11 प्रेरितों के काम 12 प्रेरितों के काम 13 प्रेरितों के काम 14 प्रेरितों के काम 15 प्रेरितों के काम 16 प्रेरितों के काम 17 प्रेरितों के काम 18 प्रेरितों के काम 19 प्रेरितों के काम 20 प्रेरितों के काम 21 प्रेरितों के काम 22 प्रेरितों के काम 23 प्रेरितों के काम 24 प्रेरितों के काम 25 प्रेरितों के काम 26 प्रेरितों के काम 27 प्रेरितों के काम 28Verse
प्रेरितों के काम 11:1 प्रेरितों के काम 11:2 प्रेरितों के काम 11:3 प्रेरितों के काम 11:4 प्रेरितों के काम 11:5 प्रेरितों के काम 11:6 प्रेरितों के काम 11:7 प्रेरितों के काम 11:8 प्रेरितों के काम 11:9 प्रेरितों के काम 11:10 प्रेरितों के काम 11:11 प्रेरितों के काम 11:12 प्रेरितों के काम 11:13 प्रेरितों के काम 11:14 प्रेरितों के काम 11:15 प्रेरितों के काम 11:16 प्रेरितों के काम 11:17 प्रेरितों के काम 11:18 प्रेरितों के काम 11:19 प्रेरितों के काम 11:20 प्रेरितों के काम 11:21 प्रेरितों के काम 11:22 प्रेरितों के काम 11:23 प्रेरितों के काम 11:24 प्रेरितों के काम 11:25 प्रेरितों के काम 11:26 प्रेरितों के काम 11:27 प्रेरितों के काम 11:28 प्रेरितों के काम 11:29 प्रेरितों के काम 11:30



प्रेरितों के काम 11:10 — तीन बार ऐसा ही हुआ; तब सब कुछ फिर आकाश पर खींच लिया गया
कथानक का तुरंत सेटिंग
प्रेरितों के काम में पतरस दूर-देशों की सीमा लाँघकर पीनतृप्न के घर में आकर बात कर रहा था, जब उसने देखा कि ईश्वर ने गोत्र-भेद के बिना धीरे-धीरे प्रगट करना शुरू किया है। यहाँ प्रेरित 11:10 बताता है कि व्यवस्था में तीन बार ऐसा हुआ, और फिर आकाश को खोल दिया गया ताकि सभी प्रकार के जीव-जगत उसे स्वीकार कर लें। यह घटना ईश्वर की ओर से दिव्य संकेत का प्रमाण है कि निर्बाध रूप से यह संदेश चैन से वह प्रत्येक व्यक्ति के दिल तक पहुँच रहा है।
यह पाठ ईश्वर या विश्वास के बारे में क्या बताता है
यह वाक्य स्पष्ट करता है कि विश्वास और उद्धार का काम सार्वभौमिक है, और ईश्वर ने-द्वारा दिखाए गए मार्ग में बाधाओं को तोड़ दिया है। तीन बार की प्रक्रिया से यह संकेत मिलता है कि परमेश्वर की योजनाएं बार-बार दोहराई जा सकती हैं जब तक कि मानवीय दिल खुल कर उसका स्वागत न कर ले। यह साक्ष्य फलीभूत करता है कि आशीर्वाद और प्रेरणा ईश्वर के अधिकार में हैं, मानव की समझ के बावजूद।
महत्वपूर्ण शब्दों/चित्रों की स्पष्टता
अन्य प्रासंगिक बाइबल अंश
• वह संदेश जो परमेश्वर केआवाज से उद्घाटित होता है, उसे विश्व-व्यापी दृष्टि में समाहित करता है; उदाहरण स्वरूप प्रेरितों के काम 10–11 अध्यायों में यह स्पष्ट है कि जाति-भेद से ऊपर उठकर ईश्वर का पवित्र संदेश फैलना चाहिए।
• विश्वास में स्पष्ट अनुमति — परमेश्वर जो कल-परसों देता है, वही आज भी देता है; यह सामंजस्य पवित्र आत्मा से जुड़ा है।
• पुर्नजागरण और बुलाहट— पुराने नियम के दायरे से बाहर आकर नये दायरे में प्रवेश की अनुमति, जो समारोहों के माध्यम से नहीं, परोक्ष संकेतों से मिलती है।
कथन-आधार सम्मेलन (Cross-references)
• प्रेरितों के काम 10:9–16 (परिचय) — स्वर्गीय संकेतों के साथ Gentiles के स्वागत की अनुमति; यह संदर्भ इस पाठ के साथ एक ही धागे को जोड़ता है कि ईश्वर सबके लिए खुला है।
• रोमियों 10:12 — “क्योंकि हर जगह में वह एक ही प्रभु है” जैसा विचार; यह बताने में मदद करता है कि प्रभु के निमंत्रण में जाति-भेद नहीं।
• यशाय 56:6–7 — सभी जातियों के लोगों के लिए आराधनागृह बनना; दर्शाता है कि परमेश्वर की योजना विश्वव्यापी है।
आज के लिए व्यावहारिक अनुप्रयोग
• खुला दिल रखें: परमेश्वर के असंख्य मार्गों को स्वीकारना सीखें, भले कितनी बार संकेत दोहराएं जाएं।
• barriers हटाने का साहस: जाति-धर्म, पंथ या सामाजिक बाधाओं के बावजूद प्रेम और सच्चे संदेश को फैलाने का दायित्व अपनाएं।
• सन्देश की पुष्टि: ईश्वर की आवाज़ और पवित्र आत्मा के आह्वान पर ध्यान दें; निर्णय लेने से पहले शान्त मन और गरिमामय विवेक आवश्यक है।
योग्य टिप्पणी: महात्मा मतिकनी (Matthew Henry), ऐल्बर्ट बार्न्स (Albert Barnes) और एडम क्लार्क (Adam Clarke) के प्रकाश से इस पाठ की संकल्पना यह कहती है कि ईश्वर की योजना सार्वभौमिक है और उसके संयोजन में मानवीय स्वार्थों से अधिक उसकी महिमा है; तीन बार होने का संकेत पुष्टि के चरण को बढ़ाता है।