Old Testament
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प्रेरितों के काम 1 प्रेरितों के काम 2 प्रेरितों के काम 3 प्रेरितों के काम 4 प्रेरितों के काम 5 प्रेरितों के काम 6 प्रेरितों के काम 7 प्रेरितों के काम 8 प्रेरितों के काम 9 प्रेरितों के काम 10 प्रेरितों के काम 11 प्रेरितों के काम 12 प्रेरितों के काम 13 प्रेरितों के काम 14 प्रेरितों के काम 15 प्रेरितों के काम 16 प्रेरितों के काम 17 प्रेरितों के काम 18 प्रेरितों के काम 19 प्रेरितों के काम 20 प्रेरितों के काम 21 प्रेरितों के काम 22 प्रेरितों के काम 23 प्रेरितों के काम 24 प्रेरितों के काम 25 प्रेरितों के काम 26 प्रेरितों के काम 27 प्रेरितों के काम 28Verse
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प्रेरितों के काम 11:21 पर व्याख्या
पसंद किया गया संदर्भ बताता है कि प्रसारण-युग के आरम्भ में सभाओं ने जब प्रचार से प्रेरित होकर प्रभु के संदेश को ग्रहण किया, तब प्रभु ने उनकी राह आसान की। इस पद में यह दर्शाया गया है कि स्पर्श-हाथ (परमेश्वर की कृपा) किस प्रकार से क्रियान्वयन बनती है—विश्वास की वृद्धि, आत्म-विश्वास और पाप से मोड़। विरोधी वातावरण में भी जब यहाभियान प्रभु के हाथ के साथ चलता है, तब मसीही समुदाय तेज़ गति से बढ़ता है।
मुख्य अर्थ
यह वाक्य दिखाता है कि विश्वास में डूबे प्रचारक और शिष्यों पर प्रभु की कृपा सक्रिय रहती है। “हाथ” यहाँ विशेष आश्वासन देता है—प्रभु का प्रभाव, सुरक्षा, और प्रेरणा—जो लोगों को ईश्वर की ओर लौटने के लिये प्रेरित करता है।
दो-तीन मुख्य विषय
संबंधित पवित्र ग्रन्थ
1) प्रेरितों के काम 1:8—प्रभु की शक्ति भीतर उतरती है जब वे पूण्य आत्मा से अधिक प्रभावी होते हैं; यह क्रम चित्रित करता है कि विश्वास से अवसर बनते हैं।
2) प्रेरितों के काम 2:37-39—प्रभु के संदेश से मन परिवर्तन होता है और जगत से अलग होकर ईश्वर की ओर लौटने की पहल होती है।
3) रोमियों 10:14-15—विश्वास की घोषणा के लिए मार्गदर्शक संदेश द्वारा प्रभु के प्रवेशों पर जोर देता है।
व्यावहारिक विचार
किसी समुदाय के लिए यह शिक्षा है कि प्रचार और संदेश-कार्य में सफलता तब मिलती है जब प्रभु की कृपा सक्रिय रहती है। विश्वास के साथ कार्य करें, स्मरण रहे कि परिणाम प्रभु के हाथों में हैं। व्यक्तिगत रूप से अपनी आत्म-नीति छोड़कर प्रभु में स्थिर रहें, ताकि दूसरों के भीतर भी चर्चित परिवर्तन संभव हो सके।
संक्षिप्त निष्कर्ष
11:21 सूचित करता है कि प्रभु का हाथ उन पर था और परिणामस्वरूप बहुत से लोग प्रभु की ओर लौटे। यह संदेश भरोसा देता है कि सत्य के प्रचार में परमेश्वर का सम्मान और कृपा अनवरत साथ रहती है, जिससे समुदाय में परिवर्तन होता है।
सूच्न_cross-reference
• प्रेरितों के काम 1:8 — शक्तिशाली आत्मा से प्रेरित होना; “परमेश्वर के हाथों का साथ”।
• प्रेरितों के काम 2:37-39 — मन परिवर्तन और विश्वास का समूहिक प्रभाव।
• रोमियों 10:14-15 — विश्वास के संदेश की पुष्टि और प्रचार का न्यौता।
कुटुंब-स्तर पर विचार: जब आपका समुदाय एक होकर प्रभु की ओर बढ़ता है, प्रयोगात्मक रूप से प्रेम और दया के कार्य बढ़ते हैं; यह घोषणा भी करती है कि परिवर्तन स्वीकार्य है और विश्वास का परिणाम जीवन-परिवर्तन है।
उद्धरण संकेत —ounding उद्धरण: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से सीधे शब्द इस पाठ के पंक्तिबद्ध विवरण में नहीं मिलते हैं; उनके विचार इस प्रकार के स्पर्शों को समृद्ध करते हैं — “प्रभु का हाथ” का विचार उनके टिप्पणियों में प्रायः विश्वास के साथ क्रिया-प्रारम्भ और कृपा-प्रेरणा के साथ जुड़ा हुआ है।