Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
प्रेरितों के काम 1 प्रेरितों के काम 2 प्रेरितों के काम 3 प्रेरितों के काम 4 प्रेरितों के काम 5 प्रेरितों के काम 6 प्रेरितों के काम 7 प्रेरितों के काम 8 प्रेरितों के काम 9 प्रेरितों के काम 10 प्रेरितों के काम 11 प्रेरितों के काम 12 प्रेरितों के काम 13 प्रेरितों के काम 14 प्रेरितों के काम 15 प्रेरितों के काम 16 प्रेरितों के काम 17 प्रेरितों के काम 18 प्रेरितों के काम 19 प्रेरितों के काम 20 प्रेरितों के काम 21 प्रेरितों के काम 22 प्रेरितों के काम 23 प्रेरितों के काम 24 प्रेरितों के काम 25 प्रेरितों के काम 26 प्रेरितों के काम 27 प्रेरितों के काम 28Verse
प्रेरितों के काम 3:1 प्रेरितों के काम 3:2 प्रेरितों के काम 3:3 प्रेरितों के काम 3:4 प्रेरितों के काम 3:5 प्रेरितों के काम 3:6 प्रेरितों के काम 3:7 प्रेरितों के काम 3:8 प्रेरितों के काम 3:9 प्रेरितों के काम 3:10 प्रेरितों के काम 3:11 प्रेरितों के काम 3:12 प्रेरितों के काम 3:13 प्रेरितों के काम 3:14 प्रेरितों के काम 3:15 प्रेरितों के काम 3:16 प्रेरितों के काम 3:17 प्रेरितों के काम 3:18 प्रेरितों के काम 3:19 प्रेरितों के काम 3:20 प्रेरितों के काम 3:21 प्रेरितों के काम 3:22 प्रेरितों के काम 3:23 प्रेरितों के काम 3:24 प्रेरितों के काम 3:25 प्रेरितों के काम 3:26



प्रेरितों के काम 3:25 – संदर्भ और अर्थ
इस पद में प्रेरित पेत्रुस एक महान धरोहर और वाचा की पूर्ति की स्मृति लेते हैं। परमेश्वर ने पूर्वजों से जो वाचा बाँधी थी, उसका अंतिम रूप तब आ रहा है जब तुम भविष्यद्वक्ताओं की संतति हो और तुम्हारे द्वारा पूरे परिवार पृथ्वी आशीष पाएँगे। यह वादा अब्राहम से शुरू हुआ और उन सब वंशों के अदृश्य उद्देश्य को उद्घाटित करता है: परमेश्वर का उद्देश्य विश्व को आशीष देना। उद्धार के यह मार्ग पूर्वजों के साथ एक विशिष्ट संबद्धता को दर्शाते हैं, जिसमें विश्वास, वचन-संरक्षण और आशीष प्रदान करना सम्मिलित है।
मुख्य संदेश
1) तुम भविष्यद्वक्ताओं की संतान हो: यह साबित करता है कि ईश्वर का वादा एक फलीभूत, परिवार-आधारित लक्ष्य था, जिसमें वह अपने लोगों के बीच वह प्रकाश फैलाना चाहता है जो सब के लिए आशीष बने।
2) वाचा का भागी होना: इस भागीदारी का आशय है कि विश्वास के लोगों का रिश्ता परमेश्वर के आदर्श उद्देश्य से जुड़ा है—उसे बनाये रखना और अपने दायित्वों को मानना।
3) अब्राहम के वचनों से निकली आशिष: पृथ्वी के सभी घराने आशीष पाएँगे—यह सार्वभौमिक दायरा है, जहां उद्धार और अनुग्रह सभी जातियों तक पहुँचता है।
केन्द्रीय थीम
Related cross-references (संक्षेप में समझ के साथ)
व्याख्या में यह प्रकट होता है कि परमेश्वर का संबंध केवल व्यक्तियों से नहीं, बल्कि एक वृहत्तर धारा, जो सभी जातियों के लिए उद्धार के मार्ग खोलती है, में है।
सरल व्यावहारिक विचार
संक्षिप्त निष्कर्ष
यह पद परमेश्वर की दयालु योजना का एक भाग बताता है: एक वाचा जो अब्राहम से शुरू होकर विश्व-समुदाय तक आशीष पहुँचाती है; आप भी इस वाचा के भागी हैं, क्योंकि आप भविष्यद्वक्ताओं की संतान और उनके निर्माणक लक्ष्य का हिस्सा बनते हैं।
इतिहास-आधारित टिप्पणियाँ (Ms. Henry, Barnes, Clarke के विचारों से संकलित)
जिन्होंने इन विचारों को सार्वजनिक-domain टिप्पणी के रूप में लिखा है, वे इस मार्ग पर इस प्रकार विचार करते हैं: यह आशीष का व्यापक विस्तार है, जिसमें विश्व की सभी जातियाँ एक साथ परमेश्वर के वचन के प्रभाव से आशीषित होंगी।
यदि आप विशेष उद्धरण चाहते हैं, तो जाँच के लिए Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के छोटे-छोटे नैतिक निष्कर्ष आप पाएँगे: वे समुदाय-उन्मुखता, विश्वास-आधार और वाचा के स्थायित्व पर बल देते हैं।
नोट: इस पंक्ति के संदर्भ में मुझे निकटतम साहित्य से छोटे-आख्यान उद्धरण मिलते हैं: Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke ने अपने-अपने टिप्पणी-ग्रंथों में इस वाचा-आशीष के विश्वव्यापी दायरे पर प्रकाश डाला है, जो यहाँ संक्षेप-स्वर में समाहित किया गया है।