प्रेरितों के काम 3:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तुम ने उस पवित्र और धर्मी* का तिरस्कार किया, और चाहा कि एक हत्यारे को तुम्हारे लिये छोड़ दिया जाए।

प्रेरितों के काम 3:14 पद-दर-पद बाइबल टीका

प्रेरितों के काम 3:14 का केंद्रित व्याख्यान: पवित्र और धर्मी को ठुकराना बनाम जन-आहित

मुख्य interpretive point: इस वाक्य में पवित्र और धर्मी के प्रति लोगों के दिल की स्थितियों और धर्म-परिप्रेक्ष्य की असहजता उभरती है—वे नाटक करते हैं, शास्त्र-सत्य के विरुद्ध एक निर्दोष (येशू) को छोड़कर एक हिंसक अपराधी को छोड़ना चाहते हैं। यह न सिर्फ एक ऐतिहासिक घटना है, बल्कि मानव स्वभाव के अपराध-प्रिय-हेयाने का चित्रण है: किन्तु परमेश्वर की योजना और विश्वास के अनुरोधों के सामने यह दुष्कृत्य कैसे उजागर होता है।

पठानिक संदर्भ (लिटरेरी.context)

प्रेरितों के काम के इस भाग में पवित्रता, धर्मिता और पाप के दायरे के बीच चलती बहस दिखती है: समाज के नेताओं और भीड़-समुदाय के बीच, यीशु के लिए न्याय की मांग और एक अपराधी के पक्ष में खड़ी राजनीतिक-धार्मिक दबाव। इतिहासिक पृष्ठभूमि में, गोश्त-हृदय इंसानियत की भीड़-प्रिय हिंसा के विरुद्ध प्रेरितों के संदेश की स्पष्टता बढ़ जाती है।

टेक्निकल थेवाले संकेत

शब्द-चयन में “तिरस्कार” और “हत्यारे को छोड़ दिया जाए” अधिकतर पाठक को तीन चीज़ें दिखाते हैं: (1) पवित्र और धर्मी के प्रति अवमानना; (2) भीड़ की राजनैतिक-सामाजिक मांगें बनाम सत्य की कीमत; (3) न्याय के लिए एकमात्र योग्य विकल्प से मुक्ति का प्रयास। यह वाक्य प्रेरितों के पहले चित्त-विजय का प्रभाव दर्शाता है—जब वे यीशु के कारण को मानते हैं, तब भी भीड़ उसे छोड़ने को तैयार होती है।

धार्मिक महत्त्व

यह उद्धरण हमें यह याद दिलाता है कि ईश्वर-भक्ति में भी लोग नीतियों, दबावों और भय के कारण सत्य से विचलन कर सकते हैं। परन्तु क्रूस पर यीशु का अवतरण और पवित्रता का स्थायित्व दर्शाता है कि धर्मी को छोड़कर भीड़ द्वारा चुना गया रास्ता इंसानी स्वभाव की कमी नहीं, बल्कि परमेश्वर की करुणा के साथ एक नयी राह है।

क्रॉस-रेफरेंस (संक्षिप्त संबंध)

  • यूहन्ना 18–19: यीशु के विरुद्ध निर्णय-चक्र और भीड़ की मांग। यह सच बताता है कि सत्ता और धर्म के समूह अक्सर सत्य के सामने क्यों घिघियाते हैं।
  • मत्ती 27:21-23: जन-निर्णय और सत्ता-परिश्रम के दबाव से न्याय का पथ कैसे प्रभावित होता है।
  • रोमियों 3:25-26: परमेश्वर की धर्मी न्याय और कर्तव्य-भावना के साथ जुड़ी म forgiven की योजना का दृश्य।

इन संदर्भों में गहराई यह है कि विरोध-धर्म और सत्ता-नीति के बावजूद यीशु का उद्धार-कार्य सत्य केंद्र बनता है और विश्वासियों को समर्पण की आवश्यकता का पाठ देता है।

reflection questions

  • हम किस प्रकार अपने समाज या समूह के दबाव के कारण सत्य के प्रति चुप रहते हैं؟
  • उस पवित्र और धर्मी के सम्मान के लिए कौन से व्यक्तिगत निर्णय हमें लेने चाहिए?

संक्षिप्त निष्कर्ष

यह वाक्य बताता है कि मानव समुदाय के भीड़-रूख के बीच, परमेश्वर का ध्येय एक निर्दोष के बलिदान में पूरा होता है। सत्य, धर्म और दया के बीच का संतुलन बनाए रखना एक विश्वसनीय विश्वास-जीवन के लिए अनिवार्य है। प्रेरितों के कार्य इस बात को दोहराते हैं कि पाप के सामने भी परमेश्वर की करुणा व उद्धार की योजना स्थिर है।

यहाँ से जुड़े कर्रेंट पाठ

मिश्रण: पवित्रता के प्रति अवहेलना से मिलने वाले दायित्व, और दोष-समाप्ति के लिए परमेश्वर की योजना को स्वीकारना।

उद्धृत छोटी-सी टिप्पणी: "येशू को छोड़ दिया जाए" के भाव से प्रेरितों के पाठ में दर्शाया गया है कि मानव-निर्णय कितना उल्टा पड़ सकता है—परन्तु प्रेरितों के गुण और देव-योजना के सत्य के बीच एक जीवन्त संघर्ष जारी रहता है।

समाप्ति: यह पाठ हमें स्मरण कराता है कि सत्य कैसे भीड़ के दबाव में कठिन बन सकता है, पर उसी सत्य में विश्वस्त विश्वास के लिए ईश्वर की करुणा और उद्धार की राह बनी रहती है।

नोट: इस सामग्री में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के प्रकाशनों से विशिष्ट उद्धरण सीधे नहीं दिए गए हैं; यदि आवश्यकता हो तो छोटी-सी उद्धरण-संरचना अलग से उपयुक्त रूप में जोड़ी जाएगी।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

प्रेरितों के काम 3:14 समानांतर पद और संबंधित वचन

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उसने चिल्लाकर कहा, “हे यीशु नासरी, हमें तुझ से क्या काम? क्या तू हमें नाश करने आया है? मैं तुझे जानता हूँ, तू कौन है? परमेश्‍वर का पवित्र जन!”

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प्रेरितों के काम 4:27 (HINIRV) »
क्योंकि सचमुच तेरे पवित्र सेवक यीशु के विरोध में, जिसे तूने अभिषेक किया, हेरोदेस और पुन्तियुस पिलातुस भी अन्यजातियों और इस्राएलियों के साथ इस नगर में इकट्ठे हुए, (यशा. 61:1)

1 पतरस 3:18 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 पतरस 3:18 (HINIRV) »
इसलिए कि मसीह ने भी, अर्थात् अधर्मियों के लिये धर्मी ने पापों के कारण एक बार दुःख उठाया, ताकि हमें परमेश्‍वर के पास पहुँचाए; वह शरीर के भाव से तो मारा गया, पर आत्मा के भाव से जिलाया गया।

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