Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
प्रेरितों के काम 1 प्रेरितों के काम 2 प्रेरितों के काम 3 प्रेरितों के काम 4 प्रेरितों के काम 5 प्रेरितों के काम 6 प्रेरितों के काम 7 प्रेरितों के काम 8 प्रेरितों के काम 9 प्रेरितों के काम 10 प्रेरितों के काम 11 प्रेरितों के काम 12 प्रेरितों के काम 13 प्रेरितों के काम 14 प्रेरितों के काम 15 प्रेरितों के काम 16 प्रेरितों के काम 17 प्रेरितों के काम 18 प्रेरितों के काम 19 प्रेरितों के काम 20 प्रेरितों के काम 21 प्रेरितों के काम 22 प्रेरितों के काम 23 प्रेरितों के काम 24 प्रेरितों के काम 25 प्रेरितों के काम 26 प्रेरितों के काम 27 प्रेरितों के काम 28Verse
प्रेरितों के काम 3:1 प्रेरितों के काम 3:2 प्रेरितों के काम 3:3 प्रेरितों के काम 3:4 प्रेरितों के काम 3:5 प्रेरितों के काम 3:6 प्रेरितों के काम 3:7 प्रेरितों के काम 3:8 प्रेरितों के काम 3:9 प्रेरितों के काम 3:10 प्रेरितों के काम 3:11 प्रेरितों के काम 3:12 प्रेरितों के काम 3:13 प्रेरितों के काम 3:14 प्रेरितों के काम 3:15 प्रेरितों के काम 3:16 प्रेरितों के काम 3:17 प्रेरितों के काम 3:18 प्रेरितों के काम 3:19 प्रेरितों के काम 3:20 प्रेरितों के काम 3:21 प्रेरितों के काम 3:22 प्रेरितों के काम 3:23 प्रेरितों के काम 3:24 प्रेरितों के काम 3:25 प्रेरितों के काम 3:26



प्रेरितों के काम 3:6 का सरल स्पष्टीकरण और रुचिप्रवण
प्रेरितों के काम 3 अध्याय में पतरस और यूहन्ना का पवित्र मंदिर के बीमा-निमंत्रण के बाद चमत्कारिक आचरण आता है। यहाँ वे किसी सामान्य मद्द पर नहीं, बल्कि ईश्वर के लिए एक विशिष्ट अवसर पर खड़े होते हैं। लेवी-नागरिक नहीं होने के बावजूद पतरस के हाथ से जो कुछ भी आता है, वह दुनिया की संपत्ति नहीं, बल्कि प्रभु यीशु मसीह के नाम से व्यक्त किए गए परम श्रेष्ठ परिचय के रूप में है।
मुख्य संदेश
इस वचन में पतरस एक दयालु, सत्यनिष्ठ और दृढ़ विश्वास वाले चढ़ाव का परिचय देता है। उसका कहना है कि उसके पास चाँदी या सोना तो नहीं, पर जो उसके पास है, वही देता है—यीशु मसीह नासरी के नाम से चलिए। यहाँ वह शारीरिक वस्तुओं की कमी के बावजूद आध्यात्मिक अनुग्रह और शक्ति की उपलब्धता को उद्घाटन करता है: परमेश्वर की कृपा और नाम-आधारित आशीष शारीरिक लाभ से बढ़कर है।
2-3 प्रमुख विषय
संदर्भित और समकक्ष विचार
- प्रेरितों के कार्य 1:8: पवित्र आत्मा की शक्ति से साक्ष्य और सुसमाचार का प्रसार।
- मत्ती 6:33: पहले परमेश्वर के राज्य और उसके धर्म की खोज, तब सब कुछ क्रम से मिलेगा।
- प्रकाशितवाक्य 2:9: घृणा-युग के दुखों के बीच वास्तव में आध्यात्मिक संपदा मायने रखती है।
व्यावहारिक चिंतन
हम आज भी यह सीखते हैं कि सच्ची शक्ति और प्रभाव तभी आता है जब हम यीशु के नाम पर चलने का विश्वास किसी भी परिस्थिति में बनाए रखते हैं। भौतिक संपदा से बढ़कर आध्यात्मिक संपदा, दया का प्रेम, और लोगों के लिए प्रेरणा बनना ही खरे मसीह-चेतना का फल है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
पतरस के द्वारा दिया गया संदेश यह है कि ईश्वर की कृपा से हमारी पहचान यीशु मसीह के नाम से होती है, न कि हमारे पास कितनी चीज़ें हैं। श्रद्धा और नैतिक साहस के साथ जो कुछ भी दीखता है, वह परमेश्वर के नाम की महिमा के लिए किया जाए।
क्रॉस-रेफरेंसेस
- प्रेरितों के काम 3:16 — यीशु के नाम से शक्ति का प्रभाव; मार्गदर्शन और विश्वास की दृढ़ता।
- इब्रानियों 13:5 — धन-लोभ से मुक्त जीवन की खोज; परमेश्वर की दया से संतुष्टि।
- यूहन्ना 14:12 — यीशु के नाम और विश्वास में सम्मिलित चमत्कारों की निरंतरता।