Old Testament
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प्रेरितों के काम 1 प्रेरितों के काम 2 प्रेरितों के काम 3 प्रेरितों के काम 4 प्रेरितों के काम 5 प्रेरितों के काम 6 प्रेरितों के काम 7 प्रेरितों के काम 8 प्रेरितों के काम 9 प्रेरितों के काम 10 प्रेरितों के काम 11 प्रेरितों के काम 12 प्रेरितों के काम 13 प्रेरितों के काम 14 प्रेरितों के काम 15 प्रेरितों के काम 16 प्रेरितों के काम 17 प्रेरितों के काम 18 प्रेरितों के काम 19 प्रेरितों के काम 20 प्रेरितों के काम 21 प्रेरितों के काम 22 प्रेरितों के काम 23 प्रेरितों के काम 24 प्रेरितों के काम 25 प्रेरितों के काम 26 प्रेरितों के काम 27 प्रेरितों के काम 28Verse
प्रेरितों के काम 4:1 प्रेरितों के काम 4:2 प्रेरितों के काम 4:3 प्रेरितों के काम 4:4 प्रेरितों के काम 4:5 प्रेरितों के काम 4:6 प्रेरितों के काम 4:7 प्रेरितों के काम 4:8 प्रेरितों के काम 4:9 प्रेरितों के काम 4:10 प्रेरितों के काम 4:11 प्रेरितों के काम 4:12 प्रेरितों के काम 4:13 प्रेरितों के काम 4:14 प्रेरितों के काम 4:15 प्रेरितों के काम 4:16 प्रेरितों के काम 4:17 प्रेरितों के काम 4:18 प्रेरितों के काम 4:19 प्रेरितों के काम 4:20 प्रेरितों के काम 4:21 प्रेरितों के काम 4:22 प्रेरितों के काम 4:23 प्रेरितों के काम 4:24 प्रेरितों के काम 4:25 प्रेरितों के काम 4:26 प्रेरितों के काम 4:27 प्रेरितों के काम 4:28 प्रेरितों के काम 4:29 प्रेरितों के काम 4:30 प्रेरितों के काम 4:31 प्रेरितों के काम 4:32 प्रेरितों के काम 4:33 प्रेरितों के काम 4:34 प्रेरितों के काम 4:35 प्रेरितों के काम 4:36 प्रेरितों के काम 4:37



प्रेरितों 4:31 का सीधा अर्थ
प्रार्थना के बाद प्रेरित लोग एक बार फिर से पवित्र आत्मा से भर गए और परमेश्वर के वचन को साहस के साथ प्रचार किया। इस वचन में दो प्रमुख सचाइयाँ सम्मिलित हैं: पवित्र आत्मा के पूर्णत्व से प्रेरित होना और क्रिया-शक्ति से बाणी भाषण का साहस पाना।
प्रासंगिक संदर्भ और पृष्ठभूमि
यह घटना निष्कासन के बाद के समय में घटित होती है, जब ईसाई समुदाय बड़ी आशा और दृढ़ विश्वास के साथ प्रार्थना में लगा रहता है। परमेश्वर ने उनकी प्रार्थना का उत्तर दिया: स्थान हिल गया और वे सभी पवित्र आत्मा से परिपूर्ण हुए। यह घटना चर्चीय समुदाय के लिए आत्म-निर्भरता नहीं, बल्कि आत्म-प्रेरणा और सार्वजनिक प्रचार के लिए दिव्य समर्थन का संकेत है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
मुख्य थीम
संगत क्रॉस-रेफरेंसे
1) प्रेरितों के काम 2:4-5: सुझाव देता है कि आत्मा से शक्ति प्राप्त कर प्रेरित लोगों ने बपतिस्मा और प्रचार के लिए तैयारी की। यह दृश्य स्पष्ट करता है कि आत्मा की परिपूर्णता क्रिया-शक्ति का स्रोत है।
2) मत्ती 28:19-20 (परिवर्तित संदर्भ): प्रभु के आयोग के साथ आत्मा की सहायता भी दी जाती है ताकि मिशन पूरा हो सके।
3) यूहन्ना 14:26: पवित्र आत्मा उन्हें याद दिलाने और शिक्षा देने के लिए भेजे जाते हैं ताकि प्रचार का संदेश सुदृढ़ रहे।
कथन-उद्धरणों से निष्कर्ष (संरक्षित उपदेश)
कई सार्वजनिक-डायग्नोस्टिक टिप्पणीकारों के विचारों का सार इसी विराम में समाहित है: प्रेरितों के अनुभव में आत्मा की पूर्णता उनके विश्वास और संदेश के प्रभाव को बढ़ाती है।
मार्था हैनरी के विचार (संक्षेप): प्रभु के पास रुके रहने के बाद, शिष्य अपने मंतव्य को स्पष्ट और निर्भय रूप से घोषित करते हैं; यह आत्मा की सहायता के बिना संभव नहीं होता।
अल्बर्ट बार्न्स के विचार (संक्षेप): आत्मा की गरिमा इनके भीतर एक नया धैर्य और शब्द-शक्ति पैदा करती है ताकि संदेश सम्मोहक बने।
एडम क्लार्क के विचार (संक्षेप): जब आत्मा की ठहराव मिलती है, तब उपदेशक समाज के सामने समरस और स्थिर रहते हैं; भय नहीं, बल्कि विश्वास और स्पष्टता दिखाई देती है।
संक्षिप्त निष्कर्ष और व्यावहारिक Takeaway
– यदि आप ईमानदारी से प्रभु के सामने खड़े होते हैं, तो आत्मा की सहायता से साहस बढ़ता है।
– समुदाय मिलकर prayerful निर्भरता से नए विपरीतों का सामना कर सकता है और सत्य को निर्भय रूप से प्रकट कर सकता है।
– व्यक्तिगत जीवन में भी आत्मा-परिपूर्णता एक सतत प्रेरणा और सेवा के लिए शक्ति का स्रोत है।