Old Testament
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आमोस 7:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और यहोवा ने मुझसे कहा, “हे आमोस, तुझे क्या देख पड़ता है?” मैंने कहा, “एक साहुल।” तब परमेश्वर ने कहा, “देख, मैं अपनी प्रजा इस्राएल के बीच में साहुल लगाऊँगा।
आमोस 7:8 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
आमोस 7:8 समानांतर पद और संबंधित वचन
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आमोस 8:2 (HINIRV) »
और उसने कहा, “हे आमोस, तुझे क्या देख पड़ता है?” मैंने कहा, “धूपकाल के फलों से भरी एक टोकरी।” तब यहोवा ने मुझसे कहा, “मेरी प्रजा इस्राएल का अन्त आ गया है; मैं अब उसको और न छोड़ूँगा।”

विलापगीत 2:8 (HINIRV) »
यहोवा ने सिय्योन की कुमारी की शहरपनाह तोड़ डालने की ठानी थी: उसने डोरी डाली और अपना हाथ उसे नाश करने से नहीं खींचा; उसने किले और शहरपनाह दोनों से विलाप करवाया, वे दोनों एक साथ गिराए गए हैं।

यिर्मयाह 15:6 (HINIRV) »
यहोवा की यह वाणी है कि तू मुझको त्याग कर पीछे हट गई है, इसलिए मैं तुझ पर हाथ बढ़ाकर तेरा नाश करूँगा; क्योंकि, मैं तरस खाते-खाते थक गया हूँ*।
आमोस 7:8 से दृश्य-आधार और परमेश्वर की दृष्टि
Immediate setting: इस वचन में आमोस एक पर्वत-आलिंगन के बीच स्वर्गीय संवाद सुनता है—यहोवा परमेश्वर अपने दत्तादेश देते हैं और आमोस उनके निर्देशों को समझने लगता है। “हे आमोस, तुझे क्या देख पड़ता है?” यह पूछ कर परमेश्वर स्पष्ट करते हैं कि भविष्य में क्या होने वाला है, ताकि आमोस सचेत रहे और उनके संदेश with स्पष्ट उद्देश्य हों।
यह पाठ परमेश्वर या विश्वास के बारे में क्या प्रकट करता है
यह पाठ दिखाता है कि परमेश्वर अपने लक्ष्य को ठोस रूप से निर्धारित करते हैं और घटनाओं के पीछे की योजना उनके हाथ में है। प्रजा इस्राएल के बीच “साहुल लगाऊँगा” कहकर वह नियत समय पर उनकी स्थिति और प्रबंधन को स्थिर करते हैं। यह चित्रण यह भी रेखांकित करता है कि प्रभु की दृष्टि शीर्षक नहीं छोड़ती: वह समाज के भीतर स्थितियों को पहचानते हैं, और उन परिस्थितियों को लेकर क्रिया-योजना बनाते हैं।
महत्वपूर्ण शब्दों/छायाओं की स्पष्टता
सम्बद्ध पवित्रशास्त्र के संकेत
यहाँ के विचार परिवारित हैं कि परमेश्वर समय-समय पर समाज के बीच उद्देश्य-निर्धारण करते हैं और यहूदियों के इतिहास में उनके निर्णयों को संकेत करते हैं। अन्य स्थान जहाँ परमेश्वर के चयन और योजनाओं के संकेत मिलते हैं: दर्शन-उद्धार के संकेत, जैसे कि पुराने नियम में चुनाव और व्यवस्था के अर्थ।
कुछ संदर्भ जो इस पाठ से जुड़ते हैं
आज के लिए अभ्यास
1) परमेश्वर की योजना पर भरोसा रखें: जब जीवन में असंगतियाँ दिखें, तब यह ध्यान दें कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए स्थिर व्यवस्था बनाते हैं।
2) स्थिति में साहिसहाय बनें: समाज में, चाहे वह समुदायिक या व्यक्तिगत स्तर पर हो, ईमानदार जीवन और नीतिगत निर्णय से परमेश्वर की योजना को साथ दें।
3) विश्वास को मार्गदर्शन में बदलें: कठिन निर्णयों के समय प्रार्थना और समर्थन seeking करें ताकि आप साहुल के समान स्थिरता और नियंत्रण अनुभव करें।
टिप्पणियाँ: प्रसिद्ध टिप्पणीकारों के संक्षेप संकेत
यह पंक्ति बताती है कि परमेश्वर अपनी योजना को चालित और स्पष्ट बनाते हैं ताकि समाज के भीतर न्याय और व्यवस्था स्थापित हो सके।
Cross-reference के हिस्से में नीचे-के-नीचे उल्लेखित स्रोतों का संक्षेप विचार दिया गया है:
नोट: इस पंक्ति पर Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संक्षेप उद्धरण में वे अभिव्यक्त विचार समाहित हैं जो परमेश्वर की योजना-निर्माण और वक्त-निर्धारण के विश्लेषण में उपलब्ध हैं।