आमोस 7:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

जब वे घास खा चुकीं, तब मैंने कहा, “हे परमेश्‍वर यहोवा, क्षमा कर! नहीं तो याकूब कैसे स्थिर रह सकेगा? वह कितना निर्बल है!”

पिछला पद
« आमोस 7:1
अगला पद
आमोस 7:3 »

आमोस 7:2 पद-दर-पद बाइबल टीका

आमोस 7:2 का तात्पर्य और संदर्भ

प्रत्यक्ष अर्थ: इस वचन में Amos के परमेश्वर के निर्णय से पूर्व की क्षमा की विनती है—याकूब (इस्राइल) कितनी निर्बल है, यह भूखा, दुर्बल और असहाय अवस्था में है; इसलिए प्रभु से निवेदना है कि वह दया कर के उसे स्थिर बनाए।

प्रसंगगत पृष्ठभूमि

आमोस एक किसान-नबी हैं जो उत्तरिश्रायत ונायों के अच्छे समय के बीच भी सामाजिक असमानता, अन्याय और धार्मिक दिखावा को उजागर करते हैं। इस आयत में वह यह दिखाते हैं कि परमेश्वर के न्याय में करुणा और विनय भी अभिन्न साथ चलते हैं। जब प्रभु द्वारा निर्णय कर दिया गया प्रतीत होता है, नम्र याचना में भक्ती है—क्षमा के माध्यम से ही स्थिरता संभव है, क्योंकि इस्राइल का मनोबल उसकी निर्भरता पर निर्भर है।

व्याख्यात्मक धारणाएँ

  • भय और विनय साथ चलते हैं: जैसे ही दंड की चेतावनी उभरती है, प्रार्थना और क्षमा की कामना उठती है।
  • याकूब का स्थिर रहना: स्थिरता प्रभु की कृपा और सहायता पर निर्भर है; मानव শক্তि से नहीं, बल्कि परमेश्वर की कृपा से स्मृति बनी रहती है।
  • यथार्थिक निर्भरता की मांग: सामाजिक और व्यक्तिगत संकट में परमेश्वर के साथ निकटता बनाए रखना—यही स्थिरता का स्रोत है।

संकेतक पंक्तियाँ (कॉन्टेक्स्ट से जुड़ी बातें)

आमोस में भविष्यद्वक्ताओं के शब्द आम जनता के बीच अन्याय, भूख, और धार्मिक दिखावे के विरुद्ध बुलंद होते हैं। यहाँ क्षमा की याचना यह दिखाती है कि परमेश्वर के साथ संबंध में दया और नैतिक आचरण आवश्यक हैं।

छोटी थीमैटिक सूची

  • न्याय और दया का संतुलन—सरकारों और समुदायों को दया पूर्वक न्याय करना चाहिए।
  • हमारी निर्बलता पर निर्भरता—हमारे संघर्षों में प्रभु की सहायता आवश्यक है।
  • कठोर निर्णयों के बीच करुणा—उचित क्षमा से ही स्थिरता और रक्षा मिलती है।

अन्य प्रासंगिक बाइबिल संदर्भ

1) सेफानियों में चेतावनी के समय प्रार्थना: जैसे यहाँ क्षमा और स्थिरता की मांग है, वैसी ही प्रवृत्ति अन्य मौकों पर भी दिखती है।

2) नीतिवचन में विनय और विश्वास का स्थान: निर्भरतापूर्वक परमेश्वर पर भरोसा रखना स्थिरता का आधार है।

3) अन्याय के विरुद्ध पश्चात्ताप और दर्शन: समाजिक दबावों के बीच आ density—परमेश्वर की इच्छा अनुरूप आचरण आवश्यक है।

संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष

जब दुनिया भौतिक सुरक्षा के लिए अपनी ताकत पर निर्भर हो, तो परमेश्वर के सामने विनम्र विनती—“क्षमा कर”—ही वास्तविक स्थिरता दिलाती है। ऐसों में हमारी पहली प्रतिक्रिया विश्वास और नम्रता होनी चाहिए, ताकि हम याकूब की तरह स्थिर रह सकें।

उल्लेखित उद्धरण (जोड़कर)

नोट: इस पाठ के विशिष्ट सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों से प्रेरित तात्त्विक बिंदु नीचे दिए गए हैं, परन्तु यहाँ सन्निहित शब्द-उद्धरण संक्षेप में हैं।

Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संगत विचारों के प्रमुख संकलन से आए सूक्तियाँ इस पाठ के अर्थ को गहराई से प्रस्तुत करते हैं—

महत्वपूर्ण उद्धरण: “हे परमेश्वर यहोवा” जैसी विनयपूर्ण प्रार्थना का स्वर मॉडर्न व्याख्या में संयम और दया के साथ जोड़ा गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

आमोस 7:2 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यहेजकेल 11:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यहेजकेल 11:13 (HINIRV) »
मैं इस प्रकार की भविष्यद्वाणी कर रहा था, कि बनायाह का पुत्र पलत्याह मर गया। तब मैं मुँह के बल गिरकर ऊँचे शब्द से चिल्ला उठा, और कहा, “हाय प्रभु यहोवा, क्या तू इस्राएल के बचे हुओं को सत्यानाश कर डालेगा?”

यशायाह 37:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 37:4 (HINIRV) »
सम्भव है कि तेरे परमेश्‍वर यहोवा ने रबशाके की बातें सुनी जिसे उसके स्वामी अश्शूर के राजा ने जीविते परमेश्‍वर की निन्दा करने को भेजा* है, और जो बातें तेरे परमेश्‍वर यहोवा ने सुनी हैं उसके लिये उन्हें दपटे; अतः तू इन बचे हुओं के लिये जो रह गए हैं, प्रार्थना कर।'”

निर्गमन 10:15 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
निर्गमन 10:15 (HINIRV) »
वे तो सारी धरती पर छा गईं, यहाँ तक कि देश में अंधकार छा गया, और उसका सारा अन्न आदि और वृक्षों के सब फल, अर्थात् जो कुछ ओलों से बचा था, सबको उन्होंने चट कर लिया; यहाँ तक कि मिस्र देश भर में न तो किसी वृक्ष पर कुछ हरियाली रह गई और न खेत में अनाज रह गया।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें