Old Testament
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दानिय्येल 6:1 दानिय्येल 6:2 दानिय्येल 6:3 दानिय्येल 6:4 दानिय्येल 6:5 दानिय्येल 6:6 दानिय्येल 6:7 दानिय्येल 6:8 दानिय्येल 6:9 दानिय्येल 6:10 दानिय्येल 6:11 दानिय्येल 6:12 दानिय्येल 6:13 दानिय्येल 6:14 दानिय्येल 6:15 दानिय्येल 6:16 दानिय्येल 6:17 दानिय्येल 6:18 दानिय्येल 6:19 दानिय्येल 6:20 दानिय्येल 6:21 दानिय्येल 6:22 दानिय्येल 6:23 दानिय्येल 6:24 दानिय्येल 6:25 दानिय्येल 6:26 दानिय्येल 6:27 दानिय्येल 6:28



अर्थ का प्रत्यक्ष सार
दानिय्येल 6:16 के अनुसार राजा दारियोख ने दानिय्येल को सिंहों की माँद में डालने का आदेश दिया, यह जानकर कि दानिय्येल का एकमात्र भरोसा ईश्वर है जो विपरीत परिस्थितियों में भी उसकी रक्षा करेगा। राजा ने कहा, “तेरा परमेश्वर जिसकी तू नित्य उपासना करता है, वही तुझे बचाए!” यह वाक्य ईश्वर के प्रति दृढ़ विश्वास के लिए दानिय्येल के शासन-चक्र के बीच एक निर्णायक परीक्षा था और उसी विश्वास पर उसकी रक्षा का निर्भर रहना है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह घटना बाबेलियन गढ़ाव से होने वाली राजनीतिक सत्ताओं के समय घटती है जब दानिय्येल चौथे राजवंश में विश्वासयोग्य अधिकारी बना रहता है, पर उसकी दबाव का सामना करता है। राजा ने प्रचलित नियमों के बाहर जाकर दानिय्येल की धार्मिक गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई, बल्कि उसने दानिय्येल के निष्ठा के परीक्षण के लिए एक कड़ी नीति बनाई, जिसमें तीनों राज्य मंत्रियों द्वारा मिलकर दानिय्येल को सिंहों के छेद में डालने का आदेश दिया गया।
interpretive observations
छोटी थीम-सूची
संबद्ध पद-खंड (cross-references)
1) जन्म 39:20 — अभियोग और परीक्षण की विनम्रता; दाऊद के समान, ईश्वर के लोग शत्रुओं के दबाव के बावजूद अपनी विश्वसनीयता बनाए रखते हैं।
2) मत्ती 14:22-33 — यीशु के विश्वास में चलना और घबराहट के समय विश्वास की पुष्टि।
3) भजन 27:1 — परमेश्वर के साथ होने पर भय का शमन और उज्ज्वल आशा।
कैसे समझें और काम में लाएं
दानिय्येल के लिए ज्ञान यह था कि उनका उद्धारक अकेला परमेश्वर है। आज भी अस्थिर समय में व्यक्तिगत आस्था की दृढ़ता बनाये रखना चाहिए—चाहे परिणाम कैसे भी हों, परमेश्वर के साथ संबंध निरंतर रहता है। आपातकालीन परिस्थितियों में भी प्रार्थना का आसरा न छोड़ें; ईश्वर तब भी साथ चलता है जब मानव शासन कुछ निर्णयों से आपको दबाने की कोशिश करते हैं।
संक्षेप निष्कर्ष
इस वचन से स्पष्ट होता है कि सत्य-आस्था तब भी प्रकट होनी चाहिए जब विश्वव्यवस्था उसे चुनौती दे। दानिय्येल की कहानी एक प्रेरणा है कि परमेश्वर के लोग कठिन परीक्षणों में भी विश्वास बनाए रखते हैं, और परमेश्वर उसी समय रक्षा और प्रमाण प्रदान करते हैं।
नोट: नीचे दिए गए उद्धरण कभी-कभी अन्य टिप्पणीकारों के समान विचारों में उद्धृत हो सकते हैं; यहाँ समन्वयित सार वही है। “तेरा परमेश्वर जिसकी तू नित्य उपासना करता है, वही तुझे बचाए!”—पौराणिक पाठ में यह राजा की उद्घोषणा है, जो दानिय्येल की दृढ़ आस्था को प्रदर्शित करती है।