Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
दानिय्येल 7:1 दानिय्येल 7:2 दानिय्येल 7:3 दानिय्येल 7:4 दानिय्येल 7:5 दानिय्येल 7:6 दानिय्येल 7:7 दानिय्येल 7:8 दानिय्येल 7:9 दानिय्येल 7:10 दानिय्येल 7:11 दानिय्येल 7:12 दानिय्येल 7:13 दानिय्येल 7:14 दानिय्येल 7:15 दानिय्येल 7:16 दानिय्येल 7:17 दानिय्येल 7:18 दानिय्येल 7:19 दानिय्येल 7:20 दानिय्येल 7:21 दानिय्येल 7:22 दानिय्येल 7:23 दानिय्येल 7:24 दानिय्येल 7:25 दानिय्येल 7:26 दानिय्येल 7:27 दानिय्येल 7:28



दानिय्येल 7:22 पर टिप्पणी: न्याय और टिकाऊ राज्य की आशा
यह पद हमें वह क्षण दिखाता है जब परमेश्वर का न्याय और राज्य-सत्ता प्राप्त होते हैं—एक ऐसी घड़ी जो इतिहास के अंत तक प्रतीक्षा और तैयारी की मांग करती है। दानिय्येल की vision में, आकाशी सिंहासन और विश्व-राज्य के लिए समय निर्धारित किया गया है; तब तक पवित्र लोग न्यायपूर्ण राज्य के अधिकारी बनते रहते हैं। इस verse का मर्म यह है कि परमेश्वर का निर्धारित समय अति प्राचीन है और उसकी योजना विश्व के ऐतिहासिक क्रम के साथ काम करती है।
पृथ्वी के संदर्भ में मूल संदर्भ
दानिय्येल 7 में नबी एक भविष्यद्वाणीक दृश्य प्रस्तुत करते हैं जिसमें चार महान साम्राज्य दिखते हैं और अंत में एक अद्भुत, स्थायी राजसत्ता स्थापित होती है। 7:22 में परोक्ष रूप से यह संकेत है कि न्याय और पवित्र लोगों की स्थिति—यानी संतों के शासन का समय—मालूम समय के साथ आ जाएगा। यह अस्थिरताओं में भी स्थिरता का संकेत देता है: परमेश्वर की न्याय-योजना अंततः पूर्ण होती है, भले ही मानव इतिहास में समय लगता हो।
प्रमुख संदेश
अनुसर क्रिया और संदर्भ बोध
यहां स्पष्ट है कि उद्धारकर्ता के आने से पूर्व पवित्रों के अधिकारों की पुष्टि एक निर्णायक मोड़ पर होती है। यह दृश्य Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसे प्राचीन प्रकाशकों के चिंतन में भी न्याय के क्रम की पुष्टि करता है: खुद परमेश्वर न्याय-न्याय के अभिनय में स्थिर रहते हैं, और उनके पवित्र लोग उनके साथ भागीदार बनते हैं।
क्रॉस-रेफरेंसे
निम्न पवित्रवचन से इस संदेश की गहराई मेल खाती है:
इन संदर्भों से यह स्पष्ट होता है कि न्याय, पवित्रता और शासन एक-दूसरे से ग tightly जुड़ते हैं, और परमेश्वर की सभ्य सत्ता का लक्ष्य मानव इतिहास को पूर्णता में पहुँचाना है।
संयुक्त निष्कर्ष
इस verse का गहरा संदेश यही है कि कठिन कालखंडों के बीच भी ईश्वर का विधान चलता है और वह अपने समय पर पवित्र लोगों को न्याय-सम्मत शासन में भागीदार बना देगा। यह आशा हमें भूले नहीं देनी चाहिए: बुरा समय भी गुजर जाएगा, क्योंकि परमेश्वर की असीमित सृष्टि-योजना में न्याय का दिन निश्चित है।
व्यावहारिक devotional विचार
जब जीवन में अन्याय या परेशानियाँ दिखती हैं, तब इस वचन—“जब तक वह अति प्राचीन आया”—की स्मृति हमे यह याद दिलाती है कि हमारे समय-नियंत्रक परमेश्वर के हाथ में है। धर्म-सत्य के साथ चलते रहिए, ताकि आप भी उस भविष्य की न्याय-राज्य की सहचरी बनें, जहां पवित्रता और दयालुता बना हुआ राज्य है।
अनुदेशक विचार (Cross-references के साथ): इस दृष्टी को सुदृढ़ करने के लिए ऊपर दिए गए क्रॉस-रेफरेंसे भी देखें।
उद्धृत उद्धरण (जहाँ उपलब्ध है): Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के साफ शब्दकीय सारांश का उपयोग आवश्यक स्थानों पर किया गया है।