Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
दानिय्येल 7:1 दानिय्येल 7:2 दानिय्येल 7:3 दानिय्येल 7:4 दानिय्येल 7:5 दानिय्येल 7:6 दानिय्येल 7:7 दानिय्येल 7:8 दानिय्येल 7:9 दानिय्येल 7:10 दानिय्येल 7:11 दानिय्येल 7:12 दानिय्येल 7:13 दानिय्येल 7:14 दानिय्येल 7:15 दानिय्येल 7:16 दानिय्येल 7:17 दानिय्येल 7:18 दानिय्येल 7:19 दानिय्येल 7:20 दानिय्येल 7:21 दानिय्येल 7:22 दानिय्येल 7:23 दानिय्येल 7:24 दानिय्येल 7:25 दानिय्येल 7:26 दानिय्येल 7:27 दानिय्येल 7:28



दानिय्येल 7:23 पर टिप्पणी—यह verse क्यों मायने रखता है
यहVerse हमें विश्व इतिहास के अंतरीय क्रम को समझाने में मदद करता है। दानिय्येल के vision में चार जन्तु पृथ्वी के चार साम्राज्यों के प्रतीक बनकर उभरते हैं, और चौथा राज्य अत्यंत शक्तिशाली रूप से प्रखर होकर पूरे संसार पर प्रभाव डालता है। इस वचन के शब्दों में यह उल्लेख है कि वह चौथा राज्य पृथ्वी के अन्य राज्यों से भिन्न होगा, और उसे पृथ्वी के सभी राज्यों पर अधिकार मिलेगा—यह चित्र वर्तमान और भविष्य की राजनैतिक, सांस्कृतिक, और धार्मिक ताकतों के लिए एक चेतावनी देता है कि परमेश्वर की योजना में इतिहास एक क्रम से बढ़ता है और उसकी अंतिम विजय निश्चित है। इस कारण यह दृढ़ विश्वास देता है कि सत्ता चाहे कैसी भी हो, परमेश्वर की सुसंगत योजना और न्याय अंतिम निर्णायक होंगे।
संदर्भ और मूल संदर्भ
दानिय्येल की सातवीं अध्याय में तीनों प्रमुख बातें स्पष्ट हैं: स्वपन, निर्णय, और आकाशीय दिव्य दृष्टि। पहले तीन जन्तु क्रमशः बसीलोन, मिदियन-पश्चिम, और ग़ज़ के साम्राज्यों के प्रतीक माने जाते हैं। चौथा जन्तु एक नया, अद्वितीय राज्य है जो अन्य से भिन्न होगा और पृथ्वी पर व्यापक प्रभाव डालेगा। यह शब्द केवल एक ऐतिहासिक संकेत नहीं है, बल्कि समय के अंतिम कालखंड में आने वाले प्रभुत्वों का संकेत भी देता है, जब मसीही राज की प्रतीक्षा और परमेश्वर के न्याय की पूर्णता कीती जाएगी।
मुख्य संदेश
खुदीर विचार और शास्त्रीय संकेत
प्राचीन टीका-कारों ने इसे एक साथ देखते हुए कहा है कि चौथा जन्तु अंतिम दिनों के विशाल राजतंत्र का प्रतिनिधित्व कर सकता है, जो मानव इतिहास के अंत तक चार्ज लेगा और परमेश्वर के विरुद्ध ठहर जाएगा। यह विचार हमारे लिए एक सतर्कता है कि हमें प्रभु का लक्ष्य याद रखना चाहिए—कि सत्य, न्याय और अपने लोगों की सुरक्षा के लिए परमेश्वर की योजनाएं निरंतर चलती रहेंगी।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संदर्भ के छोटे उद्धरण)
- दानिय्येल 2:44: पृथ्वी के तल पर मानव इतिहास की आख़िरी व्यवस्था पर परमेश्वर का स्थायी राज्य स्थापित होगा।
- दानिय्येल 7:14: उसकी क्षण-क्षण सत्ता से सब राज्य मिलकर एक होंगे, और अंततः परमेश्वर के राज में परिवर्तन होगा।
- प्रेरितों के कार्य 2:17-21: अंतिम दिनों की घटनाओं के द्योतक संकेत और परमेश्वर के उद्धार का त्यौहार।
इन संदर्भों में कुल मिलाकर यह संदेश मिलता है कि मानव इतिहास के बड़े दौर परमेश्वर के नियंत्रण में हैं और अंत में उसकी वीरता और सत्ता स्थापित होगी।
व्यावहारिक अंतर्दृष्टि
हम कैसे इस वाणी को अपनाएं? विश्व की अस्थिर सत्ता और क्षणभंगुर चक्रीय राजनीतिक ऊंचाइयों के बीच, मनुष्य को यह स्मरण रहे कि परमेश्वर की सत्ता अचल और सुरक्षित है। हमारी सामर्थ्य और धैर्य उसी में टिके हों जहां वह न्याय और करूणा के साथ सबकी भलाई का नियोजन कर रहा है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
दानिय्येल 7:23 एक ऐसी भविष्यवाणी है जो बताती है कि चौथा जन्तु एक पृथ्वी-भर में प्रभाव डालने वाला राज्य होगा, जो अंततः परमेश्वर के एकत्वपूर्ण royaume के सामने टिक नहीं पाएगा। यह संदेश हमें विश्वास, प्रतीक्षा, और सतर्कता सिखाता है कि परमेश्वर की योजना कभी रुकती नहीं और उसकी सत्ता अंतिम है।
युक्त सुझाव
नोट: नीचे दिए गये कुछ प्रसिद्ध सार्वजनिक डोमेन टिप्पणीकारों के संकेतित विचार का संक्षेप रूप ब्रह्मचर्य के साथ समाहित किया गया है, ताकि पाठक विषय की गहराई समझ सकें।
उद्धृत टिप्पणी-केवल पंक्तियाँ: "महान एवं शक्तिशाली शासन जो पृथ्वी पर फैल जाएगा" (Matthew Henry से सार)—केवल संदर्भ के लिए उद्धरण है, पूर्ण टेक्स्ट नहीं।