Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
दानिय्येल 7:1 दानिय्येल 7:2 दानिय्येल 7:3 दानिय्येल 7:4 दानिय्येल 7:5 दानिय्येल 7:6 दानिय्येल 7:7 दानिय्येल 7:8 दानिय्येल 7:9 दानिय्येल 7:10 दानिय्येल 7:11 दानिय्येल 7:12 दानिय्येल 7:13 दानिय्येल 7:14 दानिय्येल 7:15 दानिय्येल 7:16 दानिय्येल 7:17 दानिय्येल 7:18 दानिय्येल 7:19 दानिय्येल 7:20 दानिय्येल 7:21 दानिय्येल 7:22 दानिय्येल 7:23 दानिय्येल 7:24 दानिय्येल 7:25 दानिय्येल 7:26 दानिय्येल 7:27 दानिय्येल 7:28



क्यों यह पद महत्वपूर्ण है
दानिय्येल 7:26 उन पाठकों के लिए महत्वपूर्ण है जो न्याय, अन्त्यकाल और अधर्म की अन्तिम हार के प्रश्नों से जूझते हैं। यह वचन विषयगत रूप से यह दर्शाता है कि दुष्ट सत्ता की स्थायी जीत नहीं होगी; अन्त में न्याय का शासन स्थापित होगा। यह विश्वास और आशा दोनों को पोषित करता है—कि भगवान का न्याय सक्रिय है और इतिहास एक निश्चित उद्देश्य की ओर अग्रसर है।
मूल संदर्भ
दानिय्येल 7 में नबी ने स्वप्न के रूप में चार दानवाकार जानवरों और फिर 'मनुष्य का पुत्र' के आगमन का दृश्य देखा। पूरे अध्याय का केंद्रिय बिंदु है आकाशीय न्याय: दैवीय अदालत का सभा और दुष्ट शक्तियों का निर्णय। श्लोक्ष 26 वाक्यांश में "न्यायी बैठेंगे" और दुष्ट शासन की "मिटाई" का विधान इसी दैवीय न्यायिक क्रिया का परिणाम है। यह भविष्यदृष्टि उन सामजिक-राजनीतिक शक्तियों पर लागू है जो जनता पर अत्याचार करती हैं, परंतु अंतिम गणना में देवता की ओर से न्याय होता है।
मुख्य संदेश
वचन का सामान्य संदेश साफ है: दुष्टता और अस्थायी प्रभुत्व का विनाश निश्चित है, और न्याय की स्थापना अपरिहार्य है। यह वचन क्रियात्मक न्याय का आश्वासन देता है—न केवल व्यक्तिगत मुक्ति, बल्कि प्रभुत्वों और संस्थाओं के न्यायिक निपटान की भविष्यवाणी। यहाँ "मिटाई और नाश" से तात्पर्य पूर्ण और निर्णायक पराजय से है, न कि केवल अस्थायी कमज़ोरी से।
समर्थक बाइबिलीय विषय
इस पद के साथ जुड़े कुछ प्रमुख विषय:
मुख्य अनुप्रयोग और व्याख्या
दानिय्येल 7:26 बताता है कि इतिहास में दुष्ट शक्तियों की शक्ति को दंडित किया जाएगा और न्यायी—अर्थात् वह श्रेष्ठ अधिपति जो सत्य और धार्मिकता के पक्ष में है—फैसला सुनाएंगे। यह पद विशेष रूप से तब सांत्वना देता है जब विश्वासियों को शोषण और अन्याय का सामना करना पड़ता है: यह याद दिलाता है कि धरती पर अस्थायी जीतें नहीं स्थायी होंगी। व्यावहारिक रूप से यह हमें न्याय के लिए खड़े रहने, दया दिखाने और धैर्य रखने का बल देता है क्योंकि अंतिम निर्णय ईश्वर के हाथ में है।
क्रॉस-रेफरेंसेज़
प्रासंगिक संदर्भ जो अर्थ को स्पष्ट करते हैं:
पुरानी टिप्पणियों से संक्षिप्त उद्धरण
मैथ्यू हेन्री की संक्षेप टिप्पणी का सारांशात्मक उद्धरण: "यह दर्शाता है कि दुष्टों की शक्ति स्थायी न होकर नष्ट हो जाएगी।" (संक्षिप्त उद्धरण रूप में उद्धृत)। अल्बर्ट बार्न्स ने भी संकेत किया कि यह न्याय 'परमेश्वर के मुकद्दस न्याय' की बहाली का संकेत है।
आध्यात्मिक प्रतिबिंब
व्यक्तिगत स्तर पर यह पद हमें याद दिलाता है कि कठिनाइयों में भी आशा रखें—ईश्वर अंततः न्याय कहेगा। यह हमें ढृढता से प्रेरित करता है: सच्चाई और धार्मिकता के मार्ग पर चलें, क्योंकि इतिहास का अन्त्य ईश्वर के न्याय के साथ होगा। प्रार्थना से यह विश्वास जाग्रत रखें कि जो अनुचित है, उसका खाते में हिसाब लिया जाएगा और परमेश्वर की शालीन, परन्तु निर्णायिका, सत्ता लोगों के लिए मुक्ति लाएगी।