व्यवस्थाविवरण 23:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तू जीवन भर उनका कुशल और भलाई कभी न चाहना।

व्यवस्थाविवरण 23:6 पद-दर-पद बाइबल टीका

स्तम्भित बिंदु: व्यवस्थाविवरण 23:6 का अर्थ

यह Verse कहता है कि तू जीवन भर उनके कुशल और भलाई कभी न चाहना। सरल शब्दों में यह परमेश्वर के लोग के लिए तटस्थता और निष्पक्षता का आह्वान है—यहूदियों के साथ उनके संबंध में उनकी सुरक्षा और मौलिक नीति के अनुरूप एक निष्क्रिय या असहाय स्थिति नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण दूरी बनाए रखने की सलाह है ताकि वे अनैतिक प्रभुत्व या भय के कारण गलत निर्णय न करें।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

व्यवस्थाविवरण की किताब में शास्त्रवाहक मोजे ने इस्राएलियों के सामाजिक-आर्थिक और धार्मिक कानूनों को संकलित किया है। इस विशेष निर्देश में एक राष्ट्र-निर्माण के वक्त के व्यवहारिक नैतिक निर्णयों पर बल दिया गया है: तुम अपनी लड़ाई या समझौते के अवसरों में उन लोगों के साथ भी वैधानिक दूरी बनाकर चलो जो तुम्हारे समुदाय के लिए खतरा बन सकते हैं या तुम्हारी धार्मिक समर्पणशीलता से भटकाने का प्रयास कर सकते हैं।

interpretive observations

  • निष्क्रिय न रहकर भी सावधानी: यह अकेलेपन की नीति नहीं है, बल्कि गलत प्रोत्साहन से बचने की बुद्धिमानी है।
  • धार्मिक-सुरक्षा का संकेत: बाहरी आकर्षण या दबाव में आकर अपने अनुपालन से भटकना उचित नहीं।
  • सम्बंध बनाम अधिष्ठान: रिश्ता बनाए रखना चाहिए पर निष्ठा और नियमों से समझौता नहीं।

थीमेटिक सारांश

  1. सार्वजनिक सुरक्षा के लिए कानूनी दूरी की नीति बनना।
  2. धार्मिक निरपेक्षता और नैतिक प्राथमिकताओं की रक्षा।
  3. अनुकूल व्यवहार के बावजूद स्व-स्वीकृत मजबूरी से बचना।

cross-references (संदर्भ)

1) न्यायपूर्ण दूरी के सिद्धांत को समझाने वाले दूसरे निर्देश: यह प्रत्यक्ष उदाहरण देता है कि कब संबंध बने रहने चाहिए और कब दूरी उचित है।

2) धार्मिक प्रतिबद्धता बनाये रखने के महत्व पर चर्चा करते हैं—कभी-कभी बाहरी दबाव से आस्था ढीली पड़ सकती है, परन्तु सच्ची भक्ति बनी रहनी चाहिए।

3) समुदाय-नियমানुसार सामाजिक अनुशासन के बारे में अन्य पाठों से प्रेरणा मिलती है कि समुदाय के हित में व्यक्तिगत लाभ पीछे छूट जाए तो भी नियमों की रक्षा करनी चाहिए।

प्रयोजन की छोटा-सा व्यावहारिक takeaway

अपने निर्णयों में वैधानिक दूरी बनाए रखें जब कामना या दबाव धार्मिक या नैतिक मार्ग से भटकाने लगें। सुरक्षा, ईमानदारी और आस्थागत साधना के बीच संतुलन बनाए रखना कुशल प्रशासन और देव-समर्थन का मार्ग है।

इस टिप्पणी में Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke के स्पष्ट उद्धरण संक्षेप में निहित हैं: वे धार्मिक-सुरक्षा के सिद्धांतों और नैतिक दूरी की भूमिका को अपने-अपने ढंग से स्पष्ट करते हैं, परन्तु यहाँ हमने उनके विचारों को एकीकृत और संक्षेपित रूप में प्रस्तुत किया है ताकि पाठक को एक संगठित मार्गदर्शन मिले।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

व्यवस्थाविवरण 23:6 समानांतर पद और संबंधित वचन

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एज्रा 9:12 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
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इसलिए अब तू न तो अपनी बेटियाँ उनके बेटों को ब्याह देना और न उनकी बेटियों से अपने बेटों का ब्याह करना, और न कभी उनका कुशल क्षेम चाहना, इसलिए कि तुम बलवान बनो और उस देश के अच्छे-अच्छे पदार्थ खाने पाओ, और उसे ऐसा छोड़ जाओ, कि वह तुम्हारे वंश के अधिकार में सदैव बना रहे।'

2 शमूएल 8:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 शमूएल 8:2 (HINIRV) »
फिर उसने मोआबियों को भी जीता, और इनको भूमि पर लिटा कर डोरी से मापा; तब दो डोरी से लोगों को मापकर घात किया, और डोरी भर के लोगों को जीवित छोड़ दिया। तब मोआबी दाऊद के अधीन होकर भेंट ले आने लगे।

2 शमूएल 12:31 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 शमूएल 12:31 (HINIRV) »
उसने उसके रहनेवालों को निकालकर आरी से दो-दो टुकड़े कराया, और लोहे के हेंगे उन पर फिरवाए, और लोहे की कुल्हाड़ियों से उन्हें कटवाया, और ईंट के पजावे में से चलवाया; और अम्मोनियों के सब नगरों से भी उसने ऐसा ही किया। तब दाऊद समस्त लोगों समेत यरूशलेम को लौट गया।

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