Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी2 शमूएल 8:2 बाइबल पद की व्याख्या
2 शमूएल 8:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
फिर उसने मोआबियों को भी जीता, और इनको भूमि पर लिटा कर डोरी से मापा; तब दो डोरी से लोगों को मापकर घात किया, और डोरी भर के लोगों को जीवित छोड़ दिया। तब मोआबी दाऊद के अधीन होकर भेंट ले आने लगे।
2 शमूएल 8:2 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 शमूएल 8:2 समानांतर पद और संबंधित वचन
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गिनती 24:17 (HINIRV) »
मैं उसको देखूँगा तो सही, परन्तु अभी नहीं; मैं उसको निहारूँगा तो सही, परन्तु समीप होकर नहीं याकूब में से एक तारा उदय होगा, और इस्राएल में से एक राजदण्ड उठेगा; जो मोआब की सीमाओं को चूर कर देगा, और सब शेत के पुत्रों का नाश कर देगा। (मत्ती 2:2)

2 शमूएल 8:6 (HINIRV) »
तब दाऊद ने दमिश्क के अराम में* सिपाहियों की चौकियाँ बैठाईं; इस प्रकार अरामी दाऊद के अधीन होकर भेंट ले आने लगे। और जहाँ-जहाँ दाऊद जाता था वहाँ-वहाँ यहोवा उसको जयवन्त करता था।

1 शमूएल 10:27 (HINIRV) »
परन्तु कई लुच्चे लोगों ने कहा, “यह जन हमारा क्या उद्धार करेगा?” और उन्होंने उसको तुच्छ जाना, और उसके पास भेंट न लाए। तो भी वह सुनी अनसुनी करके चुप रहा।
पाठ की समग्र झलक
2 शमूएल 8:2 में दाऊद की सत्ता के विकसित होने का दृश्य है। युद्ध के समय उसने अपने सैन्य विजय अभियान का आधुनिक परिणाम-संरचना बनायी: मोआबियों पर विजय, भूमि पर लिटाकर डोरी से मापना और फिर डोरी भर के लोगों को जीवित छोड़ना। यह दृश्य सत्ता के प्रयोग में सामरिक कठोरता और प्रशंसनीय नियंत्रण के साथ-साथ दाऊद की दक्ष military रणनीति और प्रशासनिक कुशाग्रता को दर्शाता है। पर साथ ही, यह नीति कुछ कठिन ऐतिहासिक व्यवहार को भी उजागर करती है जिसकी नैतिकता पर पाठक विचार करें।
पाद-छंद का प्रत्येक भाग
इस पाठ में युद्ध-जीत के तीन चरण स्पष्ट हैं: (1) मोआबियों को जीतना, (2) भूमि पर डोरी से मापना और (3) कुछ लोगों को जीवित छोड़ना। यह विस्तार से बताता है कि दाऊद ने विजय के बाद अपने नियंत्रण की पुष्टि कैसे की।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
इसVerse से एक पाठ यह निकलता है: राजसी विजयों के साथ विवेकपूर्ण प्रतिबंध और शत्रु-जनसेतु की सीमाओं का ध्यान रखना। दाऊदने युद्ध-geography में सफलता प्राप्त की, पर वह दया और न्याय के मानदंडों को पूरी तरह भुला नहीं। डोरी मानना आमतौर पर जीत के ठोस संकेत के रूप में समझी जाती है—परन्तु “जीवित छोड़ना” से यह संकेत मिलता है कि वह अपने अधीनस्थों के साथ अनुशासन, व्यवस्था और सभ्यता की सीमा रेखाओं को बनाए रखना चाहता था।
अन्य बुध्दिमान टिप्पणीकारों के साथ-साथ संदर्भ
एलबर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के समूचे विचारों में यह देखते हैं कि दाऊद की विजय-योजना में राजनीतिक कलाबाजी और सैन्य संगठन का संतुलन बना रहता है। मीठे शब्दों की नीति और कठोर निर्णयों के बीच संतुलन का यह पाठ एक धारणा देता है कि सत्ता के प्रयोग में दया और न्याय एक ही धागे से बंधे रहते हैं।
क्रॉस-रेफरंस (संक्षेप में) और उनके संबंध
वास्तविक अनुप्रयोग
- अधिकार और सत्ता के समय में विवेक रखें: विजय के साथ नीति और करुणा का संतुलन जरूरी है।
- प्रभावी प्रशासन: विजय के बाद शांति-स्थापना और सुरक्षित शासन के लिए स्पष्ट नियम जरूरी होते हैं।
- नैतिक जिम्मेदारी: दुश्मन पर क्रूरता से नहीं, बल्कि स्थायी व्यवस्था और सुरक्षा के लिए निर्णय लें।
संक्षेप
यह पंक्ति दाऊद के नेतृत्व की दक्षता और उसकी नीति-निर्णयों की तीव्र प्रकृति को एक साथ दर्शाती है। विजय एक चीज है; उसे बनाए रखना और न्यायपूर्ण शासन पूर्वक विरासत के रूप में प्रस्तुत करना दूसरी। इस पाठ के माध्यम से पाठक यह समझते हैं कि सत्ता के साथ संतुलित दया, बीमारी और न्याय—ये तीनों एक साथ चलना चाहिए।
उद्धृत टिप्पणियाँ: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के विशिष्ट उद्धरण उपलब्ध हों तो उन्हें संक्षेप में संदर्भित किया गया है। इस प्रस्तुति में उनके सामान्य विचारों के आधार पर संक्षिप्त विवेचन जोड़ा गया है; किन्तु पूर्ण उद्धरण को यहाँ नहीं दोहराया गया है।