Old Testament
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2 शमूएल 8:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जब दाऊद नमक की तराई में अठारह हजार अरामियों को मारके लौट आया, तब उसका बड़ा नाम हो गया।
2 शमूएल 8:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 शमूएल 8:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 राजाओं 14:7 (HINIRV) »
उसी अमस्याह ने नमक की तराई में दस हजार एदोमी पुरुष मार डाले, और सेला नगर से युद्ध करके उसे ले लिया, और उसका नाम योक्तेल रखा, और वह नाम आज तक चलता है।

2 शमूएल 7:9 (HINIRV) »
और जहाँ कहीं तू आया गया, वहाँ-वहाँ मैं तेरे संग रहा, और तेरे समस्त शत्रुओं को तेरे सामने से नाश किया है; फिर मैं तेरे नाम को पृथ्वी पर के बड़े-बड़े लोगों के नामों के समान महान कर दूँगा।

1 इतिहास 18:12 (HINIRV) »
फिर सरूयाह के पुत्र अबीशै ने नमक की तराई में अठारह हजार एदोमियों को मार लिया।
मुख्य व्याख्या • दाऊद का बहादुरी-नाम
2 शमूएल 8:13 में कहा गया है कि दाऊद नमक की तराई में अठारह हजार अरामियों को मारकर लौटा, तो उनका बड़ा नाम हो गया। यह वाक्य कथा-यात्रा के भीतर दाऊद के सैन्य-शासन और परमेश्वर की सहायता से प्राप्त विजय की स्मारक देता है, जिसे राजसी मान-प्रतिष्ठा के साथ जोड़ा गया है। यहाँ विजय मात्र शारीरिक जीत नहीं है, बल्कि परमेश्वर के संकल्प के साथ निष्ठा और अनुशासन का परिणाम है।
कथा-प्रसंग और साहित्यिक संदर्भ
यह पाठ 2 शमूएल 8 के दूसरे भाग का अंत-खंड है, जहाँ दाऊद ने אויבों पर एक के बाद एक सफल आक्रमण कर मजबूत साम्राज्य स्थापित किया। सलोमन के पूर्वक उनके शासन-काल में यह विजय उनके नाम-ध्वनि को दूर-दूर तक फैलाती है। साहित्यिक दृष्टि से यह अध्याय दाऊद के नेतृत्व-गुणों, जैसे साहस, नीति, और परमेश्वर के प्रति आस्था, को उजागर करता है।
धार्मिक महत्व
यह उद्घोष दाऊद के उद्धार-कार्य की प्रकृति को दर्शाता है—यही नहीं, यह दर्शाता है कि परमेश्वर की सहायता मिलते ही विजय संभव है। ‘नाम हो गया’ शब्द से यह संकेत मिलता है कि लोगों के स्मरण में दाऊद एक शक्तिशाली नेता के रूप में स्थापित हुआ, और संतुलित शासन के लिए जोखिम उठाने की प्रेरणा प्राप्त की।
पवित्रशास्त्रीय क्रॉस-रेफरेंसे
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि विजय मात्र आक्रमण नहीं, बल्कि परमेश्वर की इच्छा के अनुसार नीति-निष्ठा और विश्वास से जोड़ा हुआ आंतरिक परिवर्तन है।
पाठ के प्रमुख प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
2 शमूएल 8:13 हमें दिखाता है कि परमेश्वर की सहायता से प्राप्त विजय-योजना एक राजनीतिक-राजसी सफलता से भी ऊँची है: यह दाऊद के नेतृत्व में परमेश्वर के वचन-प्रेरित शासन की पुष्टि है। यह स्मरण दिलाता है कि वास्तविक महिमा उसी के लिये है जो ऊपर से सहायता पाकर भय और आत्म-आत्मविश्वास से भरे रहते हैं।
संकेतग्रंथ
यहोवा के प्रति अडिग विश्वास, नीति-निर्णय, और मानवीय कमजोरियों के बावजूद ईश्वर की सहायता—इन तीनों का संतुलन हमें वास्तविक विजय देता है।
स्थानीय उद्धरण: मैथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बर्न्स और एडेम क्लार्क के सार्वजनिक-डायरी शैली के संस्मरणों से प्रमुख विचार अवगत कराते हैं, परन्तु यहाँ संक्षेप में उनकी प्रमुख विचारधाराएँ एकीकृत रूप में प्रस्तुत हैं।