Old Testament
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2 शमूएल 8:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जब दमिश्क के अरामी सोबा के राजा हदादेजेर की सहायता करने को आए, तब दाऊद ने अरामियों में से बाईस हजार पुरुष मारे।
2 शमूएल 8:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 शमूएल 8:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 राजाओं 11:23 (HINIRV) »
फिर परमेश्वर ने उसका एक और शत्रु कर दिया, अर्थात् एल्यादा के पुत्र रजोन को, वह तो अपने स्वामी सोबा के राजा हदादेजेर के पास से भागा था;

2 शमूएल 8:3 (HINIRV) »
फिर जब सोबा का राजा रहोब का पुत्र हदादेजेर फरात के पास अपना राज्य फिर ज्यों का त्यों करने को जा रहा था, तब दाऊद ने उसको जीत लिया।

1 इतिहास 18:5 (HINIRV) »
जब दमिश्क के अरामी, सोबा के राजा हदादेजेर की सहायता करने को आए, तब दाऊद ने अरामियों में से बाईस हजार पुरुष मारे।
2 शमूएल 8:5—परिदृश्य का ठीकठाक संदर्भ
इस पद में दाऊद के विरुद्ध नस्ल-युद्ध जैसी स्थिति के बीच अरामी सेनाओं पर दाऊद का विजय मिलना दर्ज है। जब दमिश्क के राजा हदादेजेर की सहायता करने आए, तब दाऊद ने अरामियों में से बाईस हजार पुरुषों को मार डाला। यह युद्ध-स्थिति पुराने परमेश्वर-निर्देशन में राज्य-सुरक्षा की पारंपरिक कहानी का हिस्सा है: परमेश्वर के कारण दाऊद की सेना बाहरी आक्रमणकारियों के विरुद्ध विजयी होती है।
यह पाठ परमेश्वर या विश्वास के बारे में क्या बताता है
इस घटनाक्रम से एक प्रमुख बिंदु उभरता है: दाऊद का विजय मुख्यतः परमेश्वर की सहायता और उसका आशीर्वाद है। निर्भरता और विश्वास के साथ किए गए सैन्य प्रयासों में ईश्वर की शक्ति उसकी सुरक्षा को समर्थ बनाती है। यह पाठ उन कठिन परिस्थितियों में भी ईश्वर की सहायता के भरोसे पर टिके रहने का संदेश देता है जब शक्तिशाली पड़ोसी विरोधी मुद्रा बनाते हैं।
महत्वपूर्ण शब्दों/छवियों की स्पष्टता
संदर्भित क्रॉस रेफरेंसेस
• 2 शम 8:6-7— दाऊद के अन्य विजयों का क्रम और ईश्वर की सहायता का निरंतर प्रमाण।
• 2 शम 8:13— दाऊद की शासन-यात्रा में विजय की निरंतरता और परमेश्वर के साथ संबंध की स्थिरता।
• 1 सम 14:6— युवा योना-तोड़ प्रयास जहाँ विश्वास से संकल्प बड़ी सेना पर विजय ला सकता है; यहाँ भी परमेश्वर के हाथों की सहायता का संकेत है।
आज के समय के लिए अनुप्रयोग
1) कठिन समय में भी परमेश्वर पर निर्भरता: जब परिस्थितियाँ विशाल लगें, तब भी विश्वासपूर्वक ईश्वर की सहायता मांगी जाए।
2) साहसपूर्ण कदम बनाम भय: दाऊद की तरह छोटे-छोटे कदम से भी बड़े खतरे पर काबू पाया जा सकता है अगर परमेश्वर की दिशा हो।
3) प्रोत्साहन के स्रोत: समुदाय और कर्मचारियों के बीच एकता, सुरक्षा और ईश्वर के वादों पर टिके रहना अधिक प्रभावी परिणाम दे सकता है।
सार निचोड़
2 शमूएल 8:5 में दिखता है कि मानवीय शक्ति भले ही बड़ी हो, पर वास्तविक विजय परमेश्वर की सहायता में है। दाऊद ने अरामियों के विरुद्ध लड़ाई में विश्वास और परमेश्वर की प्रेरणा को जोड़कर विजय प्राप्त की, जो आज भी विश्वास-यात्री के लिए एक प्रेरक उदाहरण है।
टेक्स्ट-नुमा उद्धरण (एतिहासिक टिप्पणीकारों से):
यदि उपलब्ध हो, लेखक समूह Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के स्पष्ट उद्धरण की छोटी-सी पंक्तियाँ यहां उद्धृत होंगी; किन्तु यह संस्करण शाब्दिक उद्धरण के बजाय समरूप सार प्रस्तुत करता है।