Old Testament
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2 शमूएल 8:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इनको दाऊद राजा ने यहोवा के लिये पवित्र करके रखा; और वैसा ही अपने जीती हुई सब जातियों के सोने चाँदी से भी किया,
2 शमूएल 8:11 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 शमूएल 8:11 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 राजाओं 7:51 (HINIRV) »
इस प्रकार जो-जो काम राजा सुलैमान ने यहोवा के भवन के लिये किया, वह सब पूरा हुआ। तब सुलैमान ने अपने पिता दाऊद के पवित्र किए हुए सोने चाँदी और पात्रों को भीतर पहुँचा कर यहोवा के भवन के भण्डारों में रख दिया।

1 इतिहास 18:11 (HINIRV) »
इनको दाऊद राजा ने यहोवा के लिये पवित्र करके रखा, और वैसा ही उस सोने- चाँदी से भी किया जिसे सब जातियों से, अर्थात् एदोमियों, मोआबियों, अम्मोनियों, पलिश्तियों, और अमालेकियों से प्राप्त किया था।

1 इतिहास 26:26 (HINIRV) »
यही शलोमोत अपने भाइयों समेत उन सब पवित्र की हुई वस्तुओं के भण्डारों का अधिकारी था, जो राजा दाऊद और पितरों के घरानों के मुख्य-मुख्य पुरुषों और सहस्त्रपतियों और शतपतियों और मुख्य सेनापतियों ने पवित्र की थीं।
सीधा अर्थ
2 शमूएल 8:11 में दाऊद ने योहवा के लिए जो पवित्र किया गया और अपनी विजय से प्राप्त सोना-चांदी जो कुछ भी था, वह देव teleport नहीं; वह एक समर्पण और स्मारक के रूप में रखा गया, ताकि राज्य की सत्ता और ऐश्वर्य का प्रमाण बन सके।
संदर्भिक पृष्ठभूमि
यह वह समय है जब दाऊद ने अङ्ग्रेड़, विपक्षी राजा और अन्य जातियों पर विजय प्राप्त की। सफलता के साथ-साथ उसने यह निर्णय लिया कि जो कुछ भी उसका है, वह परमेश्वर के लिए पवित्र हो और उसी के मंदिर-कार्य में लगे। यह न सिर्फ भौतिक संपदा का दान था, बल्कि शासन-शक्ति और आधिकारिक चयन का मान भी दर्शाता था—यही वह भाव है जिसे “पवित्र करके रखना” कहा गया है।
व्यावहारीक निरीक्षण
- यह वाक्य दिखाता है कि जो कुछ दाऊद ने जीता, उसे परमेश्वर की महिमा के लिए समर्पित किया गया।
- इस परिशुद्धि से यह स्पष्ट होता है कि विजयी संसार से प्राप्त धन और धरोहरें भी ईश्वर की सेवा के लिए समर्पित की जानी चाहिएं, ताकि वे धार्मिक/राजसी दायित्वों को समर्थ करें।
मुख्य विचार
अन्य उपयुक्त कठिनाई संदर्भ (क्रॉस-रेफरेंस)
- 1 राजा 8:60: परमेश्वर की प्रतिष्ठा और नीति-नियमों के अनुरूप राष्ट्र की एकता का उद्देश्य। यह संदर्भ बताता है कि सफलता के साथ परमेश्वर की इच्छा का पालन कैसे किया जाए।
- 2 शमूएल 6:17: परमेश्वर के सामने पवित्रासन-आहुति और मान्यता का सम्मिलन, जहां सत्कारमय समारोह के द्वारा परमेश्वर का नाम ऊँचा किया गया।
- 3 इतिहास 28:9: यदि परमेश्वर को खोजा जाए, तो वह पवित्रता और समर्पण में उपस्थित रहता है—ऐसा परिणाम जीवन में अनुभव होता है।
कंसाइकल-उद्धार/व्यावहारिक निष्कर्ष
जीत और समृद्धि यदि परमेश्वर के नाम पर समर्पित हो, तो वे समाज और मंदिर-कार्य को मजबूत करते हैं। आज के संदर्भ में भी संतुष्टि वही है जो हमारे संसाधनों को ईश्वर के कामों के लिए खुले दिल से उपयोग में लाते हैं—धन, समय, और क्षमता सभी को पवित्र उद्देश्य के लिए समर्पित करना।
मैथ्यू हेनरी/एल्बर्ट बार्न्स/एडम क्लार्क से संक्षिप्त उद्धरण
उद्धरण नोट: नीचे दिए गए नामों के Public Domain टिप्पणीकारों के प्राकृतिक विचारों को संक्षेप में मिलाकर प्रस्तुत किया गया है, ताकि मूल विचार स्पष्ट हों।
- मैथ्यू हेनरी: “जो कुछ हमें मिला है वह परमेश्वर के लिए है; हमारी विजय उसी के नाम के मान के लिए है।” (संश्लेषित सार)
- एल्बर्ट बार्न्स: “विजय मिलने पर भी हमारा मोह परमेश्वर के उद्देश्य से मुक्त होना चाहिए।”