Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी2 शमूएल 8:9 बाइबल पद की व्याख्या
2 शमूएल 8:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जब हमात* के राजा तोई ने सुना कि दाऊद ने हदादेजेर की समस्त सेना को जीत लिया है,
2 शमूएल 8:9 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 शमूएल 8:9 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 राजाओं 8:65 (HINIRV) »
अतः सुलैमान ने और उसके संग समस्त इस्राएल की एक बड़ी सभा ने जो हमात के प्रवेशद्वार से लेकर मिस्र के नाले तक के सब देशों से इकट्ठी हुई थी, दो सप्ताह तक अर्थात् चौदह दिन तक हमारे परमेश्वर यहोवा के सामने पर्व को माना।

1 इतिहास 18:9 (HINIRV) »
जब हमात के राजा तोऊ ने सुना कि दाऊद ने सोबा के राजा हदादेजेर की समस्त सेना को जीत लिया है,

परिचय: Immediate Setting of 2 शमूएल 8:9
यह पद दाऊद के एक अभियान के बाद हूबहू है जब वह हदादेजेर के समस्त सेना पर विजय प्राप्त करता है। यह बिंदु हमें दिखाता है कि दाऊद के राज्य के विस्तार में बाह्य खतरों के साथ परमेश्वर की कृपा और विजय का क्रिया-प्रभाव कैसे जुड़ता है। जबात राजा तोई ने यह सूचना सुनी, तो उसने अपनी सैन्य शक्ति पर गर्व किया होगा; लेकिन कहानी यह संकेत देती है कि दाऊद की जीत में परमेश्वर की सहायता का बड़ा हाथ है।
ईश्वर या विश्वास के बारे में पाठ से दिखने वाला संदेश
ईश्वर की सहायता से मिली विजय परमेश्वर के शासन के विस्तार के प्रतीक-रूप में उभरती है। यह बताता है कि युद्धों में सफलता केवल सैनिक शक्तियों से नहीं आती, बल्कि परमेश्वर की इच्छा और आशीष से होती है। दाऊद की सफलता में आस्था, युक्ति और शासन का संयोजन प्रमुख है, जो यह दर्शाता है कि राज्य की स्थिरता और सुरक्षा परमेश्वर के मार्गदर्शन पर निर्भर है।
महत्वपूर्ण शब्द और चित्रों का स्पष्टीकरण
अन्यBiblical संदर्भ (Cross-references) और उनका संक्षिप्त व्याख्या
• राजा 1: यह एक समान प्रकार के वैयक्तिक और साम्राज्य-स्तरीय संघर्ष की ओर संकेत करता है; दाऊद की विजय परमेश्वर की सहायता से होती है। • 1 शमूएल 7:12— परमेश्वर की सहायता से जन की जीत और स्मारक के रूप में मन्नाह-झंडे का उद्धार। • 2 शमूएल 7:16— दाऊद के राजत्व की स्थिरता में परमेश्वर की स्थिर प्रतिबद्धता।
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि दाऊद की विजय केवल दुश्मन के परास्त होने से नहीं, बल्कि परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं और आशीष के अनुसार शासन के निर्माण से जुड़ी है।
आज के संदर्भ में आवेदन
हमारे जीवन में भी जब हम कठिन परिस्थितियों से गुजरते हैं, तब याद रखें कि सफलता और सुरक्षा केवल अपनी शक्ति पर निर्भर नहीं है। यदि हम परमेश्वर की योजना के अनुरूप कदम उठाते हैं, भय को नहीं बल्कि विश्वास को केंद्र बनाते हैं, तो वह हमारी मदद करेगा और हमारी न्याय-व्यवस्था को स्थापित करेगा। हृदय में विश्वास और निर्भयता के साथ आगे बढ़ना, संकट में भी परमेश्वर की प्रेरणा को संदिग्ध नहीं रहने देता।
एज़ बोर्ड टिप्पणियाँ (उद्धरण उपलब्ध होने पर)
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke जैसी प्रचलित-जनरल-टिप्पणियाँ इस पाठ के व्यावहारिक भाव को उजागर करती हैं—परमेश्वर की मदद के बिना मानव रणनीतियाँ असफल हो सकती हैं; विश्वास में दृढ़ रहने से विजय संभव है।
टिप्पणियाँ: नीचे दिए गए पाठ के बीच जो exact statements इन पवित्र टिप्पणियों से मिलते हैं, उनके कालक्रमिक उद्धरण संक्षेप में समाहित हैं यदि उपलब्ध हों पर्यवेक्षित स्रोतों से।