Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
व्यवस्थाविवरण 1 व्यवस्थाविवरण 2 व्यवस्थाविवरण 3 व्यवस्थाविवरण 4 व्यवस्थाविवरण 5 व्यवस्थाविवरण 6 व्यवस्थाविवरण 7 व्यवस्थाविवरण 8 व्यवस्थाविवरण 9 व्यवस्थाविवरण 10 व्यवस्थाविवरण 11 व्यवस्थाविवरण 12 व्यवस्थाविवरण 13 व्यवस्थाविवरण 14 व्यवस्थाविवरण 15 व्यवस्थाविवरण 16 व्यवस्थाविवरण 17 व्यवस्थाविवरण 18 व्यवस्थाविवरण 19 व्यवस्थाविवरण 20 व्यवस्थाविवरण 21 व्यवस्थाविवरण 22 व्यवस्थाविवरण 23 व्यवस्थाविवरण 24 व्यवस्थाविवरण 25 व्यवस्थाविवरण 26 व्यवस्थाविवरण 27 व्यवस्थाविवरण 28 व्यवस्थाविवरण 29 व्यवस्थाविवरण 30 व्यवस्थाविवरण 31 व्यवस्थाविवरण 32 व्यवस्थाविवरण 33 व्यवस्थाविवरण 34Verse
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संक्षिप्त अर्थ
व्यवस्थाविवरण 4:21 में परमेश्वर यह बतला रहे हैं कि परमेश्वर ने प्रकट चेतावनी के साथ मूसा से कहा कि उन्हें यरदन पार नहीं करने देंगे, क्योंकि उनका विश्वासघात और उनके पथ से विचलन के कारण यह शपथ ठहरती है। यह शपथ ईश्वरीय व्यवस्था के अनुसार एक विराम है, ताकि इस्राएली समुदाय को अपने भाग के आगे की अहमियत और पवित्रता का मूल्य समझ में आए।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह वाक्य विश्वासघात के पश्चात की स्थिति में दिया गया है जहाँ मूसा यरदन के उत्तरी मैदानों के कुछ प्रविष्टियों की चर्चा कर रहे थे। परमेश्वर का यह शब्द उनके इतिहास के पाठ के रूप में है कि उस पीढ़ी में से जो तब तक पथ से विचलित थी, उसे वादा-भूमि में प्रवेश नहीं मिलेगा। यह कोई नस्लीय दमन नहीं, बल्कि बाइबल की पवित्र विधान-शुद्धता और विश्वास के महत्व की शिक्षा है।
व्याख्यात्मक विचार
संबद्ध पाठ एवं उनके संक्षिप्त विधान
यद्यपि नीचे पूर्ण पाठ न हो, ये दृश्य संकेतक पवित्र ग्रंथों के साथ सम्बन्ध स्थापित करते हैं:
शास्त्रीय दृष्टिकोण: एकीकृत मार्गदर्शन
Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणियों के मुख्य सार इस प्रकार मिलते हैं: यह विषय यहोवा की पवित्रता और उसकी वचन-निष्ठा को दर्शाता है। Henry इसे कर्म-फल के साथ परमेश्वर के न्याय की अभिव्यक्ति मानते हैं; Barnes इसे यह दिखाते हैं कि चर्चित समुदाय के लिए यही समय-सीमा है ताकि विश्वास गति से बढ़े; Clarke इसे यहोवा के नियमों के प्रति अनुशासन की आवश्यकता के रूप में देखते हैं।
यद्यपि विशिष्ट उद्धरण संक्षेप में हैं, इन टिप्पणीकारों के विचार क्रमशः यह कहते हैं कि परमेश्वर के वचनों की अवहेलना से न केवल तकलीफ आती है बल्कि वे भविष्य के लिए मार्ग भी रोकते हैं।
कॉल-टू-एक्शन: व्यावहारिक अनुप्रयोग
त्वरित क्रॉस-रेफरंस
यहोश्वे 1:7-9 — निरंतर इरादा और दृढ़ता से परमेश्वर के साथ रहने की प्रेरणा। प्रेम और विश्वास के साथ आचरण करने की शिक्षा।
न्यायसूची 6:16 — यहोवा के खिलाफ चुनौती देने पर निष्कारण परिणाम का स्मरण।
कुल निष्कर्श
यह विभाजन यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर के वादों में प्रवेश के लिए आस्था और नीति-निर्णयों का पालन अनिवार्य है। हर पीढ़ी के लिए यह सीख है कि विश्वास के साथ चलना ही उनके निज भाग के प्रवेश के द्वार खोलता है; अविश्वास और असत्य से दूरी बनाकर, ईश्वर के मार्ग पर टिके रहें।