Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
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इफिसियों 2:15 — पाठ का सीधा संदर्भ और उसका तात्पर्य
यह पद पवित्र Schrift के उस भाग का भाग है जहाँ प्रेरित पॉल ईफिस के विश्वासियों को बतलाते हैं कि परमेश्वर ने अपने पुत्र यीशु मसीह के द्वारा दलों के बीच की दीवारें तोड़ दी हैं। कहते हैं कि अर्थात् “वह व्यवस्था जिसकी आज्ञाएँ विधियों की रीति पर थीं” को मिटा दिया ताकि दोनों से अपने में एक नई जाति उत्पन्न करके मेल करा दे। यहाँ संदर्भ दो प्रमुख बातों को एक साथ जोड़ता है: (1) पुराने नियम की व्यवस्था और पूर्व की दीवारें मिटती हैं; (2) परमेश्वर की कृपा सेजाति-भेद के बिना new मानव समूह बनता है — ईश्वर के परिवार का एक नया समुदाय।
क्या दिखाता है पाठ और ईश्वर की कृपा
पंचमांग में लिखा है कि यीशु ने अपने शरीर में वह विभाजन-वाली व्यवस्था मिटा दी ताकि विश्व में बसे सभी जातियाँ एक नई “जाति” में मिल जाएँ। यह एक परमेश्वर की योजना का केंद्र है: यह घोषणा कि ईश्वर अपने लोगों को एक साथ बाँधना चाहता है, न कि विविध पंथों के बीच दूरी बनाए रखना। इसमें निम्न संकेत स्पष्ट होते हैं:
महत्वपूर्ण शब्दों और इमेजों की स्पष्टता
“विधियाँ की रीति पर थीं”— पहले के धर्म-विधि और आदेश जिन्हें बाहरी रीति-रिवाज से मानना पड़ता था; “मेल करा दे”— दो भिन्न समूहों को एकजुट कर एक नया, एकतरफा समाज बनाना; “नई जाति”— पुराने रूप-रंग से परे एक नया आध्यात्मिक-परिवार।
संयुक्त पवित्र-वचन से इसके सम्बन्धित पाठ
— मत्ती 28:19-20 में जातीय सीमाओं के पार शिक्षा और विश्वास का फैलना;
— गलातियों 3:28 जहाँ बताया गया है कि मसीह में सभी एक हैं;
— इब्रानियों 12:14; दूसरों के बीच शांति और पवित्रता बनाए रखने की आवश्यकता।
छोटे cross-reference और उनके संक्षिप्त अर्थ
आज के संदर्भ में applicaton
यह पद आज की चर्चाओं में यह याद दिलाता है कि चर्च को हर प्रकार के विभाजन-विरोधों से ऊपर उठना चाहिए। यीशु के भीतर एक नई जाति का निर्माण यह दिखाता है कि स्थानीय और सामाजिक भिन्नताएँ—जाति, जातीयता, मानसिकता—नुकसान नहीं बल्कि ईश्वर के परिवार की विविधता के अवसर हैं। इसके लिए हमें निम्न कदम उठाने चाहिए:
संयुक्त पाठ से यही समझ में आता है कि ईश्वर ने युक्तिक रूप से एक नया समुदाय बनाया है जो मसीह के शरीर के भीतर एकत्व पाता है—जहाँ धार्मिक रीतियों की रीति के पथ पर चली दूरी मिट जाती है और विश्वास में सभी एक बनते हैं।
“यह हमारी एकता की घोषणा है कि ईश्वर ने अपने पुत्र के द्वारा पुराने विभाजन को समाप्त कर दिया” — आंशिक सार