Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
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पद्य का तात्पर्य: इफिसियों 2:5
यह पद उन स्तम्भों को सामने रखता है जो पहले ईफिसियों के लेखन के संदर्भ में पवित्रता, दया और उद्धार की योजना को स्पष्ट करते हैं। दो बातें स्पष्ट करती हैं: हम अपराधों के कारण मृत थे; परन्तु मसीह के साथ जिलाए गए। अनुग्रह से उद्धार प्राप्त हुआ—यह एक ऐसी दिव्य कृपा है जो मानव प्रयासों के बजाय परमेश्वर की करुणा पर निर्भर है।
ईश्वर का नवीनीकरणपूर्ण आत्म-प्रकाश
लेख से यह स्पष्ट होता है कि उद्धार की initiating शक्ति केवल ईश्वर की अनुग्रह है, न कि मानव कदमों से। मसीह के साथ जिलाने का शब्द यह बताता है कि जीवन-परिवर्तन, मृत स्थिति से उभरना, आध्यात्मिक पुनर्जन्म का परिणाम है—जो विश्वास के द्वारा प्राप्त होता है। यह उद्देश्य यह भी दिखाता है कि उद्धार अन्याय पर नहीं, बल्कि ईश्वर की कृपा पर स्थित है।
शब्दावलियों की स्पष्टता
अन्य बाइबिल संदर्भों से सम्बन्ध
यह विचार अनेक जगह पुनः दोहराया गया है:
मिशन-आधारित व्याख्या (पैग़ामी कोर)
इस पद से प्रत्यक्ष संदेश यही मिलता है कि ईश्वर ने हमारे लिए एक रिण नहीं, वरन् एक उद्धार योजना बनाई। हमारे अन्दर का पाप-घोषित मृतत्व, दया से परमेश्वर के पुत्र के साथ रिश्ते में फिर से जीवित हो जाता है। यह आत्म-विनम्रता की शिक्षा देता है: उद्धार मानव के दम पर नहीं, बल्कि ईश्वर के अनुग्रह के माध्यम से होता है।
वर्तमान जीवन में अनुप्रयोग
कहते हैं—सन्निहित टिप्पणी
मैथ्यू हेनरी, ऐबर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के प्रमाणिक भावगत संकेत इस प्रकार मिलते हैं: उद्धार के कारण केवल अनुग्रह है;มนुष्य के द्वारा नहीं। पाठ यह दिखाता है कि ईश्वर की करुणा से जन्म लेने वाले जीवन का मार्ग है—कुछ भी मानवीय योग्यता से नहीं जोड़ना चाहिए। (उद्धृत विचार: “अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है” की वाक्य-संरचना एक सामान्य अनुग्रह-वाचक तर्ज देती है जिसे इन commentators ने बार-बार दोहराया है।)
संक्षिप्त क्रॉस-रेफरेंस
1) रोमियों 3:24-25— उद्धार का कीर्तिमान अनुग्रह के द्वारा; 2) यीशु के पुनर्जन्म की धारणा को दोहराने के लिए 1 पतरस 1:3; 3) क्लेसीयनों 2:13-14— अपराधों से मुक्ति और जीवन-नया निर्माण। प्रत्येक संदर्भ में यह संकेत मिलता है कि उद्धार ईश्वर की कृपा और मसीह के बलिदान से जुड़ा है, मानव प्रयास से नहीं।