इफिसियों 2:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और उसने आकर तुम्हें जो दूर थे, और उन्हें जो निकट थे, दोनों को मेल-मिलाप का सुसमाचार सुनाया। (इफि. 2:13, प्रेरि. 2:39)

पिछला पद
« इफिसियों 2:16

इफिसियों 2:17 पद-दर-पद बाइबल टीका

इफिसियों 2:17 - संदर्भ और अर्थ

पसंद किया गया अनुवाद HINIRV में यह पंक्ति बताती है कि ईश्वर ने दूर रहते व्यक्तियों और निकट के लोगों दोनों के लिए Miraculous मेल-मिलाप का संदेश सुनाया। इस संदर्भ में यह द्वितीय अध्याय का मुख्य विचार है: यहूदी-ग़ैर-यहोदा की दीवारों को गिराकर यीशु ने एक नया समुदाय बनाया, जहाँ सभी एक ही राह से पाप-बीज के बीच से उद्धार पाते हैं।

मुख्य उद्देश्य और केंद्रीय अर्थ

कुल मिलाकर यह वचन स्पष्ट करता है कि यीशु ने दूर और निकट सभी के लिए शांति का संदेश लेकर आकाश की दीवारों को ध्वस्त किया। यह शांति केवल तथ्यात्मक नहीं है, वरन वह ईश्वर के père-रेखाओं में मानिसक और संबंधगत मेल है। यहuvre एक संयुक्त समाज का निर्माण है जिसे पहले अलहदा माना गया था, परन्तु अब एक नया समुदाय—कलीसिया—के रूप में जीवित होता है।

तीन प्रमुख विषय

  • Jesus ने दूरी घटाई और दो समूहों के बीच आध्यात्मिक दूरी को मिटाया; शुद्धीयता और परिहास के पीछे नहीं, बल्कि कृपा से जुड़ना है।
  • पहले की विविधताएँ उल्लेखित हैं—निकट और दूर—but अब सब एक नए शरीर में मिलते हैं, जिसमें ईश्वरीय प्रेम और एकता केंद्र है।
  • शांति केवल व्यक्तिगत सुरक्षा नहीं, बल्कि गवाही का आधार है—दूसरों के साथ सही रिश्तों का संकेत।

क्रॉस-रेफरेन्स (संदर्भित पाठ)

- इफिसियों 2:13-14: मध्यवर्ती संदर्भ जहाँ प्रेरित ने दिखाया कि पहले दूर रहने वाले अब यीशु के रक्त से निकट आते हैं; यह मार्गदर्शक भूमिका देता है।

- रोमियों 10:12-13: सभी के लिए उद्धार—किसी भेदभाव के बिना, हर किसी को प्रभु के नाम से आह्वान किया गया है।

- 1 कुरिन्थियों 12:12-13: एक ही शरीर के रूप में विविध अंगों का एकत्व, जो इसुणा में दर्शाता है कि ईश्वर की योजना में विभाजन नहीं, बल्कि एकता है।

व्यावहारिक विचार

स्थानीय समुदाय में आप कैसे मेल-मिलाप की गवाही देते हैं? समुदाय के भीतर दूरियों को पोषित करने के बजाय आप के लिए यह मौका है कि आप माफी, क्षमा और सहयोग से संबंध बनाएं। यह वचन बताता है कि शांति और एकता के लिए ईश्वर की कृपा सक्रिय रहती है—हम उसे ग्रहण कर के एक दूसरे के साथ व्यवहार सुधार सकते हैं।

संक्षिप्त निष्कर्ष

इस वचन का संदेश स्पष्ट करता है कि ईश्वर ने यीशु के द्वारा दूर और निकट दोनों के लिए एक नई राह खोल दी है। मेल-मिलाप, नया समुदाय और शांति—ये तीनों मिलकर ईश्वर की योजना का केंद्र बनते हैं, जो विश्वासियों को एकजुट करके उसकी महिमा पेश करते हैं।

Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के संक्षिप्त उद्धरण (जहाँ उपलब्ध)

उद्धरण: "ताकि वह यीशु के रक्त से सभी के बीच दूरी घटाए और एक नया मनुष्य बना दे"—यह एक सामान्य सार है जो इन टिप्पणीकारों के रुख से मेल खाती है कि मसीहीय मेल-जोल से ईश्वर का नया समाज बनता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

इफिसियों 2:17 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

प्रेरितों के काम 10:36 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
प्रेरितों के काम 10:36 (HINIRV) »
जो वचन उसने इस्राएलियों के पास भेजा, जब कि उसने यीशु मसीह के द्वारा जो सब का प्रभु है, शान्ति का सुसमाचार सुनाया। (भज. 107:20, भज. 147:18, यशा. 52:7, नहू. 1:15)

यशायाह 57:19 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 57:19 (HINIRV) »
मैं मुँह के फल का सृजनहार हूँ; यहोवा ने कहा है, जो दूर और जो निकट हैं, दोनों को पूरी शान्ति मिले; और मैं उसको चंगा करूँगा। (इफि. 2:13,17, रोम. 2:39, इब्रा. 13:15)

व्यवस्थाविवरण 4:7 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 4:7 (HINIRV) »
देखो, कौन ऐसी बड़ी जाति है जिसका देवता उसके ऐसे समीप रहता हो जैसा हमारा परमेश्‍वर यहोवा, जब भी हम उसको पुकारते हैं? (रोमियों. 3:2)

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें