Old Testament
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इफिसियों 2:17 - संदर्भ और अर्थ
पसंद किया गया अनुवाद HINIRV में यह पंक्ति बताती है कि ईश्वर ने दूर रहते व्यक्तियों और निकट के लोगों दोनों के लिए Miraculous मेल-मिलाप का संदेश सुनाया। इस संदर्भ में यह द्वितीय अध्याय का मुख्य विचार है: यहूदी-ग़ैर-यहोदा की दीवारों को गिराकर यीशु ने एक नया समुदाय बनाया, जहाँ सभी एक ही राह से पाप-बीज के बीच से उद्धार पाते हैं।
मुख्य उद्देश्य और केंद्रीय अर्थ
कुल मिलाकर यह वचन स्पष्ट करता है कि यीशु ने दूर और निकट सभी के लिए शांति का संदेश लेकर आकाश की दीवारों को ध्वस्त किया। यह शांति केवल तथ्यात्मक नहीं है, वरन वह ईश्वर के père-रेखाओं में मानिसक और संबंधगत मेल है। यहuvre एक संयुक्त समाज का निर्माण है जिसे पहले अलहदा माना गया था, परन्तु अब एक नया समुदाय—कलीसिया—के रूप में जीवित होता है।
तीन प्रमुख विषय
क्रॉस-रेफरेन्स (संदर्भित पाठ)
- इफिसियों 2:13-14: मध्यवर्ती संदर्भ जहाँ प्रेरित ने दिखाया कि पहले दूर रहने वाले अब यीशु के रक्त से निकट आते हैं; यह मार्गदर्शक भूमिका देता है।
- रोमियों 10:12-13: सभी के लिए उद्धार—किसी भेदभाव के बिना, हर किसी को प्रभु के नाम से आह्वान किया गया है।
- 1 कुरिन्थियों 12:12-13: एक ही शरीर के रूप में विविध अंगों का एकत्व, जो इसुणा में दर्शाता है कि ईश्वर की योजना में विभाजन नहीं, बल्कि एकता है।
व्यावहारिक विचार
स्थानीय समुदाय में आप कैसे मेल-मिलाप की गवाही देते हैं? समुदाय के भीतर दूरियों को पोषित करने के बजाय आप के लिए यह मौका है कि आप माफी, क्षमा और सहयोग से संबंध बनाएं। यह वचन बताता है कि शांति और एकता के लिए ईश्वर की कृपा सक्रिय रहती है—हम उसे ग्रहण कर के एक दूसरे के साथ व्यवहार सुधार सकते हैं।
संक्षिप्त निष्कर्ष
इस वचन का संदेश स्पष्ट करता है कि ईश्वर ने यीशु के द्वारा दूर और निकट दोनों के लिए एक नई राह खोल दी है। मेल-मिलाप, नया समुदाय और शांति—ये तीनों मिलकर ईश्वर की योजना का केंद्र बनते हैं, जो विश्वासियों को एकजुट करके उसकी महिमा पेश करते हैं।
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के संक्षिप्त उद्धरण (जहाँ उपलब्ध)
उद्धरण: "ताकि वह यीशु के रक्त से सभी के बीच दूरी घटाए और एक नया मनुष्य बना दे"—यह एक सामान्य सार है जो इन टिप्पणीकारों के रुख से मेल खाती है कि मसीहीय मेल-जोल से ईश्वर का नया समाज बनता है।