Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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यहेजकेल 28:6 — तत्काल संदर्भ और भावार्थ
यहहेज़्केल के परिच्छेद में परमेश्वर इस्रएल की असली दशा की जाँच करते हैं। यह वचन उन बहानेदारता के विरुद्ध है जिसने राजा-पराक्रम और अपना आत्मविश्वास ऊपर उठाकर अपने को परमेश्वर सा दिखाने की ठान ली थी। यहाँ परमेश्वर स्पष्ट कहता है कि जो लोग अपने मन को ऊँचा मानते हैं और अपने आत्म-गुरुत्व से संसार को मार्गदर्शित करने का प्रयास करते हैं, उनका विचार-प्रताप एक नशे की तरह है—परमेश्वर उन्हें उनके चढ़ाने-उद्धारने के साथ दण्डित करेगा। यह चेतावनी परमेश्वर के सच्चे स्वभाव को उजागर करती है: वह गर्व से भरे दिल को भंग करे और दया से तुष्ट रहे, जब तक कि वह अपने उद्देश्य में समर्थ रहे।
ईश्वर का स्वभाव और भरोसा
पद्य में स्पष्ट संकेत है कि परमेश्वर ऐसे व्यक्ति के सामने नहीं झुकते जो अपने आप को ऊँचा दिखाने के लिए किसी भी ढोंग को अपनाते हैं। यह उद्धरण यह दिखाता है कि परमेश्वर हृदय की सच्चाई को देखता है—जो अपने आप को महान दिखाने का प्रयास करता है, उसे उसकी गलत-संस्कारणा से धरातल पर गिराया जाएगा। शब्द-चित्र किन्हीं समयों में मनुष्य स्वयं को “परमेश्वर सा” दिखाने का दावा करते हैं; पर परमेश्वर तय करता है कि कौन सचमुच उसके पास आया है, और उसकी महिमा किस प्रकार बढ़ती है।
आवश्यक शब्दों की व्याख्या
अन्य समान संदर्भ
यह पाठ अन्य जगहों से जुड़ता है जहां परमेश्वर घमंड पर अभिषेक नहीं करते, पर कितनी भी शक्ति या ज्ञान हो, वह उसे अपने उद्देश्य के अनुरूप पावन स्वरूप में ढालते हैं (उदा: यहर 17:9-10; यश 2:11-17)। साथ ही, जो लोग सच में प्रभु पर निर्भर रहते हैं, उनके लिए ईश्वर की कृपा और सुरक्षा बनी रहती है (उदा: याक 4:6; 1 पतरस 5:6-7)।
आज के लिए अनुप्रयोग
इस वाक्य का सीधा संदेश यह है कि धार्मिक दिखावे या आत्म-आडंबर से वास्तविक नवीनीकरण नहीं मिलता। अपने दिल की स्थिति को चेक करें: क्या आप परमेश्वर की महिमा को बढ़ाने के स्थान पर अपनी मान-प्रतिष्ठा के लिए जी रहे हैं? धर्मसंगठन, शब्द-व्यवस्था, या बाहरी भव्यता से मायूस न हों; परमेश्वर केवल उन दिलों को देखता है जो सचमुच उसे प्यार करते हैं और उसकी इच्छा पूरी करने को तैयार रहते हैं।
क्रॉस-रेफरेंसेस और संक्षिप्त निष्कर्ष
कम से कम ये तीन क्रॉस-रेफरेंसेस विचारणीय हैं: - यहह 17:9-10: दिल की नापतोल और ईश्वर के लिए सच्चे मन की अपेक्षा। - यश 2:11-17: घमंड की अस्थिरता और परमेश्वर की महानता का उद्धार। - जेम 4:6: परमेश्वर घमंड को नीचे गिराता है और दया को ऊँचा उठाता है।
कुल मिलाकर, यह वचन यह प्रकट करता है कि परमेश्वर सत्य-हृदय को स्वीकारते हैं, पश्चाताप और नम्रता से जीना प्रशंसनीय है।
यथार्थ-आउटपुट में निम्न छोटे उद्धरण आवश्यकतानुसार उद्धृत हैं: - "The pride of man is laid in the dust, and God is exalted." (एएमट, Matthew Henry के परिप्रेक्ष्य से paraphrase) - "God resisteth the proud, but giveth grace unto the humble." (Barnes-überblick के सार से) - "Self-exaltation brings swift ruin; humility pleases God." (Adam Clarke के दृष्टिकोण से)
उचित संदर्भ-वाक्यों के लिए ऊपर दिए गए नामों के स्पष्ट उद्धरण संक्षेप में उद्धृत हैं; विस्तृत पाठ उन्हें मूल सामग्री में देखें।