Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48


संदर्भ में संक्षिप्त व्याख्या — यहेजकेल 4:5
यहेक़ेले की यह396:4:5 में नबी को एक प्रकार का प्रतीकात्मक कृत्य करने का आदेश दिया गया है। परमेश्वर ने कहा कि नबी को ऐसे दिनों तक खड़ा रहना है जो इजराइल की अधर्मपूर्ण वर्षों की गणना के बराबर हों—तीन सौ नब्बे दिन। यह एक दृश्य भाषा है जो राष्ट्र के पापों का बोध कराती है और उनके परिणामस्वरूप आने वाली अनुशासनात्मक अवधि की अवधि को दर्शाती है।
विषय का मूल भाव
मुख्य रूप से वचन का अर्थ यह है कि परमेश्वर ने अपने न्याय को प्रतीकात्मक समय-रेखा में बांध कर दिखाया। तीन सौ नब्बे दिन यह संकेत करते हैं कि इजराइल के अधर्म की संख्या और उसकी परिणामी अवधि स्पष्ट है; नबी के द्वारा वह बोझ सहना और उस अवधि का प्रदर्शन, लोगों के समक्ष उनके पाप और उसके परिणामों का जीवंत प्रमाण बन गया। यह दिव्य अनुशासन का प्रदर्शन भी है—परमेश्वर धैर्यवान है, परन्तु पाप का असर निश्चित रूप से महसूस कराया जाता है।
तीन मुख्य विषय
संबंधित पद और तुलनात्मक विचार
ओबाद्दा और आमोस् में भी राष्ट्रों के पाप और उसके परिणामों का वर्णन मिलता है—यहाँ जैसा यहेजकेल ने प्रतीकात्मक भाषा इस्तेमाल की है, उसी तरह अन्य नबियों ने संकेतों और भविष्यवाणियों से समुदाय को चेताया।
मत्ती 23 में यीशु ने भी धर्मियों के पापों का उलेख करते हुए चेतावनियाँ दीं; दोनों मामलों में लक्ष होता है सुधार की पुकार।
विस्तृत तुलना के लिए देखें: कोईदूसरे भविष्यवक्ता पद (उदाहरणतः आमोस् 3) और नियमों में भगवान के अनुशासन के सिद्धांत।
व्यावहारिक प्रतिचिंतन
हमारे जीवन में यह पद हमें यह सिखाता है कि पाप के परिणाम निश्चित और गिने-परखे होते हैं। यह व्यक्तिगत आत्म-परीक्षण का आह्वान है: क्या मैं ऐसे व्यवहार में संलग्न तो नहीं जो मेरे और समुदाय के लिए भारी बोझ बन रहा है? परमेश्वर का उद्देश्य दंड से पहले चेताना और पश्चात्ताप के लिए मार्ग खोलना है। इस वचन से प्रेरणा लेकर हम सुधार, न्याय और दया की ओर लौट सकते हैं।
मिथक और पुरानी व्याख्याएँ
मैथ्यू हेनरी ने इस तरह के प्रतीकात्मक आदेशों को 'नबी के कृत्यों' के रूप में देखा जो जनता में प्रभाव डालते हैं; अल्बर्ट बार्न्स ने घटनाओं के ऐतिहासिक संदर्भ और अर्थ पर जोर दिया। एडम क्लार्क ने भी विवरणों के व्याख्यात्मक पहलुओं पर प्रकाश डाला। यहाँ कोई लंबा उद्धरण सम्मिलित नहीं किया गया है, पर इन पुरानी व्याख्याओं का समन्वय इस बात पर होता है कि यह पद चेतावनी, मापन और सुधार के लिए परमेश्वर के इरादे को स्पष्ट करता है।
संक्षेपित निष्कर्ष
यहेजकेल 4:5 में दिये गये दिनांकीय आदेश का केंद्रीय संदेश यह है कि पाप के परिणाम समयबद्ध और स्पष्ट होते हैं, और नबी के प्रतीकात्मक कृत्य का उद्देश्य राष्ट्र को उनके अधर्म का बोध कराना और उन्हें सुधार की ओर लौटाना है। यह पद न्याय के साथ-साथ अनिवार्य रूप से दया और पुनरुद्धार की संभावना भी दर्शाता है।