Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48Verse
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यहेजकेल 46:17 का स्पष्ट अर्थ
पवित्र गॉंथि में यह वचन स्पष्ट रूप से घोषणा करता है कि यदि किसी विशेष भाग के भीतर किसी अधिकारी या कर्मचारी को कुछ दिया जाए, तो उसका नियंत्रण और वापसी की व्यवस्था किस प्रकार होगी। यह कानून नगर-प्रखंड के भीतर संसाधनों के न्यायसंगत वितरण और वर्ष-वार छुट्टियों की पवित्रता की सुरक्षा को दर्शाता है। यह संकेत देता है कि धन या संपत्ति का स्वामित्व नहीं केवल एक व्यक्ति के पास स्थिर रहता, बल्कि समय-समय पर उसे नीति-नियमों के अनुसार फिर से निर्धारित किया जाना चाहिए।
केंद्रीय अर्थ
यह वचन बताता है कि सेवक या अधिकारी द्वारा प्राप्त संपत्ति का स्वामित्व एक निर्धारित अवधि तक बना रहता है, परन्तु छुट्टी वर्ष के बाद उसका मुआवज़ा और वापसी का प्रावधान है। अंततः निज भाग उसके पुत्रों को मिलना चाहिए। यह व्यवस्था समाज में न्याय, पारिवारिक उत्तरदायित्व, और राज्य की संसाधनीय सुरक्षा का संतुलन प्रस्तुत करती है।
तीन मुख्य विषय
कई संबंधी संदर्भ
1) वही सिद्धांत जहाँ संपत्ति का वितरण एक निश्चित काल तक सीमित रहता है, ताकि हर पीढ़ी अवसर प्राप्त करे।
2) परिवारिक विरासत और प्रत्येक पीढ़ी का आत्मीय अधिकार—सम्पत्ति अंत में पुत्रों में ही विभाजित हो।
3) सामाजिक-न्याय और परमेश्वर के विस्तार में रचना—न्याय के कानूनों के अंतर्गत संपत्ति का निष्पादन।
व्यावहारिक आत्म-चिंतन
व्यवहारिक रूप से यह पाठ हमें सिखाता है कि धन-सम्पत्ति केवल व्यक्तिगत लाभ नहीं, बल्कि समुदाय की स्थिरता और न्याय के लिए निरंतर पुनःवितरण के नियमों के अधीन हो। परिवार के लिए जिम्मेदारी बनती है कि वे अपनी संपत्ति को योग्य रीति-रिवाज और समयानुसार संचालित करें, ताकि बाद की पीढ़ियाँ भी संवेदना, ईमानदारी और कर्तव्य से प्रेरित रहें।
संक्षिप्त निष्कर्ष
यहहेजकेल 46:17 में एक स्पष्ट नियुक्ति है कि यदि किसी कर्मचारी को कुछ दिया जाए, तो छुट्टी वर्ष तक उसका भाग बना रहे; और अंत में उसका निज भाग पुत्रों को मिलेगा। यह परमेश्वर की व्यवस्था में न्याय, परिवारिक विरासत और संसाधन-नीति के संतुलन को दर्शाता है।
क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेप सार)
1) नीति के समान विचार: पुराने नियम में परिसंपत्ति का कानूनी वितरण और समय-सीमा का निर्देशित क्रम।
2) विरासत की सुरक्षा: परिवार के भीतर धन के हस्तांतरण का क्रम स्पष्ट रहता है ताकि पारिवारिक एकता बनी रहे।
3) सामाजिक न्याय: समाज के भीतर संसाधनों का उचित और न्यायपूर्ण वितरण परमेश्वर के उद्देश्य के अनुरूप है।
नोट: नीचे उद्धृत सीधे शब्दों के लिए Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के स्थिर पाठ के संक्षिप्त उद्धरण उपलब्ध होने पर केवल वही कहा गया है; पूरी पंक्तियों का पाठ यहाँ नहीं दिया गया है।