Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मत्ती 25:1 मत्ती 25:2 मत्ती 25:3 मत्ती 25:4 मत्ती 25:5 मत्ती 25:6 मत्ती 25:7 मत्ती 25:8 मत्ती 25:9 मत्ती 25:10 मत्ती 25:11 मत्ती 25:12 मत्ती 25:13 मत्ती 25:14 मत्ती 25:15 मत्ती 25:16 मत्ती 25:17 मत्ती 25:18 मत्ती 25:19 मत्ती 25:20 मत्ती 25:21 मत्ती 25:22 मत्ती 25:23 मत्ती 25:24 मत्ती 25:25 मत्ती 25:26 मत्ती 25:27 मत्ती 25:28 मत्ती 25:29 मत्ती 25:30 मत्ती 25:31 मत्ती 25:32 मत्ती 25:33 मत्ती 25:34 मत्ती 25:35 मत्ती 25:36 मत्ती 25:37 मत्ती 25:38 मत्ती 25:39 मत्ती 25:40 मत्ती 25:41 मत्ती 25:42 मत्ती 25:43 मत्ती 25:44 मत्ती 25:45 मत्ती 25:46



मत्थय 25:14 का सीधा अर्थ
यह पद यह बताता है कि राज्य के लिये भेजी गई शासन-शाखाओं की तरह परमेश्वर ने अपने दासों को यहरत संपत्ति-टुकड़े सौंपे, ताकि वे उन्हें मेहनत और जिम्मेदारी के साथ संभालें। यानि परमेश्वर के व्यवहार-विश्वास में, हमारे भाग-योगदान के लिए यह एक निहित प्रबंध है कि प्रत्येक को उसका-हिस्सा दिया गया है और उसे फलों तक पहुँचना है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह दावत-प्रकरण में यीशु बताए जाने वाले दासनुमा-गाथाओं (parable) का भाग है, जिसे वृहत्तर अध्याय 25 में तीन रोशनी-उदाहरणों के रूप में प्रस्तुत किया गया है: चौकसी के लिए तैयार रहना, दृष्टांत यह बताने के लिए कि भगवान के राज्य में समय-समय पर जिम्मेदारी बाँटी जाती है। इस विशिष्ट दास-प्रथा में “किसी मनुष्य के बाहर जाना” जैसा चित्रण है, जो अपनी संपत्ति को दासों के बीच बाँट देता है।
विश्लेषणात्मक अवलोकन
मूल संदेश के हल्के-हल्के बिंदु
संबद्ध पद-प्रकाशन (cross-references)
1) लूका 19:12-27: दासों के भाग-सम्पन्न उदाहरण का समानार्थी है; यह दिखाता है कि खजाने का प्रबंध और जोखिम सम युक्त है।
2) मत्ती 24:45-47: विश्वासी-प्रबंधक की निष्ठा और सेवकत्व के मूल्य पर जोर देता है।
3) 1 कुरिन्थियों 4:2: विश्वासी-उत्तरदायित्व की निष्ठा और विश्वस्त-कार्य की आवश्यकता पर मार्गदर्शन देता है।
कथा का छोटा व्यावहारिक निष्कर्ष
जो आप के पास है—योग्यता, समय, और सेवाग्राही संसाधन—उन्हें परमेश्वर के हाथों में रखते हुए मिलजुलकर आगे बढ़ें। डर या निष्क्रियता के बजाय विवेक से निवेश करें, ताकि प्रभु लौटने पर फल देख सकें।
निष्कर्ष
यह दास-परिस्थित उदाहरण हमें यह स्मरण कराता है कि प्रभु ने हमें अपनी संपत्ति और प्रतिभा दी है, ताकि हम उनका सदुपयोग करें। हमारी वासनाओं से ऊपर उठकर भक्तिसेवा और विश्वास-कार्य में वृद्धि ही परमेश्वर की योजना के अनुसार चलने का वास्तविक माप है।