मत्ती 25:45 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब वह उन्हें उत्तर देगा, ‘मैं तुम से सच कहता हूँ कि तुम ने जो इन छोटे से छोटों में से किसी एक के साथ नहीं किया, वह मेरे साथ भी नहीं किया।’

पिछला पद
« मत्ती 25:44
अगला पद
मत्ती 25:46 »

मत्ती 25:45 पद-दर-पद बाइबल टीका

मत्ती 25:45 का पठन-परिप्रेक्ष्य और व्याख्या

स्थिति मौलिक रूप से उस प्रकरण से जुड़ी है जहाँ प्रभु यीशु ने बानगी के रूप में “कंगालों, रोगियों, पथिकों” आदि के साथ किए गए कार्यों के आधार पर चरितार्थ प्रश्न किया: “जब तुम ने इनमें से किसी एक के साथ नहीं किया, तो तुम ने मेरे साथ भी नहीं किया।” यह वचन न्याय के दिन के निर्णय को सुसंगत रूप में प्रस्तुत करता है: जो भी दयालु सेवा, सहानुभूति और सामुदायिक सहभागिता से किसी का भला करता है, वह ईश्वर के राज्य के साथ सहभागिता करता है; जो इन से परहेज करता है, उसका भाग वेदना और अलगाव में है।

ईश्वर के बारे में यह पाठ क्या बताता है

यह वचन बताता है कि भगवान का न्याय सामाजिक-आत्मीय इमारत पर टिकता है। प्रभु के पास इन छोटे-छोटे में समूहीन लोग भी हैं—यानी समाज के शोषित और अनदेखे लोग—जिनके साथ हमारा व्यवहार सीधे उनके और परमेश्वर के संबंध को छूता है। व्यवहार और निष्ठा के पलों में, भगवान यह नहीं देखते कि हमने किन बड़े दायित्वों को निभाया, बल्कि यह देखता है कि लोगों के बीच प्रेम कैसे प्रकट हुआ। इससे यह प्रेरणा मिलती है कि ईश्वर सत्कार, करुणा और इंसान-परक सहायता को महत्त्व देता है।

शब्दों और चित्रणों की स्पष्टता

“इन छोटे से छोटों में से किसी एक के साथ नहीं किया” से तात्पर्य उन व्यक्तियों से है जिन्हें आम तौर पर समाज में बाद में मानवीय गरिमा के साथ नहीं लिया गया। यह शब्द ईश्वर के प्रति निष्ठा और संसार के भीतर दयालु कार्यों के बीच का नैतिक मंच दिखाता है: असंख्य छोटी-छोटी क्रियाएं भी अक्सर बड़े नतीजे लाती हैं, और किसी एक के साथ प्रेम-व्यवहार करने से परमेश्वर के आत्मीय प्रेम की प्रगटता होती है।

संबद्ध अन्य आयतें (संयोगात्मक पठन)

– मत्ती 10:42 में छोटे लोगों के लिए एक छोटी-सी सहायता भी प Dedication दिखाती है, कि कीमती प्रेम भीतर से बढ़ता है;

– याकूब 2:14-17, जहाँ आस्था के साथ कार्यों की योग्यता पर बल दिया गया है—कहते हैं कि बिना कार्यों की आस्था मरी हुई मानी जाती है;

– ल्युक 6:38, दया और बांट-चाह के जीवन के कर्म दिखाते हैं कि आशीर्वाद एक दूसरे के लिए खुलता है।

प्रमुख शब्दावलियाँ

  • कष्ट-पीड़ित जन: समाज के वे हिस्से जिनकी सहायता आवश्यक है।
  • सेवा का समान्य मान: छोटे-छोटे काम भी परमेश्वर के राज्य के निर्माण में भागीदारी निभाते हैं।

आज के लिए अनुप्रयोग

यह वचन हमें याद दिलाता है कि विश्वास मात्र के शब्द नहीं, बल्कि क्रिया-प्रधान प्रेम भी परमेश्वर के प्रेम-राज्य की कसौटी है। रोजमर्रा के जीवन में:

  • स्वयंसेवी सहायता, निराश लोगों का साथ देना, जरूरतमंदों के लिए साझा करना—ये सभी ईश्वर के प्रेम को दिखाते हैं।
  • अपने समुदाय में हाशिए पर पड़े लोगों के प्रति संवेदना बनाए रखना और उन के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना।
  • व्यक्तिगत आस्थाओं के साथ कर्मों की संगति—आस्था को व्यावहारिक प्रेम में बदलना।

संक्षेप सार: मत्ती 25:45 हमें बताता है कि ईश्वर का राज मानव-स्तर पर प्रेम और न्याय के कृत्यों से बनता है; दयालुता और सहायता की छोटी-छोटी चेष्टाएँ भी हमारे लिए जीवन और मृत्यु के निर्णय बन सकती हैं।

महत्वपूर्ण उद्धरण—Matthew Henry/Albert Barnes/Adam Clarke से संक्षेप टिप्पणी में “जो इन छोटे से छोटों में से किसी एक के साथ नहीं किया, वह मेरे साथ भी नहीं किया” के विचार का समर्थन मिलता है कि आस्थागत विश्वास और परमार्थ एकदूसरे के पर्याय हैं (जहाँ उपयुक्त स्थानों पर सीधे उद्धरण की पूर्ण पाठानुवृत्ति नहीं दी जा रही है; यदि आवश्यक हो, तो मैं इन टिप्पणियों के संक्षिप्त सार को और विशिष्ट उद्धरण दे सकता हूँ)।

क्रॉस-रेफरेंसेस

– मत्ती 10:42: अपेक्षित कर्तव्य का छोटा-सा संकेत भी आशीर्वाद बन सकता है।

– याकूब 2:14-17: आस्था और कर्मों का सामंजस्य आवश्यक है।

– लूक 6:38: दया-करुणा से जीवन खुलता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 25:45 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

मत्ती 25:40 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 25:40 (HINIRV) »
तब राजा उन्हें उत्तर देगा, ‘मैं तुम से सच कहता हूँ, कि तुम ने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से* किसी एक के साथ किया, वह मेरे ही साथ किया।’

नीतिवचन 21:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 21:13 (HINIRV) »
जो कंगाल की दुहाई पर कान न दे, वह आप पुकारेगा और उसकी सुनी न जाएगी।

नीतिवचन 17:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 17:5 (HINIRV) »
जो निर्धन को उपहास में उड़ाता है, वह उसके कर्त्ता की निन्दा करता है; और जो किसी की विपत्ति पर हँसता है, वह निर्दोष नहीं ठहरेगा।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें