Old Testament
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मत्ती 8:1 संदर्भ में विचार: भीड़ के पीछे उतरना
इस पदक में यीशु पहाड़ से उतरते ही बड़ी भीड़ उनके पीछे आ जाती है। इसका संदर्भ यह दिखाता है कि चमत्कारों के साथ उनका सार्वजनिकाप्त आना शुरू हो चुका था, और लोग उनके प्रति उत्सुकता से विविध रोगों और पापों के समाधान की उम्मीद लगाते थे। पहाड़ से उतरना, ऊँचे स्थान से नीचे आना, दर्शाता है कि यीशु पृथ्वी पर लोगों की रोजमर्रा की वास्तविकताओं के बीच पहुँच रहे हैं।
मुख्य अर्थ
यह वाक्य यीशु के ministiry के शुरूआती चरण की घड़ी है—एक ऐसे मुख्यमार्ग का संकेत जो लोगों को उनके दुखों से मुक्त करने की दिशा में ले जाता है। भीड़ का पीछे आना दर्शाता है कि लोग उम्मीद के साथ उनके प्रवचन, उपचार और निर्णय-रेखा को मान कर चलने को तैयार थे। एक सादगीपूर्ण चित्रण है कि प्रभु कैसे शरणागत, रोगी, और सामाजिक-निंदा से मुक्त लोगों के लिए आते हैं।
तीन प्रमुख विषय
संबद्ध पवित्र ग्रंथों से समन्वय
निर्देशार्थ संकेतों के रूप में इस वाक्य को यीशु के अन्य चमत्कारों के साथ जोड़ा जा सकता है जहाँ लोग उसकी शक्ति से तृप्त होते हैं और उनके विश्वास की पहच knih होती है। मत्ती 4:25-26 और लूका 6:17-19 जैसी घटनाओं में भीड़ें और रोगी लोग एक साथ आते हैं, यह दर्शाता है कि यीशु के आ làने से सम्बंधित अच्छा समाचार व्यापक प्रभाव डालते हैं। संलग्न संदर्भ में यह स्पष्ट होता है कि यीशु की उपस्थिति राज्य के शुरूआती संकेतों में से एक है।
आचार-ओपचार (व्यावहारिक विचार)
संक्षिप्त निष्कर्ष
मत्ती 8:1 यह संकेत देता है कि यीशु सहजता से नीचे आकर लोगों की दुःख-समस्याओं के बीच उपस्थित होते हैं, और यह पहला कदम है एक नया Kingdom के आगमन के लिए। यह हमारे लिए एक जागृति है कि प्रभु का सम्बन्ध सामान्य जीवन के साथ है और विश्वास के साथ वह हर परिस्थिति को परिवर्तन दे सकता है।
क्रॉस-रेफरेंस
1) मत्ती 4:25-26 — समाज के विभिन्न वर्गों से लोग उसकी ओर आकर्षित होते हैं; यह भीड़ के स्वरुप में प्रकट होता है कि उद्धार का संदेश व्यापक है। भूमिका: यीशु के प्रचार के प्रभाव का विस्तार।
2) लूका 6:17-19 — भीड़ उसके पीछे और उसके पास आकर उसे स्पर्श करती है; यह दर्शाता है कि प्रभु की शक्ति उन सब पर समान रूप से पहुँचती है। भूमिका: यीशु के बचाव और उपचार का व्यापक पहुँच।
3) मर्कुस 1:40-42 — कुष्ठीयों की यीशु के प्रति आसक्ति और उनका उपचार; यह चित्रण प्रस्तुत करता है कि यीशु किस प्रकार समुदाय के भीतर उपस्थित होकर रोगियों को चंगा करते हैं। भूमिका: प्रभु की दया और शक्ति का प्रवेश।
नोट: इस पाठ के लिए Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सामान्य-धारणा से लिए हर सार्वजानिक उद्धरण यदि उपलब्ध हों, वे नीचे उपलब्ध होंगे।