Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मत्ती 8:1 मत्ती 8:2 मत्ती 8:3 मत्ती 8:4 मत्ती 8:5 मत्ती 8:6 मत्ती 8:7 मत्ती 8:8 मत्ती 8:9 मत्ती 8:10 मत्ती 8:11 मत्ती 8:12 मत्ती 8:13 मत्ती 8:14 मत्ती 8:15 मत्ती 8:16 मत्ती 8:17 मत्ती 8:18 मत्ती 8:19 मत्ती 8:20 मत्ती 8:21 मत्ती 8:22 मत्ती 8:23 मत्ती 8:24 मत्ती 8:25 मत्ती 8:26 मत्ती 8:27 मत्ती 8:28 मत्ती 8:29 मत्ती 8:30 मत्ती 8:31 मत्ती 8:32 मत्ती 8:33 मत्ती 8:34



सूत्रस्थ स्थिति: मत्ती 8:14
यह पाठ बताता है कि यीशु ने पतरस के घर आकर उसकी सास को तेज बुखार में पाया। यह एक छोटी-सी घटना है, पर इसमें यीशु के करुणा-पूर्ण स्वभाव, प्रभु के अधिकार और समुदाय पर उनकी देखरेख का संकेत मिलता है।
फ्रेम में जो दिखता है: परमेश्वर का दयालु ध्यान
यही दृश्य बताता है कि यीशु व्यक्तिगत रूप से चोटिल, सामान्य जीवन के पल में भी उपस्थित रहते हैं। पतरस के घर में घटी यह घटना यह दिखाती है कि यीशु साधारण परिवारों की समस्याओं को भी महत्वपूर्ण मानते हैं। उनकी सास की बीमारी से प्रतीत होता है कि मसीह शारीरिक पीड़ा के साथ, घरेलू जिम्मेदारियों के बीच भी कदम रखते हैं।
महत्वपूर्ण शब्द और imagery का स्पष्टीकरण
अन्य आयतों से सम्बंध (cross-references)
अनुवादित टिप्पणी—पौराणिक विचारों से एकीकृत विवेचना
इस पाठ पर पहले से उपलब्ध commentary tradition से प्रेरित होकर यह समझ आता है कि पतरस के घर में यीशु का आगमन समाज के भीतर की चोटों को मान्यता देता है। Matthew Henry व Barnes-Clarke शैली के समन्वित विचार इस प्रकार समाहित करते हैं: यीशु केवल अंधविश्वासी चमत्कार नहीं दिखाते, बल्कि वे वास्तविक जीवन की ज़रूरतों—शारीरिक, भावनात्मक और सामाजिक—के लिए आते हैं।
व्यावहारिक today‑application
हम सीखते हैं कि विश्वास के साथ आने वाले लोगों के लिए Jesus की उपलब्धता कितनी व्यक्तिगत है। बीमारी या संकट फौरी तौर पर आ जाएँ, तो भी यीशु से सहायता माँगना सार्थक है। आपके परिवार में किसी के स्वास्थ्य-स्थिति के समय, prayer और विश्वास के साथ आराम ढूंढ़ना चाहिए, और समुदाय की कर्तव्यहीन सहायता पर्याप्त नहीं, बल्कि Jesus की दृष्टि से सहयोग अत्यावश्यक है।
संक्षिप्त समरी
पतरस के घर में यीशु का आना—सास के बुखार पर उसकी दयालु दृष्टि—प्रकट करता है कि परमेश्वर की शक्ति और करुणा व्यक्तिगत जीवन में क्रिया करती है। यह पाठ विश्वास की ठोस प्रकृति, यीशु के अधिकार, और घरेलू स्तर पर विश्वास के साथ सेवा के उदाहरण के रूप में खड़ा रहता है।