Old Testament
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मत्ती 4:25 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और गलील, दिकापुलिस*, यरूशलेम, यहूदिया और यरदन के पार से भीड़ की भीड़ उसके पीछे हो ली।
मत्ती 4:25 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
मत्ती 4:25 समानांतर पद और संबंधित वचन
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लूका 6:17 (HINIRV) »
तब वह उनके साथ उतरकर चौरस जगह में खड़ा हुआ, और उसके चेलों की बड़ी भीड़, और सारे यहूदिया, और यरूशलेम, और सोर और सीदोन के समुद्र के किनारे से बहुत लोग,

मरकुस 5:20 (HINIRV) »
वह जाकर दिकापुलिस में इस बात का प्रचार करने लगा, कि यीशु ने मेरे लिये कैसे बड़े काम किए; और सब अचम्भा करते थे।

मरकुस 3:7 (HINIRV) »
और यीशु अपने चेलों के साथ झील की ओर चला गया: और गलील से एक बड़ी भीड़ उसके पीछे हो ली।
मत्ती 4:25 पर टिप्पणी
पश्चिमीसमाज की मिसाल में यह पद बताता है कि यीशु के पहले प्रचार-यात्रा के दौरान समस्त क्षेत्र से भीड़ उसके पीछे हो आई। गलील की हलचल, दिकापुलिस, यरूशलेम, यहूदिया और यरदन के दूर-दराज़ क्षेत्रों के लोग एक साथ चलते हुए यीशु के साथ जुड़ते दिखते हैं। यह दृश्य पुस्तक के आरम्भिक प्रचार के व्यापक प्रभाव को दर्शाता है—लोगों की आकांक्षा, आस्था और प्रतीक्षा का उफना हुआ समाज।
केंद्रीय अर्थ
यह वाक्य दिखाता है कि यीशु के निकट आने से पहले लोगों में एक तेज़ उत्साह था जो देश भर में फैल रहा था—जहाँ वे लोग जो अपने भीतर अच्छाई की खोज कर रहे थे, उन्होंने यह मान लिया कि यीशु उनके हालात बदल देंगे। इस भीड़ के पीछे एक गहरी अभिलाषा है: अंधकार में बसे लोगों के लिए आशा का प्रकाश, रोग-पीड़ितों के लिए चंगाई, और शांति के संदेश का स्वागत।
दो-तीन प्रमुख थीम
अनुसंधान से जुड़ी चीजें (Cross-references)
यहाँ तीन संगत संदर्भ देखें—
ये संदर्भ दिखाते हैं कि प्रचार-कार्य वैश्विक दायरे में प्रभाव डालता है और एक समुदाय की आत्मा में परिवर्तन की आशा जगाता है।
व्यावहारिक विचार
आज के पाठकों के लिए यह दृश्य सिखाता है कि आस्था एक सामूहिक यात्रा है। आप भी अपने जीवन के क्षेत्र में विश्वास के बारे में खुले मन से पूछें: क्या मेरा जीवन यीशु के संदेश के अनुकूल है? क्या मैं समुदाय के साथ मिलकर प्रेम, करूणा और सत्य का प्रचार कर सकता/सकती हूँ?
संक्षिप्त समापन
मत्ती 4:25 यह संकेत देता है कि यीशु के प्रचार से प्रेरित जन-समूह देश भर में एकजुट होकर उसकी दिशा में आ रहा है। यह नया आरम्भ की प्रक्रिया है—जहाँ लीडरशिप और आस्था मिलकर एक व्यापक प्रभाव बनाते हैं।
हिंदी टिप्पणी का संकलन
यह पाठ भीड़ की शक्ति, समुदाय की एकता और ईश्वरीय उद्धार की राह दिखाने वाले संकेतों को एक साथ पेश करता है।
धार्मिक लेखकों से संक्षेप उद्धरण (यदि उपलब्ध):
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से सीधे वाक्यों के पूर्ण उद्धरण की जगह यहाँ छोटे सार उद्धरण दिए जाते हैं।
उद्धरण नोट: यदि इनके प्रकाशन-योग्य अंश उपलब्ध हों, वे यहाँ संक्षेप में समाहित होंगे।