Old Testament
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मत्ती 4:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
फिर शैतान उसे एक बहुत ऊँचे पहाड़ पर ले गया और सारे जगत के राज्य और उसका वैभव दिखाकर
मत्ती 4:8 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मत्ती 4:8 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 यूहन्ना 2:15 (HINIRV) »
तुम न तो संसार से और न संसार की वस्तुओं से प्रेम रखो यदि कोई संसार से प्रेम रखता है, तो उसमें पिता का प्रेम नहीं है।

मत्ती 16:26 (HINIRV) »
यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्त करे, और अपने प्राण की हानि उठाए, तो उसे क्या लाभ होगा? या मनुष्य अपने प्राण के बदले में क्या देगा?

प्रकाशितवाक्य 11:15 (HINIRV) »
जब सातवें स्वर्गदूत ने तुरही फूँकी, तो स्वर्ग में इस विषय के बड़े-बड़े शब्द होने लगे: “जगत का राज्य हमारे प्रभु का और उसके मसीह का हो गया और वह युगानुयुग राज्य करेगा।” (दानि. 7:27, जक. 14:9)
मत्ती 4:8—पहाड़ पर शैतान का परीक्षण (HINIRV)
इस पद में यीशु को निकट तौज्जोह में परमेश्वर के राज्य के सच्चे मूल्य से हटाकर शैतान ने एक ऊँचे पहाड़ पर ले जाकर पृथ्वी के सभी राजाओं और वैभव का अवसर दिखाया। यह परीक्षा बुरे प्रेरणा का एक प्रमुख दृश्य है: पापी शक्तियाँ स्वर्गीय उद्देश्य के सामने सवाल उठाती हैं और व्यक्ति के हृदय में भौतिक आकर्षणों की ताकत प्रस्तुत करती हैं। यीशु ने विश्वासपूर्वक परम पिता की योजना के अनुरूप दृढ़ता दिखाते हुए इनलौकिक आकर्षणों को त्याग दिया।
मुख्य अर्थ
यह वाकया स्पष्ट करता है कि प्रभु यीशु ने शैतान के विविध परीक्षणों के सामने आत्म-विश्वास और दृढ़ भक्तिभाव से लड़ाई जीती। शैतान ने जो कुछ दिखाया, वह सब अन्ततः अस्थायी और शून्य है; यीशु ने उसे अस्वीकार कर परमेश्वर के राज्य की सच्ची महिमा को ही अपनाने का निर्णय किया। यह हमें शिक्षा देता है कि जीवन में जब भी धन, भौतिक वैभव या लोकप्रियता की गिरफ्त हो, तो हमें परमेश्वर के वचन और उद्देश्य की गहराई याद रखनी चाहिए।
तीन प्रमुख विषय
संबंधित पद
यही प्रकार की परीक्षा पुराने नियम में भी दिखती है जब इब्राहीम को पुत्र के बल पर नहीं, बल्कि परमेश्वर पर विश्वास करने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अलावा, लूका 4:5-8 में भी शैतान के समान प्रयास दोहरते हैं, परन्तु यीशु ने शब्द से उसे परास्त किया। कुरान 3:133-136 जैसे अन्य ग्रंथों में भी सांसारिक आकर्षण बनाम आध्यात्मिक पुरस्कार की धारा बनती है; पर यह टिप्पणी केवल बाइबिलिक संदर्भ तक सीमित है।
व्यावहारिक चिंतन
- जब भी आप देखेंगे कि शक्तिशाली संदेश, पैसा या लोकप्रियता आपको लुभाने लगती है, तब यह याद रखें कि सभी छह दिन के वैभव अस्थायी हैं; परमेश्वर का राज्य ही स्थायी है।
- अपनी उम्मीदों को तौलें: क्या आपकी योजना परमेश्वर की कृपा और सिद्धान्तों के अनुरूप है या आप मौसम के आकर्षणों के पीछे भाग रहे हैं? प्रार्थना और पवित्र ग्रंथ के अध्ययन से मार्गदर्शन पायें।
छोटे संदर्भों के साथ समापन
1) अध्याय 4 में यीशु का अन्य परीक्षण भी शैतान से मिलता है और वह भी शब्द के साथ पारित होता है। 2) मत्ती 6:19-24 कर्म-धन-आकर्षण बनाम आकाशीय धरोहर के बारे में मार्गदर्शक संकेत देता है। 3) यूहन्ना 6:27 सच में भोजन और जीवन की परम सत्यता को दर्शाता है—जो वास्तविक वैभव है।
उद्धृत विचार (सार): इस पाठ का मूल संदेश है कि ईश्वर के राज्य की दृष्टि सबसे ऊपर हो और पृथ्वी के वैभव के पीछे भागना जीवन के लिए खरब नहीं।
संक्षेप: शैतान की पहाड़ी पर दिखायी गई वैभव-योजना में यीशु ने परमेश्वर के उद्देश्य की महत्ता को बनाए रखा, जिसने मानवता के लिए उद्धार का मार्ग प्रशस्त किया।
मुख्य स्रोत से प्रेरित अंतर्दृष्टियाँ: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke (पीBD स्त्रोतों के संक्षेप मिलाप के साथ). विशेष उद्धरण उपलब्ध नहीं मिलने पर भी सत्यार्थक रचना प्रस्तुत की गई है।
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