Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीमत्ती 4:9 बाइबल पद की व्याख्या
मत्ती 4:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
उससे कहा, “यदि तू गिरकर मुझे प्रणाम करे, तो मैं यह सब कुछ तुझे दे दूँगा*।”
मत्ती 4:9 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
मत्ती 4:9 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

दानिय्येल 5:18 (HINIRV) »
हे राजा, परमप्रधान परमेश्वर ने तेरे पिता नबूकदनेस्सर को राज्य, बड़ाई, प्रतिष्ठा और प्रताप दिया था;

2 कुरिन्थियों 4:4 (HINIRV) »
और उन अविश्वासियों के लिये, जिनकी बुद्धि को इस संसार के ईश्वर* ने अंधी कर दी है, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके।

प्रकाशितवाक्य 22:8 (HINIRV) »
मैं वही यूहन्ना हूँ, जो ये बातें सुनता, और देखता था। और जब मैंने सुना और देखा, तो जो स्वर्गदूत मुझे ये बातें दिखाता था, मैं उसके पाँवों पर दण्डवत् करने के लिये गिर पड़ा।
मत्ती 4:9 का महत्व और संदर्भ
यह वाक्य संसारिक दृष्टिकोण के वादों के सामने आत्म-त्याग, विश्वासयोग्यता और परमेश्वर के राज्य की खोज को केन्द्रित करता है। यीशु के चमत्कारिक परीक्षा-परिक्षण के दौरान शैतान द्वारा रखे गए उद्घोषणा के एक प्रमुख मोड़ में वह प्रस्ताव आता है: सभी सामर्थ्य, महिमा और सम्पन्नता एक क्षण में प्रदान की जाएगी यदि यीशु गिरकर उसकी पूजा करे। यह पल यह दर्शाता है कि किस प्रकार संसार की प्रसिद्धि और सफलताएँ गलत मार्ग से भी आ सकती हैं, यदि वे परमेश्वर के राज्य के लक्ष्य के अनुरूप न हों।
पारिवारिक संदर्भ और मूल भाव
यह घटना मत्ती के Gospel के चायनिष्ट तिहाई का हिस्सा है जहाँ यीशु जंगल में 40 दिनों तक परीक्षण सहते हैं। शैतान की परीक्षा के दौरान वह तीन प्रमुख प्रस्ताव रखता है: मौद्रिक समृद्धि और शक्ति, तसबियाँ, और अधिष्ठान के बिंदु। यहाँ एक ही बिंदु पर ध्यान है—कुल मिलाकर संसार की प्रशंसा और सत्ता के लिए प्रेरित होना बनाम परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप सत्यनिष्ठ बने रहना। यीशु का उत्तर, परमेश्वर की इच्छा के सामने, गुरुत्व और भक्ति का स्पष्ट निर्णय है: उसे केवल अपने परम पिता की आराधना और उसी की सेवकाई चाहिए।
मुख्य संदेश
इस वाक्य का मूल संदेश है: वास्तविक पूंजी और सत्ता उन चीजों में नहीं जो देखने में आकर्षक हों, बल्कि वे हैं जो परमेश्वर के राज्य के उद्देश्य के अनुरूप हों। शैतान के प्रस्ताव में तात्त्विक लाभ है, परन्तु यह भेंट पाप के बंधन में डाल सकता है। यीशु का उत्तर यह बताता है कि प्रणाम करना एक अद्वितीय, विश्वसनीय और एकमात्र प्रभु के साथ संबंध का अभिमान नहीं, बल्कि सच्ची उपासना का अभिप्राय है—जो केवल परमेश्वर को पूजित हो सकता है।
विवेचनात्मक दृष्टिकोण
यहाँ तीन विषय उभरते हैं:
क्रॉस-रेफरेंसे
सम्बन्धित अनुभाग जो विचार को दृढ़ करते हैं:
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि सच्ची पूजा परमेश्वर के वचनों के अनुरूप जीवनचर्या और निष्ठा पर टिकी रहती है, न कि सांसारिक आकर्षणों पर।
पवित्र लेखन से जुड़े निष्कर्ष
मसीही जीवन में आज भी अनेक प्रकार के प्रलोभन सामने आते हैं—समृद्धि, प्रभाव, और मान-सम्मान की चाह। मत्ती 4:9 हमें याद दिलाता है कि पहचान और सत्ता के लिए पहले परमेश्वर की आराधना और उसकी इच्छा को रखना आवश्यक है। यह पाठ भीतर की प्रेरणा को स्पष्ट करता है: प्रभु की आज्ञा के अनुसार जीना, न कि भय या लालच से प्रेरित होकर।
देवotional reflection
अपने दिल की गहराई से पूछिए: क्या मैं अपनी आस्था को सांसारिक सफलता के बराबर नहीं, बल्कि परमेश्वर के राज्य के लिए समर्पित कर रहा/रही हूँ? यदि कभी प्रलोभन के सामने मैं झुक जाऊँ, तो याद रहे कि केवल परमेश्वर की पूजा ही वास्तविक सुरक्षा और राह दिखाती है। अपने प्रभु को प्रणाम करें—हर दिन के छोटे-छोटे निर्णयों में भी उसकी इच्छा को सर्वोपरि मानें।
संक्षिप्त उद्धरण (यदि उपलब्ध)
यह पाठ सीधे-सीधे Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के समानांतर परिलक्षित होता है; नीचे इनके विचारों के छोटे अंश अपनाये गए हैं:
– “यद्यपि यह एक प्रलोभन है, पर यह भी दिखाता है कि परमेश्वर की पूजा में ही सच्ची स्वतंत्रता और जीवन है।” (संकेत-उद्धरण, सामान्य सार)
– “प्रभु के सामने गिरना ही सच्ची आराधना है; अन्य सब कुछ अस्थिर है।” (संकेत-उद्धरण, सामान्य सार)